अड़े इंजीनियर रशीद, अफजल पर घमासान तय
संसद पर हमले के आरोपी अफजल गुरु पर विधानसभा में हंगामा मचना तय है। लंगेट से विधायक इंजीनियर रशीद बजट सत्र में अफजल के अवशेष परिवारवालों को सौंपने संबंधी प्रस्ताव लाने की जिद पर अड़े हैं।
विपक्ष इस प्रस्ताव के बहाने ही सरकार को घेरने की रणनीति बनाने में जुट गया है। इस किलेबंदी के बीच भाजपा इस प्रस्ताव के पक्ष में नहीं है। रशीद के कदम से पीडीपी फंसी नजर आ रही है।
विधान परिषद चुनाव के दौरान पीडीपी के आठ विधायकों ने इंजीनियर रशीद को लिखित पत्र दिया था कि वे अफजल गुरु के अवशेष परिवारवालों को सौंपने के पक्ष में हैं।
इसको लेकर खूब हो हंगामा मचा था। इसे वोट लेने का गेम प्लान माना जा रहा था। तब पीडीपी-भाजपा गठजोड़ की सरकार अस्तित्व में नहीं आई थी, लेकिन अब पीडीपी सरकार का हिस्सा है।
प्रस्ताव के विरोध में भाजपा
इस मसले पर भाजपा का दबाव है कि इस प्रस्ताव को आने ही न दिया जाए। इसमें सहयोगी पीडीपी का भी सहयोग चाहिए होगा। भाजपा का मानना है कि इस प्रकार की मांग से राष्ट्रवाद की भावना को ठेस पहुंचेगी।
हालांकि, पीडीपी ने अभी पत्ता नहीं खोला है। सूत्र बताते हैं कि इंजीनियर रसीद का प्रस्ताव 30 मार्च या उसके बाद ही सदन में आएगा। उधर, नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) और कांग्रेस दोनों ही सत्ताधारी दलों को इस मुद्दे पर घेरने की तैयारी में है।
दोनों दल इंजीनियर रशीद के प्रस्ताव को समर्थन दे सकते हैं। नेकां के जम्मू संभाग के प्रधान देवेंद्र राणा का कहना है कि पार्टी विधायक दल के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला जम्मू आ चुके हैं।
एक-दो दिनों में विधायकों की बैठक कर बजट सत्र के लिए रणनीति बनाई जाएगी। नेकां मजबूत तथा सतर्क विपक्ष की भूमिका निभाएगी। बजट सत्र में नेकां-कांग्रेस साथ-साथ रहेंगे।