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नाबालिग के शोषण मामले में बड़ा खुलासा: डीएनए रिपोर्ट में आरोपी नहीं निकला पिता, हाईकोर्ट ने बनाई एसआईटी
Sat, 23 May 2026 11:22 AM IST
Nikita Gupta
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: Nikita Gupta
Updated Sat, 23 May 2026 11:22 AM IST
सार
कटड़ा के पॉक्सो मामले में डीएनए रिपोर्ट में आरोपी बच्ची का जैविक पिता नहीं निकला जिसके बाद हाईकोर्ट ने पुलिस जांच पर सवाल उठाए हैं। अदालत ने आईजी को एसआईटी गठित कर असली आरोपी की पहचान के लिए दोबारा जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
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- फोटो : X/fazenda_dom_pedro
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विस्तार
कटड़ा के पॉक्सो मामले की जांच में गंभीर लापरवाही पर हाईकोर्ट ने आईजी को एसआईटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि डीएनए रिपोर्ट में आरोपी के नमूनों का मिलान नहीं होने के बाद भी पुलिस असली आरोपी का पता नहीं लगा सकी। जस्टिस रजनीश ओसवाल ने यह आदेश पवन कुमार उर्फ राजा की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।
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आरोपी ने एफआईआर रद्द करने की मांग की थी। मामला नाबालिग लड़की के यौन शोषण से जुड़ा है जिसमें पीड़िता ने बच्ची को जन्म दिया था। सुनवाई के दौरान बताया गया कि डीएनए जांच में सामने आया कि आरोपी बच्ची का जैविक पिता नहीं है। सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने कहा कि सिर्फ डीएनए रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर रद्द नहीं की जा सकती क्योंकि पीड़िता का बयान भी रिकॉर्ड पर मौजूद है। हाईकोर्ट ने कहा कि यह साफ है कि नाबालिग का यौन शोषण हुआ और वह गर्भवती हुई लेकिन असली आरोपी की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस ने जल्दबाजी में चालान पेश किया ताकि आरोपी को डिफॉल्ट जमानत का लाभ न मिल सके।
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अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते कहा कि जरूरत पड़ने पर न्याय के हित में आगे की जांच के आदेश दिए जा सकते हैं। इसके बाद जम्मू के आईजी को सात दिन के भीतर एसपी रैंक के अधिकारी की अगुवाई में एसआईटी गठित करने के निर्देश दिए। साथ ही रियासी के सत्र न्यायाधीश को चालान कटड़ा थाने भेजकर जांच कराने को कहा गया है। फिलहाल एफआईआर रद्द करने से इनकार कर दिया। रिपोर्ट 29 जून तक पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। जेएनएफ
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