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Jammu News: एसआईटी, मजिस्ट्रेटी जांच और दो कर्मियों को सस्पेंड करने के बाद भी गुत्थी अनसुलझी

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Even after SIT, magisterial probe and suspension of two employees, the mystery remains unsolved
परवेज की मौत का मामला : मृतक के पक्ष का अहम चश्मदीद रिश्तेदार भी पकड़ से बाहर
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अब तक बयान भी दर्ज नहीं, 24 जुलाई को मुठभेड़ के दौरान गई थी जान
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। बहुचर्चित मोहम्मद परवेज मौत मामले के 10 दिन बाद भी मामले की गुत्थी अनसुलझी है। एसआईटी के गठन के बाद भी अभी तक सच सामने नहीं आया है। यहां तक कि मौके से भाग निकले परवेज के दूसरे रिश्तेदार को भी अभी तक नहीं पकड़ा जा सका है, जो इस मामले का अहम और परवेज पक्ष का प्रमुख चश्मदीद है।
बता दें कि 24 जुलाई को फ्लांय मंडाल क्षेत्र के सुराचक गांव में शाम पांच बजे पुलिस की स्पेशल ब्रांच कर्मियों की करनाला चक के रहने वाले मोहम्मद परवेज और उसके साथी सांबा के रहने वाले के साथ मुठभेड़ हुई थी। पुलिस का दावा था कि यह दोनों संदिग्ध नशा तस्कर थे। जब इन्हें पकड़ने का प्रयास किया गया तो पुलिस पर गोली चलाई गई।
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जवाबी कार्रवाई में परवेज की मौत हो गई थी जबकि साथी रिश्तेदार मौके से भाग गया। इसके बाद परवेज के परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने फर्जी तरीके से परवेज की हत्या की है। इस मामले के बाद खूब हल्ला मचा। पुलिस ने स्पेशल ब्रांच के दो कर्मियों बलजिंदर सिंह और पवन सिंह को सस्पेंड कर दिया।
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दोनों के खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए। साथ ही मामले की जांच के लिए डीएसपी दोमाना के नेतृत्व में एक एसआईटी का भी गठन किया। इस टीम में सतवारी और नगरोटा थाने के एसएचओ भी शामिल किए गए। यहां तक कि जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश भी दिए। पूरे घटनाक्रम के बाद भी अभी तक पता नहीं चल सका है कि मौका ए वारदात के दिन क्या हुआ था। अभी तक एसआईटी की तरफ से मामले के चश्मदीदों के बयान भी दर्ज नहीं किए गए हैं।
सीसीटीवी फुटेज न होना बड़ी चुनौती
बता दें कि मौका ए वारदात के आसपास 200 मीटर तक कोई सीसीटीवी नहीं है। पुलिस ने कुछ अन्य जगहों पर सीसीटीवी फुटेज जरूर लिया है जिसमें संदिग्ध बाइक सवार दिख रहे हैं। इसमें दो लोग मुंह बांधे हुए जा रहे हैं। ये उक्त कैमरे के सामने से काफी तेजी से निकले। इसलिए स्पष्ट नहीं हो रहा कि ये परवेज और उसका साथी हैं या फिर कोई और।


सीएम से लेकर मंत्री तक गए
इस मामले में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र चौधरी, मंत्री जावेद राणा, पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र रैना भी परवेज के घर गए। इसके बावजूद अभी तक मामला अनसुलझा है।
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