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दा से कम बच्चों वाले स्कूल होंगे मर्ज, खाका तैयार
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जम्मू। स्कूल शिक्षा विभाग प्रदेश में दो हजार के करीब स्कूलों को मर्ज करने की तैयारी कर रहा है। ऐसे स्कूलों की सूची भी तैयार कर ली हैं। 10 बच्चों से कम नामांकन वाले स्कूल, जिनमें एक शिक्षक तैनात है उन्हें मर्ज किया जाएगा। इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को मर्ज किए हुए स्कूल में दाखिल किया जाएगा। प्रदेश में शिक्षक-छात्र अनुपात को बराबर करने के लिए शिक्षा विभाग इस प्रक्रिया को शुरू करने जा रहा है।
10 बच्चों से कम वाले स्कूलों की सबसे ज्यादा संख्या डोडा, किश्तवाड़, रामबन, राजोरी जिले के ग्रामीण जिलों में है। विभाग ने ऐसे स्कूलों की सूची तैयार कर रहा है। इन स्कूलों में दस से कम बच्चे हैं, लेकिन दो शिक्षक तैनात है। ऐसे विभाग इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का दाखिला मर्ज किए जाने वाले स्कूलों में किया जाएगा। जम्मू-कश्मीर में कुल 29708 सरकारी स्कूल हैं। मर्ज किए जाने वाले 95 फीसदी स्कूल ग्रामीण क्षेत्रों में है। शिक्षकों द्वारा नियमित रूप से स्कूल नहीं आने, पर्याप्त पढ़ाई नहीं होने के कारण अभिभाव बच्चों को सरकारी स्कूलों से निकाल रहे हैं। कम दाखिले वाले स्कूलों में वार्षिक अलाउंस मिल रहा है, लेकिन बच्चों की संख्या नहीं बढ़ रही है। विभाग इन स्कूलों को मिलने वाला अलाउंस मर्ज किए जाने वाले स्कूलों ही देगी, ताकि बच्चों के लिए आईटीसी लैब, लाइब्रेरी, प्रयोगशाला जैसे सुविधाओं का विकास किया जा सके।
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प्रदेश ऐसे स्कूल है जहां पर दस से कम बच्चों का दाखिला और दो शिक्षक तैनात हैं, इन स्कूलों को मर्ज कर पास वाले स्कूलों में मिलाया जाएगा। इसको लेकर तैयारी शुरू कर ली है। इस प्रक्रिया को नए सत्र तक पूरा कर लिया गया है।
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बीके सिंह, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग
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10 बच्चों से कम वाले स्कूलों की सबसे ज्यादा संख्या डोडा, किश्तवाड़, रामबन, राजोरी जिले के ग्रामीण जिलों में है। विभाग ने ऐसे स्कूलों की सूची तैयार कर रहा है। इन स्कूलों में दस से कम बच्चे हैं, लेकिन दो शिक्षक तैनात है। ऐसे विभाग इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का दाखिला मर्ज किए जाने वाले स्कूलों में किया जाएगा। जम्मू-कश्मीर में कुल 29708 सरकारी स्कूल हैं। मर्ज किए जाने वाले 95 फीसदी स्कूल ग्रामीण क्षेत्रों में है। शिक्षकों द्वारा नियमित रूप से स्कूल नहीं आने, पर्याप्त पढ़ाई नहीं होने के कारण अभिभाव बच्चों को सरकारी स्कूलों से निकाल रहे हैं। कम दाखिले वाले स्कूलों में वार्षिक अलाउंस मिल रहा है, लेकिन बच्चों की संख्या नहीं बढ़ रही है। विभाग इन स्कूलों को मिलने वाला अलाउंस मर्ज किए जाने वाले स्कूलों ही देगी, ताकि बच्चों के लिए आईटीसी लैब, लाइब्रेरी, प्रयोगशाला जैसे सुविधाओं का विकास किया जा सके।
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प्रदेश ऐसे स्कूल है जहां पर दस से कम बच्चों का दाखिला और दो शिक्षक तैनात हैं, इन स्कूलों को मर्ज कर पास वाले स्कूलों में मिलाया जाएगा। इसको लेकर तैयारी शुरू कर ली है। इस प्रक्रिया को नए सत्र तक पूरा कर लिया गया है।
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बीके सिंह, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग