कश्मीर में 'इस्राइली मॉडल' की चर्चा पर बवाल हुआ तेज, संदीप चक्रवर्ती के खिलाफ लोगों में गुस्सा
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भारतीय महावाणिज्यदूत संदीप चक्रवर्ती के कश्मीरी विस्थापितों को लेकर दिए गए बयान पर कश्मीरी पंडितों समेत विभिन्न संगठनों में उबाल है। चक्रवर्ती ने कश्मीरी विस्थापितों का पुनर्वास करने के लिए सुझाव देते हुए इस्राइली मॉडल का जिक्र किया था।
यूथ ऑल इंडिया कश्मीरी समाज के अध्यक्ष आरके भट्ट् ने कहा कि कुछ लोग पलायन और विस्थापन का मजा लेते हैं। उन्हें कश्मीरी पंडितों की समस्या के बारे में कुछ पता नहीं है। वे दूसरों के लिए मुश्किलें पैदा करते हैं लेकिन खुद कभी कश्मीर नहीं जाना चाहते।
डोगरा सदर सभा के अध्यक्ष ठाकुर गुलचैन सिंह चाढ़क ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पलायन और विस्थापन अहम मुद्दा है। कश्मीरी पंडितों के साथ कश्मीर से अन्य समुदायों को भी बेघर होना पड़ा था। इनमें डोगरा, सिख, गुज्जर, बकरवाल आदि शामिल थे। जम्मू-कश्मीर में मिश्रित संस्कृति के लोग एक साथ रहते हैं। सरकार को विस्थापित समुदाय के पुनर्वास के लिए नया मॉडल अपनाना चाहिए। उन्हें किसी के मॉडल की नकल की जरूरत नहीं होनी चाहिए।
जानिए क्या कहा था महावाणिज्यदूत संदीप चक्रवर्ती ने
शिरोमणि अकाली दल के चीफ आर्गेनाइजर एस महिंद्र सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश से फिर से राज्य बना देना चाहिए। प्रदेश की नौकरियां प्रदेश के लोगों को ही मिलनी चाहिए। भारत इस्राइल से अलग है यहां हर समुदाय के लोग एक साथ रहते हैं।
क्षत्रिय राजपूत सभा के अध्यक्ष नारायण सिंह जमवाल ने कहा कि विस्थापित समुदाय के लोगों ने कश्मीर को तब छोड़ा था जब उनकी जान को खतरा था। उनकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने पर ही उनका पुनर्वास होना चाहिए। ब्राह्मण संसार संगठन के डॉ. रामचंद्र शर्मा ने कहा कि देश एकजुट है। यहां सभी समुदायों के लोग एक साथ रहते हैं। यहां की तुलना किसी अन्य देश से नहीं की जा सकती।
महावाणिज्यदूत संदीप चक्रवर्ती ने कश्मीरी पंडितों के समूह की मौजूदगी वाले निजी समारोह में कहा था ‘वे जल्द ही घाटी में लौट सकते हैं, क्योंकि जब इस्राइली लोग ऐसा कर सकते हैं, हम भी ऐसा कर सकते हैं।’ इस दौरान उन्होंने ‘इस्राइली मॉडल’ का जिक्र किया। उन्होंने कहा ‘ मुझे यकीन है कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा से जुड़े हालात सुधरेंगे।’