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Jammu News: गली-मोहल्लों में ''डॉग बाइट'' का खौफ, रोज 550 से ज्यादा शिकार
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आवारा कुत्ते के हमले से घायल को इंजेक्शन लगाती स्वास्थ्य कर्मी। अमर उजाला
- फोटो : samvad
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- आवारा कुत्तों के निशाने पर गलियों में खेलते बच्चे, सुबह की सैर पर निकले बुजुर्ग और महिलाएं
- कुत्तों के काटने से रोज जीएमसी पहुंच रहे 120 से 150 लोग
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहर में आवारा कुत्तों के हमलों का रोज 550 से अधिक लोग शिकार हो रहे हैं। जम्मू में अब घर से बाहर कदम रखना खतरे से खाली नहीं रहा। गलियों में खेलते बच्चे हों या सुबह की सैर पर निकले बुजुर्ग और महिलाएं हर कोई आवारा कुत्तों के निशाने पर है।
आंकड़ों की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अकेले जीएमसी जम्मू में रोज 120 से 150 मरीज एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। जिले में वर्ष 2025-26 में कुत्तों के काटने के 76,824 मामले सामने आए हैं जो पूरे केंद्र शासित प्रदेश में अन्य जिलों से अधिक हैं। जीएमसी की ओपीडी में सुबह से ही ''डॉग बाइट'' के शिकार लोगों की कतारें लग रही हैं। डॉक्टरों के अनुसार औसतन हर 10-15 मिनट में एक नया मामला सामने आ रहा है। गंभीर रूप से घायल बच्चों की संख्या अधिक है क्योंकि कुत्ते अक्सर उनके चेहरे और पैरों को निशाना बना रहे हैं। नगर निगम नसबंदी और डॉग शेल्टर के दावे कर रहा है। दूसरी तरफ जमीन पर हालात जस के तस बने हुए हैं। स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ रोष है। लोगों का सवाल है कि आखिर कब तक मासूमों को इन बेसहारा जानवरों के रहमोकरम पर छोड़ा जाएगा? शक्ति नगर, शिव नगर और पुरानी मंडी से कुत्तों के आतंक की खबरें लगातार आ रही हैं।
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पार्कों और गलियों में दहशत का माहौल
सुबह की ताजी हवा और सैर अब बुजुर्गों के लिए चुनौती बन गई है। लाठी लेकर चलना अब शौक नहीं बल्कि मजबूरी बन चुका है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि झुंड में घूमने वाले ये कुत्ते अचानक हमला कर देते हैं। इनसे बचने का कोई मौका नहीं मिलता। अभिभावक अपने बच्चों को अकेले पार्क या स्कूल भेजने से डरने लगे हैं।
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जीएमसी पहुंचे डाॅग बाइट के मामले
दिन - संख्या
मंगलवार -130
बुधवार - 110
वीरवार - 115
शुक्रवार - 96
शनिवार - 120
रविवार : 93 (दोपहर 3 बजे तक)
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निगम का नसबंदी केंद्र दिखावा
नगर निगम दावा करता है कि कुत्तों की आबादी नियंत्रित करने के लिए नसबंदी अभियान चलाया गया है। साल 2023 में नगर निगम ने शहर में आवारा कुत्तों की गणना करने के लिए सर्वे कराया। इसमें संख्या करीब 51़़,600 रही। इसके लिए नगर निगम ने दिल्ली की फ्रैंडी कोज कंपनी को नसबंदी का कार्य सौंपते हुए तीन शेल्टर होम रूपनगर, भगवती नगर और चाैआदी में बनाए। सड़कों पर घूम रहे 70 प्रतिशत कुत्तों की नसबंदी कराने का दावा निगम के पशु कल्याण अधिकारी डाॅ. गौरव चौधरी कर रहे हैं।
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- कुत्तों के काटने से रोज जीएमसी पहुंच रहे 120 से 150 लोग
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहर में आवारा कुत्तों के हमलों का रोज 550 से अधिक लोग शिकार हो रहे हैं। जम्मू में अब घर से बाहर कदम रखना खतरे से खाली नहीं रहा। गलियों में खेलते बच्चे हों या सुबह की सैर पर निकले बुजुर्ग और महिलाएं हर कोई आवारा कुत्तों के निशाने पर है।
आंकड़ों की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अकेले जीएमसी जम्मू में रोज 120 से 150 मरीज एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। जिले में वर्ष 2025-26 में कुत्तों के काटने के 76,824 मामले सामने आए हैं जो पूरे केंद्र शासित प्रदेश में अन्य जिलों से अधिक हैं। जीएमसी की ओपीडी में सुबह से ही ''डॉग बाइट'' के शिकार लोगों की कतारें लग रही हैं। डॉक्टरों के अनुसार औसतन हर 10-15 मिनट में एक नया मामला सामने आ रहा है। गंभीर रूप से घायल बच्चों की संख्या अधिक है क्योंकि कुत्ते अक्सर उनके चेहरे और पैरों को निशाना बना रहे हैं। नगर निगम नसबंदी और डॉग शेल्टर के दावे कर रहा है। दूसरी तरफ जमीन पर हालात जस के तस बने हुए हैं। स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ रोष है। लोगों का सवाल है कि आखिर कब तक मासूमों को इन बेसहारा जानवरों के रहमोकरम पर छोड़ा जाएगा? शक्ति नगर, शिव नगर और पुरानी मंडी से कुत्तों के आतंक की खबरें लगातार आ रही हैं।
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पार्कों और गलियों में दहशत का माहौल
सुबह की ताजी हवा और सैर अब बुजुर्गों के लिए चुनौती बन गई है। लाठी लेकर चलना अब शौक नहीं बल्कि मजबूरी बन चुका है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि झुंड में घूमने वाले ये कुत्ते अचानक हमला कर देते हैं। इनसे बचने का कोई मौका नहीं मिलता। अभिभावक अपने बच्चों को अकेले पार्क या स्कूल भेजने से डरने लगे हैं।
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जीएमसी पहुंचे डाॅग बाइट के मामले
दिन - संख्या
मंगलवार -130
बुधवार - 110
वीरवार - 115
शुक्रवार - 96
शनिवार - 120
रविवार : 93 (दोपहर 3 बजे तक)
निगम का नसबंदी केंद्र दिखावा
नगर निगम दावा करता है कि कुत्तों की आबादी नियंत्रित करने के लिए नसबंदी अभियान चलाया गया है। साल 2023 में नगर निगम ने शहर में आवारा कुत्तों की गणना करने के लिए सर्वे कराया। इसमें संख्या करीब 51़़,600 रही। इसके लिए नगर निगम ने दिल्ली की फ्रैंडी कोज कंपनी को नसबंदी का कार्य सौंपते हुए तीन शेल्टर होम रूपनगर, भगवती नगर और चाैआदी में बनाए। सड़कों पर घूम रहे 70 प्रतिशत कुत्तों की नसबंदी कराने का दावा निगम के पशु कल्याण अधिकारी डाॅ. गौरव चौधरी कर रहे हैं।