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Jammu News: बिजली विभाग के दिहाड़ीदार कर्मी आज से 72 घंटे की हड़ताल पर
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कैनाल स्थित विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन करते दिहाड़ीदार कर्मचारी।
जनशक्ति के आउटसोर्सिंग के निलंबन आदेश के बावजूद हड़ताल पर अड़े,
नियमितीकरण और मानदेय बढ़ाने की मांग
मुख्य अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन, नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जेपीडीसीएल) के मंगलवार की देर शाम से अगले आदेश तक जनशक्ति की आउटसोर्सिंग का निलंबन का आदेश निकालने के बावजूद दिहाड़ीकर्मी बुधवार से 72 घंटे की हड़ताल पर अड़े हैं। उनका कहना है कि डीपीसी के तहत 557 दिहाड़ीदारों को नियमित करने के साथ बाकियों के मामलों पर काम करें। उनका मानदेय 9,600 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये किया जाए।
प्रदेश में बुधवार को करीब 12,000 दिहाड़ीदार कर्मी हड़ताल पर रहेंगे, जिससे विद्युत विभाग में तकनीकी खराबी को दुरुस्त करने में समय लग सकता है। इस बीच मंगलवार को कनाल स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय पर दिहाड़ीदार कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। आल जेएंडके पीडीएल/टीडीएल एंड अदर्स वर्कर्स यूनियन पीडीडी के अध्यक्ष अखिल कुमार ने कहा कि बुधवार को दिहाड़ीदार कर्मी 72 घंटे की हड़ताल पर रहेंगे। पनामा चौक स्थित एमडी कार्यालय पर विरोध दर्ज किया जाएगा। हम आउटसोर्सिंग का विरोध कर रहे हैं। विभाग में 24-25 सालों से कार्यरत दिहाड़ीदार कर्मचारियों को 9600 रुपये मानदेय दिए जा रहे हैं, जबकि आउटसोर्सिंग पर 14,000 रुपये देने का प्रावधान रखा गया है। कर्मियों ने नारेबाजी करते हुए कि वे दिन रात अपनी सेवाएं दे रहे हैं, मगर उनकी जायज मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। कारपोरेशन के अधीन 4,950 दिहाड़ीदार कर्मचारी कार्यरत हैं। कर्मचारियों ने कोविड के दौरान भी जान जोखिम में रखकर काम किया है। सरकार अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए अधिक मानदेय पर भर्ती कर रही है, मगर पहले से काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित नहीं कर रही है। आउटसोर्सिंग भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।
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अधिकांश मरम्मत कार्यों में अस्थायी कर्मियों की सेवाएं ली जातीं
अस्थायी कर्मचारी लाइनों की मरम्मत, ट्रांसफार्मरों के अलावा फीडरों की मरम्मत करते हैं। अधिकांश इलाकों में लाइनमैनों की कमी चल रही है। ऐसे में ये कर्मचारी लाइनमैनों का काम भी देख रहे हैं और आपूर्ति बहाल रखते हैं।
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आउटसोर्सिंस का आदेश निलंबित किया
जेपीडीसीएल के एमजी यासिन एम चौधरी के अनुसार कर्मचारियों की आउटसोर्सिंग का आदेश निलंबित किया गया है।
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नियमितीकरण और मानदेय बढ़ाने की मांग
मुख्य अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन, नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जेपीडीसीएल) के मंगलवार की देर शाम से अगले आदेश तक जनशक्ति की आउटसोर्सिंग का निलंबन का आदेश निकालने के बावजूद दिहाड़ीकर्मी बुधवार से 72 घंटे की हड़ताल पर अड़े हैं। उनका कहना है कि डीपीसी के तहत 557 दिहाड़ीदारों को नियमित करने के साथ बाकियों के मामलों पर काम करें। उनका मानदेय 9,600 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये किया जाए।
प्रदेश में बुधवार को करीब 12,000 दिहाड़ीदार कर्मी हड़ताल पर रहेंगे, जिससे विद्युत विभाग में तकनीकी खराबी को दुरुस्त करने में समय लग सकता है। इस बीच मंगलवार को कनाल स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय पर दिहाड़ीदार कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। आल जेएंडके पीडीएल/टीडीएल एंड अदर्स वर्कर्स यूनियन पीडीडी के अध्यक्ष अखिल कुमार ने कहा कि बुधवार को दिहाड़ीदार कर्मी 72 घंटे की हड़ताल पर रहेंगे। पनामा चौक स्थित एमडी कार्यालय पर विरोध दर्ज किया जाएगा। हम आउटसोर्सिंग का विरोध कर रहे हैं। विभाग में 24-25 सालों से कार्यरत दिहाड़ीदार कर्मचारियों को 9600 रुपये मानदेय दिए जा रहे हैं, जबकि आउटसोर्सिंग पर 14,000 रुपये देने का प्रावधान रखा गया है। कर्मियों ने नारेबाजी करते हुए कि वे दिन रात अपनी सेवाएं दे रहे हैं, मगर उनकी जायज मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। कारपोरेशन के अधीन 4,950 दिहाड़ीदार कर्मचारी कार्यरत हैं। कर्मचारियों ने कोविड के दौरान भी जान जोखिम में रखकर काम किया है। सरकार अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए अधिक मानदेय पर भर्ती कर रही है, मगर पहले से काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित नहीं कर रही है। आउटसोर्सिंग भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।
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अधिकांश मरम्मत कार्यों में अस्थायी कर्मियों की सेवाएं ली जातीं
अस्थायी कर्मचारी लाइनों की मरम्मत, ट्रांसफार्मरों के अलावा फीडरों की मरम्मत करते हैं। अधिकांश इलाकों में लाइनमैनों की कमी चल रही है। ऐसे में ये कर्मचारी लाइनमैनों का काम भी देख रहे हैं और आपूर्ति बहाल रखते हैं।
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आउटसोर्सिंस का आदेश निलंबित किया
जेपीडीसीएल के एमजी यासिन एम चौधरी के अनुसार कर्मचारियों की आउटसोर्सिंग का आदेश निलंबित किया गया है।