{"_id":"6a4c1aec861ffbaae80e88c0","slug":"employee-news-jammu-news-c-10-jmu1062-954667-2026-07-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: स्थायी कर्मियों को 25 लाख, डेलीवेजरों\nको मात्र पांच लाख रुपये बीमा सुविधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: स्थायी कर्मियों को 25 लाख, डेलीवेजरों को मात्र पांच लाख रुपये बीमा सुविधा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- 112 अस्थायी कर्मियों को करंट लगने की एक भी घटना में नहीं मिला लाभ, खुद के पैसे से चल रहा इलाज
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। बिजली विभाग के डेलीवेजरों को बीमा सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वर्ष 2000 से अब तक 112 कर्मी करंट लगने से घायल हुए हैं। राशि के अभाव में इलाज बीच में छोड़कर घर पर बैठने को मजबूर हैं। ड्यूटी के दाैरान हादसा होने पर डेलीवेजरों को पांच लाख रुपये का बीमा कवर दिया जाना है। अभी तक एक भी मामले में बीमा सुविधा नहीं मिली है जबकि स्थायी कर्मियों को 25 लाख रुपये तक बीमा कवर दिया जा रहा है।
विभाग के अनुसार बीमा सुविधा देने के लिए औपचारिकताएं पूरी की जा रहीं हैं। कर्मचारियों के खाते से लेकर दस्तावेज को एकत्रित करने का काम चल रहा है। बीमा कवर से करंट से झुलसने या फिर अन्य कारणों से घायल कर्मियों को लाभ मिलेगा। प्रदेशभर में विभाग में 10 हजार डेलीवेजर सेवाएं दे रहे हैं। पांच हजार स्थायी कर्मचारी हैं। साल में औसतन चार से पांच लाइनमैन करंट लगने से झुलस रहे हो हैं। इसमें दो से तीन अस्थाई होते हैं। नियमित कर्मचारी इलाज करवा लेते हैं लेकिन अस्थायी कर्मियों को परेशानी आती है। कई बार एसोसिएशन की तरफ से वित्तीय सहायता दी जाती है।
-- -- -
कर्मियों को बीमा कवर का लाभ दिया जाएगा। कार्रवाई पूरी की जा रही है। अस्थायी कर्मचारियों को भी इससे जोड़ा जाएगा।
- अरशद कुरैशी, मुख्य अभियंता, बिजली विभाग
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। बिजली विभाग के डेलीवेजरों को बीमा सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वर्ष 2000 से अब तक 112 कर्मी करंट लगने से घायल हुए हैं। राशि के अभाव में इलाज बीच में छोड़कर घर पर बैठने को मजबूर हैं। ड्यूटी के दाैरान हादसा होने पर डेलीवेजरों को पांच लाख रुपये का बीमा कवर दिया जाना है। अभी तक एक भी मामले में बीमा सुविधा नहीं मिली है जबकि स्थायी कर्मियों को 25 लाख रुपये तक बीमा कवर दिया जा रहा है।
विभाग के अनुसार बीमा सुविधा देने के लिए औपचारिकताएं पूरी की जा रहीं हैं। कर्मचारियों के खाते से लेकर दस्तावेज को एकत्रित करने का काम चल रहा है। बीमा कवर से करंट से झुलसने या फिर अन्य कारणों से घायल कर्मियों को लाभ मिलेगा। प्रदेशभर में विभाग में 10 हजार डेलीवेजर सेवाएं दे रहे हैं। पांच हजार स्थायी कर्मचारी हैं। साल में औसतन चार से पांच लाइनमैन करंट लगने से झुलस रहे हो हैं। इसमें दो से तीन अस्थाई होते हैं। नियमित कर्मचारी इलाज करवा लेते हैं लेकिन अस्थायी कर्मियों को परेशानी आती है। कई बार एसोसिएशन की तरफ से वित्तीय सहायता दी जाती है।
विज्ञापन
कर्मियों को बीमा कवर का लाभ दिया जाएगा। कार्रवाई पूरी की जा रही है। अस्थायी कर्मचारियों को भी इससे जोड़ा जाएगा।
- अरशद कुरैशी, मुख्य अभियंता, बिजली विभाग