कटड़ा-अर्द्धकुुंवारी नए मार्ग पर जल्द विवाद सुलझने के आसार
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कटड़ा-अर्द्धकुुंवारी नए मार्ग पर धर्मनगरी में जारी विवाद को सुलझाने के प्रयास शुरू हो गए हैं। रविवार को राज्यपाल द्वारा गठित उच्च स्तरीय टीम की अहम बैठक स्थानीय गणमान्य लोगों के साथ राज्यमंत्री अजय नंदा की मौजूदगी में श्राइन बोर्ड के आध्यात्मिक केंद्र में हुई। टीम ने जनता की मांगों को राज्यपाल तक पहुंचाकर हल निकालने का आश्वास दिया है।
इस दौरान जनता ने बताया कि किस प्रकार से नए मार्ग के शुरू होने से धर्मनगरी के व्यवसाय और प्राचीन मार्ग के यात्रा पड़ाव प्रभावित होंगे। लोगों का कहना था नए और पुराने मार्ग का प्रमुख प्रवेश द्वार बाण गंगा में ही होना चाहिए।
इससे बाण गंगा का अस्तित्व भी बहाल रहेगा तथा यात्री खुद निर्णय ले सकेंगे कि उन्हें यात्रा की आवाजाही के लिए किस मार्ग को चुनना है। जनता ने कमेटी के समक्ष इस बात को भी रखा कि नए मार्ग का हाल ही में बनाए गए प्रवेश द्वार का इस्तेमाल सिर्फ माल ढुलाई और आपातकालीन स्थिति में ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
राज्यपाल ने गठित की थी कमेटी
सनद रहे कि धर्मनगरी में हो रहे प्रदर्शन और नए मार्ग को शुरू करने के लिए हाल ही में राज्यपाल द्वारा एक कमेटी का गठन किया गया था, जिसमें बोर्ड सदस्य एसएस बलोरिया, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव बीबी ब्यास और श्राइन बोर्ड के सीईओ ऐके साहु शामिल हैं।
बैठक में इन लोगों के अलावा पूर्व विधायक बलदेव राज शर्मा, कुलदीप वकील, पूर्व नपा प्रधान अमरीश मगोत्रा, शशी गुप्ता, वली राम, शेर सिंह, सोहन सिंह, प्रभात सिंह, वरिंद्र केसर, ऐडवोकेट सुनील शर्मा सहित बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।
रविवार की बैठक में गठित कमेटी के समक्ष लोगों ने कुछ अन्य मांगे रखीं। इसमें श्राइन बोर्ड द्वारा नगर के विकास के लिए प्रति वर्ष एमसी को दस करोड़ रुपये की राशि देना, एक दिन में 25 हजार तक यात्रियों को ही पंजीकृत करना ताकि भवन में दक्का-मुक्की जैसे हालात उत्पन्न ना हों आदि शामिल थीं। लोगों की इन मांगों को लेकर भी बोर्ड की कमेटी का रुख सार्थक दिखा।