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महफिल में गूंजा, के सुनां तुहें यारों अपने ब्याह दी गल्ल...
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Wed, 22 Oct 2014 06:15 PM IST
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के सुनां तुहें यारों अपने ब्याह दी गल्ल, जुसलै गी चेता आंदा पौंदा कालजे छल्ल... पंक्तियों के साथ हरबंस लाल ‘हर्ष’ ने अपनी कविता को पढ़ा तो हाल में बैठे सभी दर्शकों को हंसने पर मजबूर कर दिया। शादी के बाद होने वाली परिस्थितियों पर आधारित हास्य को अखनूर के हरबंस लाल ने बड़ी बखूबी से समझाया। राज्य के कला, संस्कृति एवं भाषा अकादमी की ओर से बुधवार को केएल सहगल हाल में बहुभाषीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।
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इस मौके पर विभिन्न भाषाओं में लिखने वाले कवियों ने अपनी कविताओं को पेश कर हाल में बैठे सभी दर्शकों को हंसने पर मजबूर कर दिया। इस मौके पर उधमपुर से आए मोहिंद्र कुमार ‘पागल’ ने चरित्र पर आधारित लाइनों को पेश कर दर्शकों को गुदगुदाया। मोहिंद्र ने ‘बड़े सच्चे सुच्चे तोते ताते नि होयो, मेरे आहल लेखा तुस करेक्टर पिच्छे नी पौयो...’ लाइन के साथ अपनी कविता को पेश किया।
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इसके अलावा अन्य कवियों ने भी पंजाबी, डोगरी, हिंदी और उर्दू में अपनी कविताओं को पेश कर हाल में बैठे सभी श्रोता का अच्छा-खासा मनोरंजन किया। कार्यक्रम में रेडियो कश्मीर स्टेशन के डायरेक्टर वीके सम्याल मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित थे। इसके अलावा खालिद हुसैन, कला अकादमी के एडिशनल सेक्रेटरी डा. अरविंद्र सिंह भी मौजूद थे।
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हास्य कवि सम्मेलन में रंधीर सिंह, केवल कुमार, विजय शर्मा, तारा चंद, सुरजीत सिंह, पदम देव, बृज मोहन, मो. रफीक, पंकज, भगत सिंह, भूपिंद्र सिंह, चरणजीत सिंह, आमिन बनिहाली, अनिला सिंह, पवन खजूरिया, प्रकाश प्रेमी ने अपनी कविताओं को पेश किया।