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जम्मू डेवलपमेंट अथारिटी की 60 हजार कनाल भूमि पर अतिक्रमण
Sun, 21 Feb 2021 01:50 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Sun, 21 Feb 2021 01:50 PM IST
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शहर में करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हुआ है। जमीन से कब्जा हटाने की कवायद चल रही है, लेकिन कुछ जगहों पर विभाग को जद्दोजहद करनी पड़ रही है। जम्मू डेवलपमेंट अथारिटी (जेडीए) की 80 हजार कनाल में से 60 हजार कनाल जमीन में अतिक्रमण है। दो साल में अभी तक 20 हजार कनाल जमीन से ही अतिक्रमण हटाया जा सका है। अतिक्रमण के कारण जेडीए के बड़े स्तर के प्रोजेक्ट अटके पड़े हैं।
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मौजूदा समय में सात से आठ प्रोजेक्ट ऐसे हैं जिन पर जेडीए काम शुरू नहीं करवा पा रहा है। इनमें चालक-परिचालक शेड, म्यूजिकल हाउस, हाउसिंग कॉलोनी समेत अन्य परियोजनाएं शामिल हैं, जो अतिक्रमण के कारण रुकी हुई हैं। नगर निगम की भी 10 हजार कनाल जमीन पर कब्जा किया गया है। अब नगर निगम इसको हटा रहा है। इसी तरह वन विभाग की जमीन पर सिद्दड़ा और अन्य जगहों में लोगों द्वारा अतिक्रमण किया गया है।
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यहां पर कई बार अतिक्रमण को हटाने के लिए अभियान चलाए गए, लेकिन पत्थरबाजी के कारण काम बीच में रुक गया। कुल मिलाकर वन विभाग की 50 हजार कनाल से ज्यादा भूमि पर कब्जा हुआ है। इस जमीन की कीमत करोड़ों रुपये में है। राजस्व विभाग की जमीन पर भी कब्जा है, सबसे ज्यादा कब्जा नेशनल हाईवे के किनारे है, यहां पर लोगों ने अवैध रूप से आवास बना लिए हैं। अब विभाग अपनी जमीन से कब्जा हटा रहा है।
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इसी तरह हाउसिंग बोर्ड की जमीन पर कब्जा होने के कारण भी कॉलोनी का काम रुका पड़ा है। दो माह पहले ही गोल बाजार से 10 कनाल जमीन पर बोर्ड ने कब्जा लिया है। अतिक्रमण हटाना विभागों के सामने चुनौती बन गया है।
कब्जे हटाने जाने वाली टीम पर किए जा रहे हमले
बीते दिनों बेली चराना, सिद्दड़ा, फ्लायं मंडाल समेत अन्य इलाकों में अतिक्रमण हटाने गई टीमों पर लोगों ने पहले पत्थरबाजी की और बाद में प्रदर्शन किए। इससे माहौल खराब हुआ। बाद में सेना की मदद लेनी पड़ी थी। इस दौरान टायर तक जलाए गए। जेडीए, नगर निगम, वन विभाग, राजस्व विभाग समेत अन्य विभागों की करोड़ों रुपये की मशीनरी को नुकसान पहुंचाया गया।