600 करोड़ से हर घर को मिलेगी बिजली: निर्मल
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बिजली आपूर्ति से वंचित तमाम घरों में बिजली पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार ने पर्याप्त राशि मंजूर कर दी है। पंडित दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत केंद्र सरकार ने रियासत के लिए 600 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
इसका क्रियान्वयन युद्धस्तर पर किया जाएगा। राज्य के डिप्टी सीएम और बिजली मंत्री डॉ. निर्मल सिंह ने डिंगा अंब तहसील में दयालाचक छलां मार्ग समतलीकरण कार्य के उद्घाटन के दौरान यह बात कहीं।
डॉ. सिंह ने कहा कि राज्य में विकास का नया दौर चल रहा है। जम्मू, कश्मीर और लद्दाख खित्तों में बिना किसी भेदभाव के विकास सुनिश्चित किया जा रहा है।
दयालाचक छलां मार्ग को राजमार्ग का दर्जा दिए जाने का भरोसा दिलाते हुए मंत्री ने कहा कि मार्ग का छह किलोमीटर लंबा हिस्सा 150 लाख की लागत से तैयार होगा। कंडी और पर्वतीय इलाकों के जीवन को नए मार्ग तैयार होने से व्यापक राहत मिलेगी।
मंत्री ने खैर के पेड़ों की कटाई संबंधी मुद्दे पर कहा कि न्यायालय आदेश के अनुरूप ही इस मामले पर उचित फैसला किया जाएगा। इस अवसर पर जिला उपायुक्त रमेश कुमार ने बताया कि कठुआ जिले को ग्रीन जोन में रखा गया है, जिसकी वजह से राशन का कोटा कम भेजा जा रहा है।
कई इलाकों में नहीं है बिजली
जिला प्रशासन द्वारा स्टेट सब्जेक्ट बनाने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने, आधार कार्ड तैयार करने के लिए की जा रही व्यवस्थाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
जिला उपायुक्त ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वह लाडली बेटी योजना का भरपूर लाभ उठाने के लिए आगे आएं। इस अवसर पर जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों के आला अफसर, कई भाजपा नेता और स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे।
गौरतलब है कि रियासत में कई ऐसे इलाके हैं जहां लोगों के घरों में बिजली की सुविधा नहीं है। खासकर पर्वतीय इलाकों में अभी भी लोगों को बिजली की सुविधा नहीं मिल पाई है।
कठुआ जिले की बनी, बसोहली और बिलावर तहसील में कई ऐसे दूरदराज के पर्वतीय इलाके हैं, जहां आज भी लोगों को केरोसिन के तेज से घर में उजाला करना पड़ता है।
जोड़ेया माता मंदिर में नवरात्र के दिनों में भी सुचारु बिजली आपूर्ति के लिए श्रद्धालुओं को परेशान होना पड़ता है। ऐसे में यदि यह योजना परवान चढ़ती है, तो दूरदराज के पर्वतीय इलाकों को जरूर लाभ मिलेगा।