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निदेशालय का निर्देश: एक ही दुकान से वर्दी-पुस्तकें खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकते स्कूल
Fri, 29 Mar 2024 03:37 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Fri, 29 Mar 2024 03:37 PM IST
सार
विभागीय परिपत्र में कहा गया है कि स्कूल अभिभावकों को बच्चे के लिए किसी एक ही दुकान से वर्दी और पुस्तकें खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकते।
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Books
- फोटो : Social Media
विस्तार
जम्मू-कश्मीर के वर्ष 2024-25 के नए शैक्षणिक सत्र में बिना अनुमति शिक्षण शुल्क बढ़ाने वाले स्कूलों को एक लाख रुपये तक का जुर्माना भरना होगा। सिर्फ इतना ही नहीं उनका पंजीकरण भी रद्द हो सकता है। स्कूल शिक्षा निदेशालय जम्मू ने वीरवार को इस संबंध में एक निर्देश जारी किया है।
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निर्देश में निजी स्कूलों को सख्त हिदायत जारी करते हुए कहा गया है कि किसी भी स्कूल को फीस बढ़ाने के लिए फीस निर्धारण समिति की अनुमति लेनी होगी। इसकी अवहेलना पर 50 हजार से एक लाख रुपये तक जुर्माना भरना होगा।
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विभागीय परिपत्र में कहा गया है कि स्कूल अभिभावकों को बच्चे के लिए किसी एक ही दुकान से वर्दी और पुस्तकें खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। साथ ही निजी स्कूल अभिभावकों से ट्यूशन, वार्षिक, परिवहन शुल्क और स्वैच्छिक विशेष प्रयोजन शुल्क जैसे पिकनिक, भ्रमण आदि के अलावा कोई अन्य शुल्क भी नहीं ले सकते।
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यदि कोई निजी स्कूल जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा अधिनियम 2022 के प्रावधानों का उल्लंघन करता है और इसकी शिकायतें मिलीं अथवा मामला स्वत: संज्ञान में आता है तो इन स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अभिभावक शिकायत करने आगे आएं
निदेशालय ने लिए सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा अधिनियम 2022 के प्रावधानों का सख्ती से अनुपालन करने का निर्देश दिया है। वहीं, अभिभावकों से भी आग्रह किया गया है कि इस तरह की शिकायतें जिले के मुख्य शिक्षा अधिकारी या स्कूल शिक्षा निदेशालय में अवश्य करें।