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जम्मू-कश्मीर: युवाओं के लिए खुलेंगे ग्लोबल करियर के दरवाजे, जीसीसी से मिलेंगे घर बैठे रोजगार के मौके

Wed, 07 Oct 2026 01:17 PM IST
Nikita Gupta अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: Nikita Gupta Updated Wed, 07 Oct 2026 01:17 PM IST
सार

जम्मू-कश्मीर में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) विकसित करने की तैयारी है, ताकि स्थानीय युवाओं को प्रदेश में ही वैश्विक कंपनियों में रोजगार के अवसर मिल सकें।

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Doors to global careers will open in Jammu & Kashmir.
आईआईएम जम्मू - फोटो : Official Website (https://www.iimj.ac.in/)

विस्तार

जम्मू-कश्मीर के युवाओं को आने वाले समय में रोजगार के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) को विकसित करने की तैयारी है। आईआईएम जम्मू में नाै और 10 अक्तूबर को होने वाले जीसीसी समिट में सरकार, उद्योग और शिक्षण संस्थान इस बात पर मंथन करेंगे कि जम्मू-कश्मीर को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के उभरते केंद्र के रूप में कैसे विकसित कर स्थानीय प्रतिभाओं को वैश्विक कंपनियों से कैसे जोड़ा जाए। श्रम एवं रोजगार विभाग के प्रशासनिक सचिव कुमार राजीव रंजन ने मंगलवार को बताया कि हमारा लक्ष्य स्पष्ट है। प्रदेश के किसी भी जिले का युवा वैश्विक कंपनी में करियर बनाने के लिए अपना घर छोड़ने को मजबूर न हो। वैश्विक अवसर अपने प्रदेश में ही उपलब्ध हो। उन्होंने बताया कि जीसीसी केवल कॉल सेंटर या डेटा सेंटर नहीं होते।

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ये कंपनियों के अपने केंद्र होते हैं, जहां तकनीक, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, वित्त, अकाउंटिंग, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सुरक्षा, मानव संसाधन, कानूनी प्रक्रियाओं और ग्राहक सेवाओं जैसे काम किए जाते हैं। ऐसे केंद्रों के लिए सबसे बड़ी जरूरत प्रशिक्षित मानव संसाधन की होती है। यही प्रदेश के लिए सबसे बड़ा अवसर भी है।

कंपनी बताएगी जरूरत, सरकार तैयार करेगी युवा
श्रम एवं रोजगार विभाग जीसीसी कंपनियों की वास्तविक जरूरत के आधार पर प्रशिक्षण व्यवस्था तैयार करने की योजना बना रहा है। कंपनियां बताएंगी कि उन्हें किन पदों पर कितने लोगों की जरूरत है और कब जरूरत है। इसके बाद विश्वविद्यालयों, कौशल विकास विभाग और आईटीआई नेटवर्क के साथ मिलकर उसी अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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पीएम सेतु के तहत अपग्रेड किए जा रहे आईटीआई नेटवर्क का इस्तेमाल आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, नेटवर्क ऑपरेशन और फैसिलिटी से जुड़े तकनीकी पदों के लिए युवाओं को तैयार करने में किया जा सकता है। जिला रोजगार एवं परामर्श केंद्र भी युवाओं को जीसीसी में उपलब्ध करियर विकल्पों की जानकारी देंगे।

हर साल बाहर जा रही स्थानीय प्रतिभा
मिशन युवा बेसलाइन सर्वे 2024-25 के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में युवा बेरोजगारी दर 17.4 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह 10.2 प्रतिशत है। सितंबर 2025 तक 3.6 लाख से अधिक शिक्षित युवा रोजगार कार्यालयों में पंजीकृत थे। बड़ी संख्या में इंजीनियर, अकाउंटेंट, विश्लेषक और अन्य पेशेवर रोजगार के लिए दूसरे राज्यों का रुख करते हैं। वहीं, भारत में जीसीसी क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है। 2030 तक देश में इससे जुड़े पेशेवरों की संख्या करीब 34.6 लाख पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में जम्मू-कश्मीर के लिए अपने शिक्षित युवाओं को इसी क्षेत्र से जोड़ने का अवसर तैयार हो सकता है।

इंजीनियरिंग तक सीमित नहीं होंगे अवसर
रोजगार के अवसर केवल इंजीनियरों के लिए नहीं हैं। वित्त और अकाउंटिंग, डेटा एनालिटिक्स, सॉफ्टवेयर, साइबर सुरक्षा, मानव संसाधन, ग्राहक सेवा, लीगल प्रोसेस और हेल्थकेयर डेटा जैसे क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में नौकरियां हैं। विशेष प्रशिक्षण के जरिए कॉमर्स, साइंस और ह्यूमैनिटीज के स्नातकों को भी इन भूमिकाओं के लिए तैयार किया जा सकता है।

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