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Election 2024 : दो पूर्व मुख्यमंत्रियों का चुनाव में बुरा हाल, उमर 15 और महबूबा 16 विधानसभा हलकों में हारे
Sat, 08 Jun 2024 05:47 AM IST
दुष्यंत शर्मा
डॉ. बृजेश कुमार सिंह, जम्मू
डॉ. बृजेश कुमार सिंह, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 08 Jun 2024 05:47 AM IST
सार
उमर अब्दुल्ला को 18 में से 15 और महबूबा मुफ्ती को अपने लोकसभा क्षेत्र में 18 में से 16 विधानसभा हलकों में हार का सामना करना पड़ा।
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उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती file
- फोटो : एजेंसी
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर में दो पूर्व मुख्यमंत्रियों का लोकसभा चुनाव में बुरा हाल रहा। उमर अब्दुल्ला को 18 में से 15 और महबूबा मुफ्ती को अपने लोकसभा क्षेत्र में 18 में से 16 विधानसभा हलकों में हार का सामना करना पड़ा। दिग्गज नेता उमर को केवल तीन तो महबूबा को दो विधानसभा हलकों में जीत का स्वाद मिला है। बारामुला से उमर निर्दलीय इंजीनियर रशीद और अनंतनाग-राजोरी में महबूबा नेकां प्रत्याशी मियां अल्ताफ से पराजित हुई हैं।
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उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, बारामुला सीट पर उमर अब्दुल्ला केवल पट्टन, गुरेज और बडगाम में निर्दलीय प्रत्याशी इंजीनियर रशीद से आगे रहे हैं। बडगाम में छह और पट्टन में चार मतों से उमर निर्दलीय प्रत्याशी से बढ़त हासिल कर सके। हंदवाड़ा में पीपुल्स कांफ्रेंस उम्मीदवार सज्जाद गनी लोन सब पर भारी रहे हैं। उन्हें इंजीनियर रशीद, नेकां और पीडीपी प्रत्याशी से अधिक वोट मिले हैं। अलगाववादियों के गढ़ रहे सोपोर, बॉर्डर इलाके उड़ी, करनाह में इंजीनियर रशीद के पक्ष में बंपर वोटिंग हुई है।
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इसी प्रकार महबूबा मुफ्ती का अनंतनाग-राजोरी सीट पर अनंतनाग जिले की दो विधानसभा सीटों ने साथ दिया है। बिजबिहाड़ा व अनंतनाग पश्चिम में वह जीतने वाले नेकां प्रत्याशी मियां अल्ताफ से आगे रही हैं। अन्य सीटों पर उनकी हालत पतली है। कुलगाम, डोरू, अनंतनाग, नौशेरा, राजोरी, बुद्धल में उन्हें 10 हजार से कम मत मिले हैं। मेंढर में उन्हें सबसे अधिक 26 हजार वोट हासिल हुए हैं। महबूबा का अनंतनाग में बेहतर प्रभाव माना जाता है, लेकिन लोकसभा चुनाव में मतदाताओं ने उनका साथ नहीं दिया। बिजबिहाड़ा में भी उन्हें लगभग ढाई हजार मतों की बढ़त मिल पाई है।
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अलगाववादी नईम खान के भाई को मिले थे 2019 मत
बारामुला सीट पर अलगाववादी नईम खान के भाई नजीर अहमद खान को 2019 मतों से संतोष करना पड़ा है। मुख्यधारा में शामिल होते हुए उन्होंने जम्मू कश्मीर नेशनलिस्ट पीपुल्स फ्रंट से चुनाव लड़ा था। 2019 में अनुच्छेद 370 हटने के बाद यह पहला मौका था जिसमें किसी अलगाववादी के भाई ने मुख्यधारा में शामिल होते हुए चुनाव लड़ने का फैसला किया था।
अनंतनाग में गैर स्थानीय को भी 6189 मत मिले
अनंतनाग राजोरी सीट पर गैर स्थानीय ने भी दांव लगाया था। मोहाली निवासी बलदेव कुमार मैदान में थे। उन्हें 6189 मत (0.6 फीसदी) हासिल हुए।
प्रत्याशी, मत और मत प्रतिशत
- इंजीनियर रशीद... 472481... 45.7
- उमर अब्दुल्ला... 268339... 25.95
- सज्जाद गनी लोन...173239... 16.76
- मियां अल्ताफ... 521836... 50.85
- महबूबा मुफ्ती... 240042... 23.39
- जफर इकबाल मन्हास... 142195... 13.86