{"_id":"5f3034dc8ebc3e3cd06dec1d","slug":"drinking-water-problem-jammu-news-jmu216197064","type":"story","status":"publish","title_hn":"सात वर्ष से अला गांव जलापूर्ति ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सात वर्ष से अला गांव जलापूर्ति ठप
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अरनिया। आदर्श गांव अला में बीते सात वर्ष से जलापूर्ति ठप है। इस कारण यहां लोगों को कई प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं विभाग के खिलाफ लोगों में काफी गुस्सा भी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार विभाग की गलत व सुस्त नीतियों के चलते सात वर्ष से गांव में पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंची। जानकारी के अनुसार करीब साढ़े छह हजार से भी अधिक इस आबादी वाले गांव में जलापूर्ति करने के लिए बीस वर्ष पहले एक ट्यूबवेल का निर्माण कराया गया। मगर बीते सात वर्ष से यह ट्यूबवेल ठप पड़ा है। स्थानीय निवासी स्वर्ण लाल, नंद लाल, दर्शन लाल अर्जुन दास, विजय कुमार व दर्शन कुमार आदि का कहना है कि घरों में लगे नलकूप भी सूख चुके हैं। गांव में जलपूर्ति के लिए लगाए गए ट्यूबवेल बीते सात वर्षों से खराब या बंद है। गांव में मात्र एक मार्क-2 नल ही लगा है, जिस पर सौ से डेढ़ सौ मीटर की दूरी तय कर गांव के करीब 70 प्रतिशत लोग निर्भर हैं।
वहीं गांव में जल सुविधा के नाम पर मात्र एक ही नल होने से घंटों इंतजार के बाद एक बाल्टी पानी नसीब होता है। लोगों का कहना है कि विभाग की सुस्त प्रणाली और गलती का नतीजा हम लोग भुक्त रहे हैं। हमारी विभाग व यूटी प्रशासन से मांग है कि हमारी इस समस्या को फौरन हल किया जाए, नहीं तो हम सड़क पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
विज्ञापन
-----
पहले यहां पर मुख्य सड़क मार्ग का कार्य चल रहा था, जिससे कई स्थानों पर पहले डाली गई पाइपें टूट गई थीं। सड़क मार्ग का कार्य संपन्न होने के बाद नई पाइपें डालने का कार्य शुरू कराया गया। कुछ डाली भी गईं, मगर कोविड-19 की महामारी का प्रकोप शुरू हो गया, जिससे अभी तक गांव में जलापूर्ति बहाल नहीं की जा सकी। मंगलवार तक आपसी दूरी का पालन करते हुए इस कार्य को शुरू किया जाएगा। बशर्ते लेबर मिलनी चाहिए, अगर ऐसा हो जाता है तो एक सप्ताह के भीतर ही पूरे गांव में जलापूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
-सुनील सेठ, एइई, जल शक्ति विभाग
विज्ञापन
स्थानीय लोगों के अनुसार विभाग की गलत व सुस्त नीतियों के चलते सात वर्ष से गांव में पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंची। जानकारी के अनुसार करीब साढ़े छह हजार से भी अधिक इस आबादी वाले गांव में जलापूर्ति करने के लिए बीस वर्ष पहले एक ट्यूबवेल का निर्माण कराया गया। मगर बीते सात वर्ष से यह ट्यूबवेल ठप पड़ा है। स्थानीय निवासी स्वर्ण लाल, नंद लाल, दर्शन लाल अर्जुन दास, विजय कुमार व दर्शन कुमार आदि का कहना है कि घरों में लगे नलकूप भी सूख चुके हैं। गांव में जलपूर्ति के लिए लगाए गए ट्यूबवेल बीते सात वर्षों से खराब या बंद है। गांव में मात्र एक मार्क-2 नल ही लगा है, जिस पर सौ से डेढ़ सौ मीटर की दूरी तय कर गांव के करीब 70 प्रतिशत लोग निर्भर हैं।
विज्ञापन
वहीं गांव में जल सुविधा के नाम पर मात्र एक ही नल होने से घंटों इंतजार के बाद एक बाल्टी पानी नसीब होता है। लोगों का कहना है कि विभाग की सुस्त प्रणाली और गलती का नतीजा हम लोग भुक्त रहे हैं। हमारी विभाग व यूटी प्रशासन से मांग है कि हमारी इस समस्या को फौरन हल किया जाए, नहीं तो हम सड़क पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
विज्ञापन
-----
पहले यहां पर मुख्य सड़क मार्ग का कार्य चल रहा था, जिससे कई स्थानों पर पहले डाली गई पाइपें टूट गई थीं। सड़क मार्ग का कार्य संपन्न होने के बाद नई पाइपें डालने का कार्य शुरू कराया गया। कुछ डाली भी गईं, मगर कोविड-19 की महामारी का प्रकोप शुरू हो गया, जिससे अभी तक गांव में जलापूर्ति बहाल नहीं की जा सकी। मंगलवार तक आपसी दूरी का पालन करते हुए इस कार्य को शुरू किया जाएगा। बशर्ते लेबर मिलनी चाहिए, अगर ऐसा हो जाता है तो एक सप्ताह के भीतर ही पूरे गांव में जलापूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
-सुनील सेठ, एइई, जल शक्ति विभाग