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जम्मू-कश्मीर: डीजीपी पर गिरी केंद्र की नाराजगी की गाज? दिलबाग सिंह को मिला चार्ज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Fri, 07 Sep 2018 12:02 AM IST
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IPS DILBAG SINGH
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डीजीपी डॉ. एसपी वैद को गुरुवार को पद से हटा दिया गया। उन्हें ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के पद पर भेजा गया है। डीजीपी (जेल) दिलबाग सिंह को डीजीपी पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। माना जा रहा है कि केंद्र की नाराजगी की उन पर गाज गिरी है। केंद्र पुलिसकर्मियों के परिवार वालों के अपहरण की लगातार बढ़ती घटनाओं और इससे निपटने के तरीके से नाराज था।
माना जा रहा है कि दक्षिण कश्मीर में बेकाबू होती कानून व्यवस्था से निपटने में विफलता की भी गाज गिरी है। साथ ही पुलिस जवानों का हौसला बनाए रखने के लिए भी मौजूदा प्रशासन में फेरबदल की आवश्यकता महसूस की गई। सूत्र बताते हैं कि पिछले दिनों केंद्र सरकार ने राज्यपाल सत्यपाल मलिक को अपनी चिंता और नाराजगी से अवगत कराते हुए जल्द से जल्द नए डीजीपी की तैनाती करने को कहा था।
इसके बाद से ही दिलबाग सिंह और एसएम सहाय का नाम डीजीपी पद के लिए चर्चा में था। गृह सचिव आरके गोयल की ओर से इस आशय का आदेश जारी किया गया। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
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जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी एसपी वैद्य को हटाये जाने के बाद ही राजनीतिक पार्टियों ने अपना-अपना रुख सामने रखना शुरू कर दिया है। देर रात हुए तबादले के बाद पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर कहा कि डीजीपी बदलना प्रशासन का विशेषाधिकार है, लेकिन नए डीजी एक अस्थायी व्यवस्था के रूप में क्यों? ऐसे में नए डीजी यह नहीं पता होगा कि वह कबतक रहने जा रहे हैं। ऐसे में कई लोग उनकी जगह लेने में जोड़तोड़ कि फिराक में जुटे रहेंगे। यह जम्मू कश्मीर पुलिस के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं।
इसके साथ ही दूसरें ट्वीट में उन्होंने लिखा कि प्रशासन को एसपी वैध को बदलने कि इतनी जल्दी क्यों थी। उन्हें तभी बदला जाना चाहिए था जब इस पद के लिए स्थायी व्यक्ति का चयन हो जाता। जम्मू-कश्मीर पुलिस के पास क्या कम समस्याएं थीं जो अब लीडरशिप का भी भ्रम झेले।
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माना जा रहा है कि दक्षिण कश्मीर में बेकाबू होती कानून व्यवस्था से निपटने में विफलता की भी गाज गिरी है। साथ ही पुलिस जवानों का हौसला बनाए रखने के लिए भी मौजूदा प्रशासन में फेरबदल की आवश्यकता महसूस की गई। सूत्र बताते हैं कि पिछले दिनों केंद्र सरकार ने राज्यपाल सत्यपाल मलिक को अपनी चिंता और नाराजगी से अवगत कराते हुए जल्द से जल्द नए डीजीपी की तैनाती करने को कहा था।
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इसके बाद से ही दिलबाग सिंह और एसएम सहाय का नाम डीजीपी पद के लिए चर्चा में था। गृह सचिव आरके गोयल की ओर से इस आशय का आदेश जारी किया गया। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
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जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी एसपी वैद्य को हटाये जाने के बाद ही राजनीतिक पार्टियों ने अपना-अपना रुख सामने रखना शुरू कर दिया है। देर रात हुए तबादले के बाद पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर कहा कि डीजीपी बदलना प्रशासन का विशेषाधिकार है, लेकिन नए डीजी एक अस्थायी व्यवस्था के रूप में क्यों? ऐसे में नए डीजी यह नहीं पता होगा कि वह कबतक रहने जा रहे हैं। ऐसे में कई लोग उनकी जगह लेने में जोड़तोड़ कि फिराक में जुटे रहेंगे। यह जम्मू कश्मीर पुलिस के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं।
इसके साथ ही दूसरें ट्वीट में उन्होंने लिखा कि प्रशासन को एसपी वैध को बदलने कि इतनी जल्दी क्यों थी। उन्हें तभी बदला जाना चाहिए था जब इस पद के लिए स्थायी व्यक्ति का चयन हो जाता। जम्मू-कश्मीर पुलिस के पास क्या कम समस्याएं थीं जो अब लीडरशिप का भी भ्रम झेले।