J&K: जीएसटी के मुद्दे पर भाजपा और पीडीपी में उपजे मतभेद
जीएसटी पर भाजपा और पीडीपी में मतभेद उभरे हैं। पीडीपी ने अलगाववादियों और विपक्ष के दबाव में विशेष सत्र को स्थगित करवा दिया। भाजपा ने इसका विरोध किया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा ने कहा है कि रियासत में हर हाल में एक जुलाई से पहले जीएसटी पारित किया जाना जरूरी है।
भाजपा की ओर से सर्वदलीय बैठक में सत शर्मा ने पार्टी का पक्ष रखा। बाद में अमर उजाला से कहा कि भाजपा ने बैठक में सत्र को स्थगित किए जाने का विरोध किया। बैठक में सभी दल जीएसटी पर सहमत थे। इसलिए विशेष सत्र को टाला नहीं जाना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि 29 और 30 जून को विशेष सत्र बुलाकर जीएसटी विधेयक को पारित कराया जाना चाहिए। इसे दो महीने तक टालने से रियासत को भारी नुकसान होगा। कश्मीर से अखरोट, बादाम और सेब बाहर नहीं जा सकेंगे।
जीएसटी लागू नहीं होने का पड़ेगा गंभीर असर
सत शर्मा ने कहा कि जम्मू कश्मीर उपभोक्ता राज्य है, इसलिए जीएसटी लागू नहीं होने का गंभीर असर पड़ेगा। एक जुलाई को जब पूरे देश में जीएसटी लागू हो जाएगा, तब रियासत की आर्थिक हालत बिगड़ जाएगी। बाहर से सामान नहीं आ सकेंगे। दोहरे कर का बोझ पड़ेगा।
जीएसटी पर काफी चर्चा हो चुकी है। अब और चर्चा की जरूरत नहीं है। विपक्ष से पहले ही बातचीत हो चुकी है। व्यापारी संगठनों से भी बात हो चुकी है। विपक्ष राजनीति कर रहा है। इसका विरोध किया जाएगा। विपक्ष सर्वदलीय बैठक में सहमति दिखाता है।
कांग्रेस भी जीएसटी के पक्ष में है। इंजीनियर रशीद तक पक्ष में हैं, लेकिन बाहर जाकर यही लोग जीएसटी के बारे में अफवाह फैलाते हैं। इसे रियासत के विशेष दर्जा के लिए घातक बताते हैं। जीएसटी से विशेष दर्जे पर कोई असर नहीं पडे़गा।