{"_id":"34e462c152e8779c70f239705ae8daf2","slug":"don-t-struck-in-board-examination-hindi-news","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बोर्ड एग्जाम: परीक्षा से सहमे नहीं, इंज्वाय करें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बोर्ड एग्जाम: परीक्षा से सहमे नहीं, इंज्वाय करें
Updated Tue, 10 Feb 2015 10:55 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बच्चे परीक्षा से सहमे नहीं, बल्कि इसे इंज्वाय करें। यदि बच्चे ने पूरे वर्ष नियमित रूप से पढ़ाई की है तो यह तय है कि परीक्षा के दौरान सारे टॉपिक्स कैलेंडर के पन्ने की तरह चलते चले जाएंगे। बोर्ड परीक्षा जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, परीक्षार्थियों के साथ ही अभिभावकों का तनाव बढ़ रहा है।
विज्ञापन
परीक्षा विशेषज्ञ एवं राजकीय महिला कालेज गांधीनगर के पंजाबी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. सुरजीत कौर रैना ने अभिभावकों और शिक्षकों को सलाह दी है कि परीक्षा के नाम पर छात्रों पर अनावश्यक दबाव कतई न बनाएं। परीक्षा को बच्चों को इंज्वाय करने के लिए प्रेरित करें।
विज्ञापन
विशेषज्ञ ने जोर देकर कहा कि पहली बार बोर्ड परीक्षा में शामिल रहे दसवीं के परीक्षार्थियों को रिलैक्स रहने दें। उनके सामने परीक्षा का हौवा खड़ा न करके उनको सकारात्मक तरीके से पढ़ी गई बातों को दोहराने में मदद करनी चाहिए। परीक्षा का नाम सुनकर ही अच्छे से अच्छे अंक लाने के लिए अभिभावक जिस तरह परीक्षार्थियों पर दबाव बना रहे हैं, उससे परेशानी होती है।
विज्ञापन
परीक्षा के दिनों में क्या करें
परीक्षा की तैयारी के दौरान अभिभावक बच्चे के साथ रहें, उन्हें पूरी तरह से अकेला न छोड़ें।
घर में आने वाले मेहमानों की संख्या कम करें, इससे बच्चे को पढ़ने का समय मिलेगा।
लगातार पढ़ने की अपेक्षा बच्चे को ब्रेक देकर पढ़ने को कहें।
परीक्षा की उल्टी गिनती शुरू हो गई है, इस दौरान बच्चे से गलत डायलॉग का प्रयाग न करें।
जो विषय बच्चे को कठिन लगे, उसे फ्रेश माइंड से पढ़े।
घर में आने वाले मेहमानों की संख्या कम करें, इससे बच्चे को पढ़ने का समय मिलेगा।
लगातार पढ़ने की अपेक्षा बच्चे को ब्रेक देकर पढ़ने को कहें।
परीक्षा की उल्टी गिनती शुरू हो गई है, इस दौरान बच्चे से गलत डायलॉग का प्रयाग न करें।
जो विषय बच्चे को कठिन लगे, उसे फ्रेश माइंड से पढ़े।