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घाटी में कम हुई आतंकियों की उम्र, दो साल से कम समय में मार गिराए 360 से अधिक आतंकी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Sun, 09 Sep 2018 07:50 PM IST
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CRPF DG
- फोटो : ANI
सुरक्षाबलों के एक के बाद एक अभियान ने कश्मीर घाटी में आतंकियों की कमर तोड़ दी है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक राजीव राय भटनागर ने रविवार को दावा किया कि इन अभियानों से घाटी में आतंकियों की उम्र कम हो गई है। दो साल से भी कम समय में 360 से ज्यादा आतंकी ढेर कर दिए गए हैं।
एक साक्षात्कार में भटनागर ने कहा कि आतंकियों की जीवित रहने की समय सीमा बहुत कम हो गई है। भले ही उनकी संख्या ज्यादा हो, लेकिन असर सीमित हो गया है। घाटी में स्थानीय युवाओं के आतंकी संगठनों में शामिल होने के मामले बढ़े हैं। जम्मू-कश्मीर में आतंकी संगठन युवाओं को बरगला रहे हैं, लेकिन युवाओं को यह समझना होगा कि इससे उन्हें कुछ हासिल नहीं होगा। हम युवाओं को हथियार उठाने से रोकने के लिए हरसंभव कोशिश कर रहे हैं।
सीआरपीएफ प्रमुख ने कहा कि घाटी में सीआरपीएफ, स्थानीय पुलिस और सेना के बीच बेहतर तालमेल है। हम एक यूनिट की तरह काम कर रहे हैं। इस साल करीब 142 आतंकी मारे जा चुके हैं, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा करीब 220 था। यह सुरक्षाबलों के बीच बेहतर तालमेल का नतीजा है। भटनागर ने कहा कि घाटी में सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए सीआरपीएफ ने जवानों को बुलेट प्रूफ वाहन, फुल बॉडी प्रोटेक्टर के साथ ही विशेष तरह के बख्तरबंद वाहनों से लैस किया गया है, ताकि वे खतरनाक हालातों में अभियान को अंजाम दे सकें।
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एक साक्षात्कार में भटनागर ने कहा कि आतंकियों की जीवित रहने की समय सीमा बहुत कम हो गई है। भले ही उनकी संख्या ज्यादा हो, लेकिन असर सीमित हो गया है। घाटी में स्थानीय युवाओं के आतंकी संगठनों में शामिल होने के मामले बढ़े हैं। जम्मू-कश्मीर में आतंकी संगठन युवाओं को बरगला रहे हैं, लेकिन युवाओं को यह समझना होगा कि इससे उन्हें कुछ हासिल नहीं होगा। हम युवाओं को हथियार उठाने से रोकने के लिए हरसंभव कोशिश कर रहे हैं।
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सीआरपीएफ प्रमुख ने कहा कि घाटी में सीआरपीएफ, स्थानीय पुलिस और सेना के बीच बेहतर तालमेल है। हम एक यूनिट की तरह काम कर रहे हैं। इस साल करीब 142 आतंकी मारे जा चुके हैं, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा करीब 220 था। यह सुरक्षाबलों के बीच बेहतर तालमेल का नतीजा है। भटनागर ने कहा कि घाटी में सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए सीआरपीएफ ने जवानों को बुलेट प्रूफ वाहन, फुल बॉडी प्रोटेक्टर के साथ ही विशेष तरह के बख्तरबंद वाहनों से लैस किया गया है, ताकि वे खतरनाक हालातों में अभियान को अंजाम दे सकें।
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