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‘पांपोर हमले के दौरान CRPF जवानों ने काफी संयम बरता’

Fri, 01 Jul 2016 12:23 AM IST
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर Updated Fri, 01 Jul 2016 12:23 AM IST
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During the attack CRPF jawans considerable restraint
व‌िधानसभा में बोलते उप मुख्यमंत्री - फोटो : Amar Ujala
विधानसभा में सरकार ने कहा कि पांपोर में सीआरपीएफ पर आतंकी हमले के दौरान जवानों ने काफी संयम बरता। उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह ने जवानों की शहादत को सर्वोच्च बलिदान बताते हुए कहा कि अपने ऊपर आतंकियों द्वारा ताबड़तोड़ गोलियां बरसता देखने के बावजूद जवानों ने असाधारण वीरता का उदाहरण पेश किया।
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उन्होंने कहा कि अगर हमले के दौरान सीआरपीएफ जवान आतंकियों का जवाब देते तो पता नहीं कितने स्थानीय लोग मारे जाते। उन्होंने साथी जवानों को शहीद होते देखने के बावजूद धैर्य और संयम से काम लिया। पूरे सदन को इस सर्वोच्च बलिदान की सराहना करनी चाहिए।
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निर्मल सिंह ने कहा कि उनके पास भी हथियार थे, वह भी गोलियां चला सकते थे, लेकिन उन्होंने सही से एसओपी का पालन करते हुए आतंकियों को जवाब दिया, जिससे स्थानीय लोगों को  नुकसान नहीं पहुंचा।
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'आतंकियों के मारे जाने की दर में 110 प्रतिशत बढ़ोतरी'

During the attack CRPF jawans considerable restraint
सीआरपीएफ की इसी बस को आतंक‌ियों ने बनाया बनाया - फोटो : FILE PHOTO
उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां अपना कार्य सही से कर रही हैं। यही कारण है कि आतंकियों पर दबाव है और वह सुरक्षा बलों के काफिलों को निशाना बना रहे हैं। सभी सुरक्षा एजेंसियां राज्य में पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी स्थिति से निपटने में सक्षम हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जून 2016 में करीब 14 आतंकी घटनाएं पेश आईं।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आतंकी घटनाओं में आतंकियों के मारे जाने की दर में 110 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। इस दौरान सिविलियन किलिंग की दर 11 प्रतिशत घटी हैं। उपमुख्यमंत्री के इस बयान पर विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया और असंतुष्टि जताई। उन्होंने उपमुख्यमंत्री पर सदन और आम जनता की आंखों में धूल झोंकने का आरोप लगाया।

इस बीच निर्दलीय विधायक रशीद भी खड़े हुए। वह भी उपमुख्यमंत्री के बयान का विरोध करने लगे। उन्होंने कहा हंदवाड़ा में हुई स्थानीय लोगों की मौत पर भी रिपोर्ट पेश करो। क्या वो इंसान नहीं थे। इस बीच नेकां विधायक अली मोहम्मद सागर ने कहा कि आपने जो जवाब दिया, वह एक मुद्देे को लेकर था।

आपने केवल पांपोर हमले की बात की, लेकिन हमने कहा था कि सदन में पूरे राज्य के सुरक्षा परिदृश्य को लेकर सरकार जवाब दें, जिसको लेकर आज केंद्र सरकार भी चिंतित है। हंगामे के दौरान नेकां विधायक देवेंद्र सिंह राणा ने भी कहा कि सरकार द्वारा स्पीकर के निर्देशों का न पालन करते हुए कुर्सी की पवित्रता का अपमान किया है।

गौरतलब है कि डिप्टी स्पीकर द्वारा बुधवार को सदन में सरकार को निर्देश दिया गया था कि वीरवार को वह पूरे राज्य के सुरक्षा परिदृश्य को लेकर सदन में जवाब दे। वहीं अपने चुनिंदा उत्तर के लिए सरकार को जब विपक्ष के विधायकों ने आड़े हाथों लिया तो इसको लेकर भाजपा-पीडीपी विधायकों ने शोर शराबा किया, इस बीच विपक्ष ने सदन से वाक आउट किया।
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