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जम्मू एयरपोर्ट विस्तार की अंतिम बाधा भी दूर, पर्यावरण मंत्रालय ने दी मंजूरी
Thu, 04 Jul 2019 02:11 AM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Thu, 04 Jul 2019 02:11 AM IST
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जम्मू एयरपोर्ट
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
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केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने जम्मू एयरपोर्ट के विस्तार प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। इसके तहत जम्मू एयरपोर्ट पर 92 करोड़ रुपये की लागत से रनवे की लंबाई का विस्तार होगा। वर्तमान में रनवे की लंबाई 2 हजार 42 मीटर है जो बढ़कर 2 हजार 438 मीटर हो जाएगी। इससे एयरपोर्ट पर विमान आसानी से लैंडिंग और टेक आफ कर पाएंगे। रनवे विस्तार प्रोजेक्ट को पर्यावरण मंत्रालय की क्लीयरेंस नहीं मिलने से निर्माण कार्य अटका था।
नई दिल्ली में पर्यावरण मंत्रालय की विशेषज्ञ मूल्यांकन समित (ईएसी)द्वारा रखी गई सभी शर्तों को एयरपोर्ट अथॉरिटी ने मान लिया है। इसमें अथॉरिटी को एयरपोर्ट के आसपास पौधारोपण करने, ग्रीण बेल्ट के विकास के लिए पर्याप्त स्थान देना शामिल है।
एयरपोर्ट अथॉरिटी आफ इंडिया और पर्यावरण मंत्रालय की एक्सपर्ट अप्रेजल कमेटी के बीच हुई बैठक में कहा गया कि प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य के शुरू करने से पहले जम्मू-कश्मीर पल्यूशन कंट्रोल बोर्ड से एयर एक्ट और वाटर एक्ट के तहत क्लीयरेंस लेने को कहा।
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इस दौरान एयरपोर्ट अथॉरिटी आफ इंडिया ने कहा एयरपोर्ट से निकले वाले कचरे के निस्तारण के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तैयार किया जाए ताकि वहां से निकलने वाले कचरे का सही तरीके से निस्तारण हो सके। एक्सपर्ट अप्रेजल कमेटी ने रनवे पर ऑपरेशन के दौरान होने वाले शोर को नियंत्रित करने को कहा है ताकि आसपास के लोगों को इससे परेशानी ना हो। इसके साथ आपदा प्रबंधन योजना भी तैयार करने को कहा है।
एयरपोर्ट के आसपास रहने वालों पर प्रोजेक्ट का फीसदी खर्च करना होगा
अंडर कॉर्पोरेट एनवायरनमेंट रिस्पांसिबिलिटी (सीईआर) के साथ प्रोजेक्ट की लागत का एक प्रतिशत रकम को एयरपोर्ट के आसपास रहने वाले लोगों के लिए पानी, सरकारी स्कूलों की मदद, लोगों के सार्वजनिक शौचालय, स्ट्रीट लाइट लगाने के कार्य में लगने के लिए कहा है। जम्मू एयरपोर्ट पर वर्तमान में 30 फ्लाइट ऑपरेशनल है, इसमें 15 लैडिंग और 15 टेक आफ करती हैं।
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नई दिल्ली में पर्यावरण मंत्रालय की विशेषज्ञ मूल्यांकन समित (ईएसी)द्वारा रखी गई सभी शर्तों को एयरपोर्ट अथॉरिटी ने मान लिया है। इसमें अथॉरिटी को एयरपोर्ट के आसपास पौधारोपण करने, ग्रीण बेल्ट के विकास के लिए पर्याप्त स्थान देना शामिल है।
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एयरपोर्ट अथॉरिटी आफ इंडिया और पर्यावरण मंत्रालय की एक्सपर्ट अप्रेजल कमेटी के बीच हुई बैठक में कहा गया कि प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य के शुरू करने से पहले जम्मू-कश्मीर पल्यूशन कंट्रोल बोर्ड से एयर एक्ट और वाटर एक्ट के तहत क्लीयरेंस लेने को कहा।
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इस दौरान एयरपोर्ट अथॉरिटी आफ इंडिया ने कहा एयरपोर्ट से निकले वाले कचरे के निस्तारण के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तैयार किया जाए ताकि वहां से निकलने वाले कचरे का सही तरीके से निस्तारण हो सके। एक्सपर्ट अप्रेजल कमेटी ने रनवे पर ऑपरेशन के दौरान होने वाले शोर को नियंत्रित करने को कहा है ताकि आसपास के लोगों को इससे परेशानी ना हो। इसके साथ आपदा प्रबंधन योजना भी तैयार करने को कहा है।
एयरपोर्ट के आसपास रहने वालों पर प्रोजेक्ट का फीसदी खर्च करना होगा
अंडर कॉर्पोरेट एनवायरनमेंट रिस्पांसिबिलिटी (सीईआर) के साथ प्रोजेक्ट की लागत का एक प्रतिशत रकम को एयरपोर्ट के आसपास रहने वाले लोगों के लिए पानी, सरकारी स्कूलों की मदद, लोगों के सार्वजनिक शौचालय, स्ट्रीट लाइट लगाने के कार्य में लगने के लिए कहा है। जम्मू एयरपोर्ट पर वर्तमान में 30 फ्लाइट ऑपरेशनल है, इसमें 15 लैडिंग और 15 टेक आफ करती हैं।
"अब तक 30 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। जून 2020 तक विस्तारीकरण का काम पूरा हो जाएगा।"-डॉ.पीआर भूरिया, निदेशक जम्मू एयरपोर्ट