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Jammu News: शैक्षणिक सत्र शुरू हुए 13 दिन बीते, बाजार में कक्षा एक से पांचवीं तक की पुस्तकें नहीं
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प्रेस में निजी स्कूल संचालकों की बैठक में भाग लेने वाले सदस्य
स्कूल शिक्षा बोर्ड ने विद्यार्थियों से जुड़ी सुविधाओं के शुल्क में की वृद्धि
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शैक्षणिक सत्र 2024-25 को शुरू हुए 13 दिन बीत गए है, लेकिन अभी तक बाजारों में कक्षा एक से पांचवीं तक की पुस्तकों नहीं मिल रही हैं। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है और अभिभावक भी परेशान हैं। जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड पुस्तकें उपलब्ध करवाने में विफल रहा है। बोर्ड लोगों को बेहतर सेवा देने की बजाए राजस्व जुटाने पर ज्यादा ध्यान दे रहा है। यह आरोप जम्मू-कश्मीर प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के सदस्यों ने शनिवार को प्रेसक्लब जम्मू में आयोजित एक बैठक में लगाए।
एसोसिएशन के सदस्यों ने बोर्ड की ओर से छात्रों के लिए विभिन्न सेवाओं के शुल्क में वृद्धि, संशोधन और निजी स्कूलों को समय पर संबद्धता जैसे विषयों पर चर्चा की चिंता व्यक्त की। सदस्यों ने कहा कि पुस्तक विक्रेताओं के पास अभी तक कक्षा एक से पांचवीं की पुस्तकें नहीं है। साथ ही बोर्ड ने परीक्षा फीस, आरआर, पुनर्मूल्यांकन शुल्क, पात्रता शुल्क, संबद्धता शुल्क, नाम, जन्मतिथि सुधार शुल्क में वृद्धि कर दी है। एसोसिएशन ने स्कूल शिक्षा विभाग के प्रशासनिक सचिव से जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा फीस वृद्धि की अधिसूचना को वापिस लेने की मांग की है। साथ ही 20 अप्रैल से पहले सभी प्रकार की पुस्तकों की आपूर्ति करने के लिए प्रशासनिक सचिव से बोर्ड को निर्देश देने की भी मांग की है। बैठक में अजय गुप्ता, सत पाल मंसोत्रा, लाल चंद गंडोत्रा, संजीव लूथरा, अजय सिंह, विनीत गुप्ता, विशाल सिंह, गौरव चाढ़क, डॉ. मदन मोहन व अन्य मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शैक्षणिक सत्र 2024-25 को शुरू हुए 13 दिन बीत गए है, लेकिन अभी तक बाजारों में कक्षा एक से पांचवीं तक की पुस्तकों नहीं मिल रही हैं। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है और अभिभावक भी परेशान हैं। जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड पुस्तकें उपलब्ध करवाने में विफल रहा है। बोर्ड लोगों को बेहतर सेवा देने की बजाए राजस्व जुटाने पर ज्यादा ध्यान दे रहा है। यह आरोप जम्मू-कश्मीर प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के सदस्यों ने शनिवार को प्रेसक्लब जम्मू में आयोजित एक बैठक में लगाए।
एसोसिएशन के सदस्यों ने बोर्ड की ओर से छात्रों के लिए विभिन्न सेवाओं के शुल्क में वृद्धि, संशोधन और निजी स्कूलों को समय पर संबद्धता जैसे विषयों पर चर्चा की चिंता व्यक्त की। सदस्यों ने कहा कि पुस्तक विक्रेताओं के पास अभी तक कक्षा एक से पांचवीं की पुस्तकें नहीं है। साथ ही बोर्ड ने परीक्षा फीस, आरआर, पुनर्मूल्यांकन शुल्क, पात्रता शुल्क, संबद्धता शुल्क, नाम, जन्मतिथि सुधार शुल्क में वृद्धि कर दी है। एसोसिएशन ने स्कूल शिक्षा विभाग के प्रशासनिक सचिव से जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा फीस वृद्धि की अधिसूचना को वापिस लेने की मांग की है। साथ ही 20 अप्रैल से पहले सभी प्रकार की पुस्तकों की आपूर्ति करने के लिए प्रशासनिक सचिव से बोर्ड को निर्देश देने की भी मांग की है। बैठक में अजय गुप्ता, सत पाल मंसोत्रा, लाल चंद गंडोत्रा, संजीव लूथरा, अजय सिंह, विनीत गुप्ता, विशाल सिंह, गौरव चाढ़क, डॉ. मदन मोहन व अन्य मौजूद रहे।
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