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Jammu News: पंचायती राज के अफसर पढ़ेंगे प्रबंधन व तकनीक का पाठ
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पंचायती राज के अफसर पढ़ेंगे प्रबंधन व तकनीक का पाठ
जम्मू-कश्मीर व लद्दाख से पांच-पांच कार्मिकों को मिलेगा प्रशिक्षण का मौका
देश भर में लागू होगा कार्यक्रम, आईआईएम और आईआईटी जैसे प्रबंधन संस्थानों में ले सकेंगे दाखिला
प्रशिक्षण में महिलाओं को 50 प्रतिशत हिस्सेदारी
अमर उजाला ब्यूरो-रोली खन्ना
जम्मू। पंचायती राज विभाग के अधिकारी आईआईएम व आईआईटी जैसे संस्थानों में प्रबंधन व तकनीक की पढ़ाई कर सकेंगे। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के भी पांच-पांच कार्मिकों को हर साल प्रशिक्षण का मौका मिलेगा। पंचायती राज से जुड़े अफसरों-कर्मचारियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने और उन्हें तकनीकी रूप से और ज्यादा सक्षम बनाने के उद्देश्य से ये योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 से देश भर में लागू की जा रही है। प्रत्येक कार्मिक की पढ़ाई पर आने वाला अधिकतम 10 लाख रुपये तक का खर्च सरकार उठाएगी।
प्रशिक्षण का ये लांग टर्म डोमेस्टिक ट्रेनिंग प्रोग्राम पंचायती राज मंत्रालय के राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत तैयार किया गया है। इसमें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख समेत सभी केंद्र शासित प्रदेश से हर साल पांच-पांच अफसरों को पढ़ाई करने का मौका मिलेगा। 10-10 अफसर उत्तर पूर्वी और पहाड़ी इलाकों से और अन्य 17 राज्यों से 20-20 अधिकारी प्रति वर्ष अपनी पसंद के पाठ्यक्रम में दाखिला ले सकेंगे। पंचायत के एग्जीक्यूटिव अधिकारी, डवलपमेंट अधिकारी, पंचायत सचिव और इनके समकक्ष इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा ले सकेंगे। इसके अलावा ब्लाॅक लेवल के अफसर और निदेशालय में कार्यरत असिस्टेंट और डिप्टी डायरेक्टर व इससे ऊपर के अधिकारी भी इस मौके का फायदा ले सकते हैं। पंचायती राज कैडर के तहत नियुक्त जूनियर इंजीनियर भी अपनी तकनीकी क्षमता में निखार लाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
प्रत्येक कार्मिक पर 10 लाख रुपये तक खर्च करेगी सरकार
यह एक स्पांसरशिप प्रोग्राम है। आवेदक के रहने-खाने, प्रवेश व ट्यूशन फीस जैसे सभी खर्चों का सरकार उठाएगी। यह खर्च सीमा अधिकतम 10 लाख रुपये तक होगी। इससे अधिक और अतिरिक्त खर्च को अधिकारी को खुद उठाना होगा। एक अधिकारी एक प्रोग्राम का नियम लागू होगा। यदि कोई दोबारा इस स्कीम के तहत आवेदन करना चाहता है तो पांच साल बाद ही कर सकेगा। वहीं इस योजना के तहत वही आवेदन कर सकेंगे जिन्होंने पंचायती राज विभाग में अपनी सेवा के सात साल पूरे कर लिए हों। साफ सुथरा सर्विस रिकार्ड हो और बीते पांच सालों में उन्हें वेरी गुड ग्रेड मिला हो। वहीं आवेदन की तिथि एक जुलाई से आवेदक की उम्र 50 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए।
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आरक्षण व महिलाओं को 50 फीसदी हिस्सेदारी
इस प्रोग्राम के तहत अनसूचित जाती, जनजाति व पिछड़ा वर्ग के लिए लागू आरक्षण व्यवस्था इसमें भी लागू होगी। वहीं प्रशिक्षण में महिला कार्मिकों को 50 फीसदी हिस्सेदारी मिलेगी।
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जम्मू-कश्मीर व लद्दाख से पांच-पांच कार्मिकों को मिलेगा प्रशिक्षण का मौका
देश भर में लागू होगा कार्यक्रम, आईआईएम और आईआईटी जैसे प्रबंधन संस्थानों में ले सकेंगे दाखिला
प्रशिक्षण में महिलाओं को 50 प्रतिशत हिस्सेदारी
अमर उजाला ब्यूरो-रोली खन्ना
जम्मू। पंचायती राज विभाग के अधिकारी आईआईएम व आईआईटी जैसे संस्थानों में प्रबंधन व तकनीक की पढ़ाई कर सकेंगे। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के भी पांच-पांच कार्मिकों को हर साल प्रशिक्षण का मौका मिलेगा। पंचायती राज से जुड़े अफसरों-कर्मचारियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने और उन्हें तकनीकी रूप से और ज्यादा सक्षम बनाने के उद्देश्य से ये योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 से देश भर में लागू की जा रही है। प्रत्येक कार्मिक की पढ़ाई पर आने वाला अधिकतम 10 लाख रुपये तक का खर्च सरकार उठाएगी।
प्रशिक्षण का ये लांग टर्म डोमेस्टिक ट्रेनिंग प्रोग्राम पंचायती राज मंत्रालय के राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत तैयार किया गया है। इसमें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख समेत सभी केंद्र शासित प्रदेश से हर साल पांच-पांच अफसरों को पढ़ाई करने का मौका मिलेगा। 10-10 अफसर उत्तर पूर्वी और पहाड़ी इलाकों से और अन्य 17 राज्यों से 20-20 अधिकारी प्रति वर्ष अपनी पसंद के पाठ्यक्रम में दाखिला ले सकेंगे। पंचायत के एग्जीक्यूटिव अधिकारी, डवलपमेंट अधिकारी, पंचायत सचिव और इनके समकक्ष इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा ले सकेंगे। इसके अलावा ब्लाॅक लेवल के अफसर और निदेशालय में कार्यरत असिस्टेंट और डिप्टी डायरेक्टर व इससे ऊपर के अधिकारी भी इस मौके का फायदा ले सकते हैं। पंचायती राज कैडर के तहत नियुक्त जूनियर इंजीनियर भी अपनी तकनीकी क्षमता में निखार लाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
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प्रत्येक कार्मिक पर 10 लाख रुपये तक खर्च करेगी सरकार
यह एक स्पांसरशिप प्रोग्राम है। आवेदक के रहने-खाने, प्रवेश व ट्यूशन फीस जैसे सभी खर्चों का सरकार उठाएगी। यह खर्च सीमा अधिकतम 10 लाख रुपये तक होगी। इससे अधिक और अतिरिक्त खर्च को अधिकारी को खुद उठाना होगा। एक अधिकारी एक प्रोग्राम का नियम लागू होगा। यदि कोई दोबारा इस स्कीम के तहत आवेदन करना चाहता है तो पांच साल बाद ही कर सकेगा। वहीं इस योजना के तहत वही आवेदन कर सकेंगे जिन्होंने पंचायती राज विभाग में अपनी सेवा के सात साल पूरे कर लिए हों। साफ सुथरा सर्विस रिकार्ड हो और बीते पांच सालों में उन्हें वेरी गुड ग्रेड मिला हो। वहीं आवेदन की तिथि एक जुलाई से आवेदक की उम्र 50 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए।
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आरक्षण व महिलाओं को 50 फीसदी हिस्सेदारी
इस प्रोग्राम के तहत अनसूचित जाती, जनजाति व पिछड़ा वर्ग के लिए लागू आरक्षण व्यवस्था इसमें भी लागू होगी। वहीं प्रशिक्षण में महिला कार्मिकों को 50 फीसदी हिस्सेदारी मिलेगी।