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प्रदेश में दूसरी लहर में डबल म्यूटेंट बी से गई अधिकांश युवाओं की जान
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जम्मू। कोविड की दूसरी लहर में प्रदेश में खासतौर पर जम्मू संभाग में डबल म्यूटेंट बी 1.617.2 अधिक मौतों का कारण बना। इस म्यूटेंट ने युवाओं सहित अन्य वर्ग के लोगों को अपनी चपेट में लिया। जीएमसी सहित अन्य एसोसिएटेड अस्पतालों में मई में सैकड़ों कोविड संक्रमित मरीजों की मौत हुई है, जिसमें अधिकतर मौतों का कारण इसी म्यूटेंट को बताया जा रहा है।
जीएमसी की प्रिंसिपल डा. शशि सूदन के अनुसार जीएमसी जम्मू से कोविड संक्रमितों के सैंपल शोध और समीक्षा के लिए इंडियन सार्स कोविड-2 कंसारटिम आफ जिनोमिक्स (आईएनएसएसीओजी) में भेजे गए हैं। इन सैंपलों की समीक्षा में पाया गया कि जम्मू में कोविड संक्रमण के कई वेरिएंट मौजूद हैं। मई माह में अचानक कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ना और मौतों के ग्राफ में तेजी आना चिंता का विषय था। जीएमसी के माइक्रोबायोलाजी विभाग ने नेशनल सेंटर फार डिजीज कंट्रोल दिल्ली को कई सैंपल जिनोम स्टडी के लिए भेजे। इनकी रिपोर्ट में कुल सैंपलों में से 68.5 फीसदी में डबल म्यूटेंट बी 1.617.2 पाया गया। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस म्यूटेंट को खतरनाक और चिंता का विषय करार दिया है। जीएमसी जम्मू में मरने वाले 55.1 फीसदी मरीजों में डबल म्यूटेंट बी 1.617.2 की पुष्टि हुई और इनमें बहुत से मरीज युवा थे। डा. सूदन के अनुसार भर्ती होने वाले कुल मरीजों में 58.4 फीसदी में डबल म्यूटेंट बी.1.617.2 पाया गया। 22.47 फीसदी में बी.1 म्यूटेशन, 6.74 फीसदी में बी.1.1, 3.37 फीसद में बी.1.617.1 वेरिएंट और 1.1 फीसदी में बी.1.1.7 यूके वेरिएंट पाया गया। 2.247 फीसद मरीजों में ही कोई म्यूटेंट नहीं पाया गया। प्रदेश में मई माह में सबसे अधिक संक्रमित मामले मिलने के साथ कोविड मरीजों की मौतें हुई हैं।
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जीएमसी की प्रिंसिपल डा. शशि सूदन के अनुसार जीएमसी जम्मू से कोविड संक्रमितों के सैंपल शोध और समीक्षा के लिए इंडियन सार्स कोविड-2 कंसारटिम आफ जिनोमिक्स (आईएनएसएसीओजी) में भेजे गए हैं। इन सैंपलों की समीक्षा में पाया गया कि जम्मू में कोविड संक्रमण के कई वेरिएंट मौजूद हैं। मई माह में अचानक कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ना और मौतों के ग्राफ में तेजी आना चिंता का विषय था। जीएमसी के माइक्रोबायोलाजी विभाग ने नेशनल सेंटर फार डिजीज कंट्रोल दिल्ली को कई सैंपल जिनोम स्टडी के लिए भेजे। इनकी रिपोर्ट में कुल सैंपलों में से 68.5 फीसदी में डबल म्यूटेंट बी 1.617.2 पाया गया। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस म्यूटेंट को खतरनाक और चिंता का विषय करार दिया है। जीएमसी जम्मू में मरने वाले 55.1 फीसदी मरीजों में डबल म्यूटेंट बी 1.617.2 की पुष्टि हुई और इनमें बहुत से मरीज युवा थे। डा. सूदन के अनुसार भर्ती होने वाले कुल मरीजों में 58.4 फीसदी में डबल म्यूटेंट बी.1.617.2 पाया गया। 22.47 फीसदी में बी.1 म्यूटेशन, 6.74 फीसदी में बी.1.1, 3.37 फीसद में बी.1.617.1 वेरिएंट और 1.1 फीसदी में बी.1.1.7 यूके वेरिएंट पाया गया। 2.247 फीसद मरीजों में ही कोई म्यूटेंट नहीं पाया गया। प्रदेश में मई माह में सबसे अधिक संक्रमित मामले मिलने के साथ कोविड मरीजों की मौतें हुई हैं।
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