जम्मू-श्रीनगर में एलिवेटेड रेल होगी शुरू, पहले व दूसरे चरण में दो कॉरिडोर चयनित
जम्मू-कश्मीर की दोनों राजधानियों में बेहतर यातायात प्रबंधन के लिए एलिवेटेड रेल ट्रांजिट सिस्टम की शुरुआत की जाएगी। दोनों शहरों में एलिवेटेड रेल के लिए पहले व दूसरे चरण में दो-दो कॉरिडोर का चयन किया गया है। इस पर साढ़े आठ हजार करोड़ रुपये का खर्च आएगा। फंड का इंतजाम ऋण, राज्य की इक्विटी और केंद्रीय सहायता से किया जाएगा।
आवास एवं शहरी विकास विभाग के प्रमुख सचिव धीरज गुप्ता ने बताया कि राज्य के दोनों राजधानी शहरों के लिए दो मास रैपिड ट्रांजिट कॉरपोरेशन (एमआरटीसी) को इस साल फरवरी में बनाया गया था। डॉ. ई श्रीधरन को इन निगमों के प्रधान सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया है। यह मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम (एमएमटीएस) और मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (एमआरटीएस) से संबंधित है। ये निगम शहरों में बेहतर यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करेंगे। नौकरीपेशा, शिक्षा, मनोरंजन तथा अन्य सुविधाओं के लिए सुरक्षित, सस्ती, त्वरित, आरामदायक और टिकाऊ सुविधा उपलब्ध कराने में अपनी भूमिका निभाएंगे।
राईटस (रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस) की ओर से राजधानी शहरों के लिए कंप्रिहेन्सिव मोबिलिटी प्लान तैयार किया गया था जिसे अपडेट किया जा रहा है। दोनों एमआरटीसी सिफारिशों को लागू करने के लिए और कदम उठाएंगे। ज्ञात हो कि राज्य प्रशासनिक परिषद ने सात जून को लाइट रेल ट्रांजिट सिस्टम के लिए एलिवेटेड कॉरिडोर के विकल्प को मंजूरी दी थी। राइट्स की ओर से इसके डीपीआर को अंतिम रूप दिया जा रहा है। यह लाइट रेल सिस्टम देश में पहला प्रस्तावित है, जिसमें कम शोर होगा। अधिक आराम और आसपास के परिदृश्य की झलक भी मिल सकेगी।
प्रस्तावित गलियारे
श्रीनगर:
चरण 1- दो गलियारे- एचएमटी जंक्शन से इंद्रा नगर और उस्मानाबाद से हजूरीबाग (25 किमी, 24 स्टेशन)
चरण 2- दो गलियारे- इंदिरा नगर से पांपोर बस स्टैंड और हजूरीबाग से हवाई अड्डे तक ( 17.5 किमी, 14 स्टेशन)
जम्मू:
चरण 1- दो गलियारे- बनतालाब से ग्रेटर कैलाश और उदयवाला से प्रदर्शनी ग्राउंड (23 किमी, 23 स्टेशन)
चरण 2- दो गलियारे- ग्रेटर कैलाश से बड़ी ब्राह्मणा रेलवे स्टेशन और प्रदर्शनी ग्राउंड से सतवारी चौक- एयरपोर्ट (20.5 किमी, 17 स्टेशन)
सिटी ई-बसों का संचालन
एमआरटीसी ने सार्वजनिक परिवहन में नए मानकों के तहत महानगरीय क्षेत्र के भीतर सिटी बसों के संचालन के लिए कदम उठाए हैं। ये ऐप आधारित व वातानुकूलित स्मार्ट ई-बसें होंगी, जिनमें स्वचालित किराया संग्रह प्रणाली होगी।