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Jammu News: विषयों की दीवारें तोड़कर आगे बढ़ेगा शोध, जेयू में राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू
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दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन की शुरुआत करते कुलपति उमेश राय व अन्य स्रोत - विवि
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- गणित, सांख्यिकी और संगणकीय विज्ञान पर दो दिन मंथन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू विश्वविद्यालय (जेयू) में गणित, सांख्यिकी और संगणकीय विज्ञान से जुड़े दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन की सोमवार को शुरुआत हुई। सम्मेलन का आयोजन गणितीय विज्ञान संकाय के तहत गणित, सांख्यिकी और संगणक विज्ञान विभागों ने मिलकर किया है। इसमें विभिन्न विषयों के साझा प्रयोग और नए शोध रुझानों पर चर्चा की जा रही है।
सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए कुलपति उमेश राय ने कहा कि आज शोध और तकनीकी प्रगति के लिए विभिन्न विषयों के बीच समन्वय जरूरी है। गणित, सांख्यिकी और संगणक विज्ञान के बिना आधुनिक शोध अधूरा है। नई शिक्षा नीति भी बहुविषयक अध्ययन और कौशल विकास पर जोर देती है। मुख्य अतिथि शहीद भगत सिंह राज्य विश्वविद्यालय, फाजिल्का के कुलपति सुरेश कुमार शर्मा ने कहा कि आधुनिक शोध में आंकड़ों की भूमिका सबसे अहम हो गई है। स्वास्थ्य, प्रशासन और उद्योग में गणित और सांख्यिकी के उपयोग से ठोस नतीजे सामने आ रहे हैं।
विशिष्ट अतिथि एके नायक ने कहा कि संगणकीय विज्ञान नवाचार और डिजिटल बदलाव का आधार है। उन्होंने युवाओं से नए क्षेत्रों में शोध के लिए आगे आने का आह्वान किया। सांख्यिकी विभाग के अध्यक्ष जे पी सिंह जूरैल ने बताया कि वर्ष 2026 से विश्वविद्यालय में पांच वर्षीय एकीकृत पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू विश्वविद्यालय (जेयू) में गणित, सांख्यिकी और संगणकीय विज्ञान से जुड़े दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन की सोमवार को शुरुआत हुई। सम्मेलन का आयोजन गणितीय विज्ञान संकाय के तहत गणित, सांख्यिकी और संगणक विज्ञान विभागों ने मिलकर किया है। इसमें विभिन्न विषयों के साझा प्रयोग और नए शोध रुझानों पर चर्चा की जा रही है।
सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए कुलपति उमेश राय ने कहा कि आज शोध और तकनीकी प्रगति के लिए विभिन्न विषयों के बीच समन्वय जरूरी है। गणित, सांख्यिकी और संगणक विज्ञान के बिना आधुनिक शोध अधूरा है। नई शिक्षा नीति भी बहुविषयक अध्ययन और कौशल विकास पर जोर देती है। मुख्य अतिथि शहीद भगत सिंह राज्य विश्वविद्यालय, फाजिल्का के कुलपति सुरेश कुमार शर्मा ने कहा कि आधुनिक शोध में आंकड़ों की भूमिका सबसे अहम हो गई है। स्वास्थ्य, प्रशासन और उद्योग में गणित और सांख्यिकी के उपयोग से ठोस नतीजे सामने आ रहे हैं।
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विशिष्ट अतिथि एके नायक ने कहा कि संगणकीय विज्ञान नवाचार और डिजिटल बदलाव का आधार है। उन्होंने युवाओं से नए क्षेत्रों में शोध के लिए आगे आने का आह्वान किया। सांख्यिकी विभाग के अध्यक्ष जे पी सिंह जूरैल ने बताया कि वर्ष 2026 से विश्वविद्यालय में पांच वर्षीय एकीकृत पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
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