भारत ने स्थापित किया विश्व में सबसे अधिक ऊंचाई पर रिसर्च सेंटर
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रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने शनिवार को जम्मू और कश्मीर के चांगला में समुद्र तट से 17,600 फीट की ऊंचाई पर एक्स्ट्रीम एल्टीट्यूड सेंटर का उद्घाटन किया है।
यह केंद्र विश्व में जमीन पर सबसे ज्यादा ऊंचाई पर बना शोध एवं विकास केंद्र है। इसे डिफेंस इंस्टीट्यूट ऑफ हाई एल्टीट्यूड रिसर्च (डीआईएचएआर), लेह ने स्थापित किया है।
डीआईएचएआर डीआरडीओ का ही सहयोगी संस्थान है। लेह शहर से पैंगोंग झील की तरफ 75 किलोमीटर की दूरी पर बना यह केंद्र विश्व में जमीन पर सबसे अधिक ऊंचाई पर स्थित शोध एवं विकास केंद्र है।
इन चीजों पर की जाएगी रिसर्च
इसे लद्दाख के सर्द निर्जन स्थान पर स्थापित किया गया है जहां जाड़े में तापमान -40 डिग्री सेल्सियस तक आ जाता है, हवा का दबाव और आर्द्रता घट जाती है और पराबैंगनी विकिरण भी होता है।
डीआरडीओ के प्रमुख एस क्रिस्टोफर ने बताया कि इस केंद्र पर जीवन विज्ञान से संबंधित कई कार्य किया जाना प्रस्तावित है। इनमें इंसानों के भौतिक काम, पौधों के जेनेटिक संसाधनों को लंबे समय तक सुरक्षित रखना, डिजाइनिंग, जांच, मूल्यांकन और मोबाइल तथा पोर्टेबल ग्रीनहाउस का प्रदर्शन, जमीन रहित सुदूर क्षेत्रों में ताजे भोजन के लिए मिट्टी-रहित माइक्रो फार्मिंग तकनीक आदि शामिल हैं।
इसके अलावा यहां डीआरडीओ इलेक्ट्रॉनिक और कम्युनिकेशन यंत्रों, बैटरी, फ्यूल सेल और यूएवी के माइक्रो इंजन आदि की भी जांच करेगा।