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जम्मू-कश्मीर: कुपवाड़ा मुठभेड़ में शहीद हुए दो कांस्टेबल के परिवार को डीजीपी ने दिया 1.5 लाख का चेक
Tue, 15 Oct 2019 06:19 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Tue, 15 Oct 2019 06:19 PM IST
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दो शहीद जवानों की माताओं को सहायता राशि का चेक देते डीजीपी
- फोटो : ANI
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जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में तीन मार्च को चली 60 घंटे की मुठभेड़ में पांच जवान शहीद हुए थे। इनमे दो जवान जम्मू-कश्मीर पुलिस के भी थे। मंगलवार को डीजीपी दिलबाग सिंह ने दोनों शहीद जवानों के परिवार को 1.5 लाख रुपये की सहायता राशि की रूप में चेक दिया। दोनों शहीद जवान गुलाम मुस्तफा और नसीर अहमद की माताओं को 1.5 लाख रुपये का चेक जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी द्वारा दिया गया।
आपको बता दें कि मार्च में 60 घंटे तक चली मुठभेड़ में लश्कर के दो आतंकियों को सुरक्षा बलों ने मार गिराया था। इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों के पांच जवान शहीद हुए थे। हंदवाड़ा के बाबागुंड इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर 28 फरवरी की रात नौ बजे घेराबंदी की गई थी।
लगभग पांच घंटे बाद आतंकियों से आमने-सामने के बाद मुठभेड़ शुरू हो गई थी। सुरक्षा बलों ने एक मकान को विस्फोटक से उड़ा दिया। उन्हें लगा कि आतंकी मारे गए, लेकिन जब वह मलबे को साफ करने पहुंचे तो आतंकी मलबे के नीचे से निकले और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इसमें सुरक्षा बलों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। नौ जवान घायल हो गए थे, जिसमें से चार ने उसी दिन दम तोड़ दिया था।
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आपको बता दें कि मार्च में 60 घंटे तक चली मुठभेड़ में लश्कर के दो आतंकियों को सुरक्षा बलों ने मार गिराया था। इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों के पांच जवान शहीद हुए थे। हंदवाड़ा के बाबागुंड इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर 28 फरवरी की रात नौ बजे घेराबंदी की गई थी।
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लगभग पांच घंटे बाद आतंकियों से आमने-सामने के बाद मुठभेड़ शुरू हो गई थी। सुरक्षा बलों ने एक मकान को विस्फोटक से उड़ा दिया। उन्हें लगा कि आतंकी मारे गए, लेकिन जब वह मलबे को साफ करने पहुंचे तो आतंकी मलबे के नीचे से निकले और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इसमें सुरक्षा बलों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। नौ जवान घायल हो गए थे, जिसमें से चार ने उसी दिन दम तोड़ दिया था।
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पुलिस के अनुसार मारे गए आतंकियों में एक पाकिस्तान का था, जिसकी शिनाख्त कबूल्ला के रूप में हुई थी। दूसरा ब्रथ सोपोर का इशफाक था। प्रवक्ता ने बताया था कि सीआरपीएफ के जवान शाम नारायण सिंह यादव (गाजीपुर, उत्तर प्रदेश), इंस्पेक्टर पिंटू कुमार सिंह व कांस्टेबल विनोद कुमार और दो पुलिस कर्मी नसीर अहमद और गुलाम मुस्तफा बराह शहीद हो गए थे।
प्रशिक्षित थे मारे गए आतंकी
मुठभेड़ समाप्ति के बाद आईजी कश्मीर एसपी पाणि तथा सीआरपीएफ के स्पेशल डीजी वीएसके कुमौदी ने बताया था कि आतंकवादी जहां छिपे थे वह इलाका बहुत तंग था और पास के घरों से लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया था। इस वजह से ऑपरेशन थोड़ा लंबा खिंचा। आतंकी काफी प्रशिक्षित थे। उन्हें सरहद पार से हर तरह की ट्रेनिंग देकर भेजा गया था।
प्रशिक्षित थे मारे गए आतंकी
मुठभेड़ समाप्ति के बाद आईजी कश्मीर एसपी पाणि तथा सीआरपीएफ के स्पेशल डीजी वीएसके कुमौदी ने बताया था कि आतंकवादी जहां छिपे थे वह इलाका बहुत तंग था और पास के घरों से लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया था। इस वजह से ऑपरेशन थोड़ा लंबा खिंचा। आतंकी काफी प्रशिक्षित थे। उन्हें सरहद पार से हर तरह की ट्रेनिंग देकर भेजा गया था।