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Jammu News: घाटी की लाइफलाइन बनी वंदे भारत, एक माह में 52 हजार से अधिक ने किया सफर
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- कटड़ा से श्रीनगर तक वंदे भारत के परिचालन का एक महीना पूरा
- ट्रेन में आधुनिक सुविधाएं, स्वच्छता, समय की बचत और सुगम संचालन बना आकर्षण
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। कटड़ा से श्रीनगर के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस कश्मीर घाटी के लिए लाइफलाइन बन गई है। यह ट्रेन यात्रियों के लिए संपर्क और सुविधा का नया प्रतीक है। सात जून को शुरू हुई इस ट्रेन सेवा का एक महीना पूरा हो रहा है। अब तक इसमें करीब 52 हजार से अधिक यात्री सफर कर चुके हैं।
सप्ताह में छह दिन चलने वाली वंदे भारत ट्रेन के प्रति आकर्षण इतना है कि लोगों ने इसमें अपने जीवन के अहम क्षणों को यादगार बनाया है। किसी ने अपने बच्चे के जन्मदिन का केक काटा, तो किसी ने परिवार के साथ ईद मनाई। यह ट्रेन विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे आर्च पुल, देश के पहले रेलवे केबल स्टे पुल और कई टनल से होकर गुजरती है, जो यात्रियों को सफर में एक अलग ही रोमांच पैदा करती है। शुरुआती दिनों से ही ट्रेन की सभी सीटें फुल जा रही हैं। खासकर पर्यटक, अमरनाथ यात्रा के श्रद्धालु, व्यापारी, कर्मचारी और छात्र इसका लाभ उठा रहे हैं। ट्रेन में आधुनिक सुविधाएं, स्वच्छता, समय की बचत और सुगम संचालन आकर्षण का केेंद्र बने हैं।
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प्रतिदिन दो फेरे 530 यात्री बैठ सकते हैं
यह ट्रेन प्रतिदिन दो फेरे लगाती है, एक कटड़ा से श्रीनगर और दूसरा श्रीनगर से कटड़ा। हर फेरे में लगभग 530 यात्री सफर कर सकते हैं। इस हिसाब से प्रतिदिन औसतन 1,060 यात्रियों की आवाजाही हो रही है। ट्रेन परिचालन से जम्मू और श्रीनगर शहरों के बीच की 189 किलोमीटर की दूरी तीन घंटे में पूरी हो रही है, जबकि सड़क मार्ग से आठ से 10 घंटे लगते हैं।
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भविष्य में कोच की संख्या बढ़ाने पर विचार
तेज, सुरक्षित और आरामदायक परिवहन विकल्प ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है। रेलवे के अनुसार, यात्रियों की भारी मांग को देखते हुए भविष्य में कोचों की संख्या बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। वंदे भारत अब सिर्फ एक ट्रेन नहीं, बल्कि कश्मीर के विकास, पर्यटन और लोगों की जीवनशैली में बदलाव की नई रेखा बनती जा रही है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्रीय रेलवे मंत्री को पत्र लिखकर वंदे भारत कोच की संख्या बढ़ाने की अपील की है।
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कई राजनीतिक हस्तियों ने ट्रेन में किया सफर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छह जून को इस ट्रेन को झंडी दिखाई थी। इसके बाद कई राजनीतिक हस्तियों ने ट्रेन में सफर किया। मुख्यमंत्री उमर ने 19 जून को नाैगाम रेलवे स्टेशन से कटड़ा तक वंदे भारत में सफर किया। नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने 10 जून को वंदे भारत से कटड़ा तक सफर किया। उनके साथ उमर अब्दुल्ला के दोनोंं बेटे, कैबिनेट मंंत्री सतीश शर्मा, मुख्यमंंत्री के सलाहकार सहित कई बड़ेे नेताओं ने सफर किया।
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- ट्रेन में आधुनिक सुविधाएं, स्वच्छता, समय की बचत और सुगम संचालन बना आकर्षण
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। कटड़ा से श्रीनगर के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस कश्मीर घाटी के लिए लाइफलाइन बन गई है। यह ट्रेन यात्रियों के लिए संपर्क और सुविधा का नया प्रतीक है। सात जून को शुरू हुई इस ट्रेन सेवा का एक महीना पूरा हो रहा है। अब तक इसमें करीब 52 हजार से अधिक यात्री सफर कर चुके हैं।
सप्ताह में छह दिन चलने वाली वंदे भारत ट्रेन के प्रति आकर्षण इतना है कि लोगों ने इसमें अपने जीवन के अहम क्षणों को यादगार बनाया है। किसी ने अपने बच्चे के जन्मदिन का केक काटा, तो किसी ने परिवार के साथ ईद मनाई। यह ट्रेन विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे आर्च पुल, देश के पहले रेलवे केबल स्टे पुल और कई टनल से होकर गुजरती है, जो यात्रियों को सफर में एक अलग ही रोमांच पैदा करती है। शुरुआती दिनों से ही ट्रेन की सभी सीटें फुल जा रही हैं। खासकर पर्यटक, अमरनाथ यात्रा के श्रद्धालु, व्यापारी, कर्मचारी और छात्र इसका लाभ उठा रहे हैं। ट्रेन में आधुनिक सुविधाएं, स्वच्छता, समय की बचत और सुगम संचालन आकर्षण का केेंद्र बने हैं।
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प्रतिदिन दो फेरे 530 यात्री बैठ सकते हैं
यह ट्रेन प्रतिदिन दो फेरे लगाती है, एक कटड़ा से श्रीनगर और दूसरा श्रीनगर से कटड़ा। हर फेरे में लगभग 530 यात्री सफर कर सकते हैं। इस हिसाब से प्रतिदिन औसतन 1,060 यात्रियों की आवाजाही हो रही है। ट्रेन परिचालन से जम्मू और श्रीनगर शहरों के बीच की 189 किलोमीटर की दूरी तीन घंटे में पूरी हो रही है, जबकि सड़क मार्ग से आठ से 10 घंटे लगते हैं।
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भविष्य में कोच की संख्या बढ़ाने पर विचार
तेज, सुरक्षित और आरामदायक परिवहन विकल्प ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है। रेलवे के अनुसार, यात्रियों की भारी मांग को देखते हुए भविष्य में कोचों की संख्या बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। वंदे भारत अब सिर्फ एक ट्रेन नहीं, बल्कि कश्मीर के विकास, पर्यटन और लोगों की जीवनशैली में बदलाव की नई रेखा बनती जा रही है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्रीय रेलवे मंत्री को पत्र लिखकर वंदे भारत कोच की संख्या बढ़ाने की अपील की है।
कई राजनीतिक हस्तियों ने ट्रेन में किया सफर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छह जून को इस ट्रेन को झंडी दिखाई थी। इसके बाद कई राजनीतिक हस्तियों ने ट्रेन में सफर किया। मुख्यमंत्री उमर ने 19 जून को नाैगाम रेलवे स्टेशन से कटड़ा तक वंदे भारत में सफर किया। नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने 10 जून को वंदे भारत से कटड़ा तक सफर किया। उनके साथ उमर अब्दुल्ला के दोनोंं बेटे, कैबिनेट मंंत्री सतीश शर्मा, मुख्यमंंत्री के सलाहकार सहित कई बड़ेे नेताओं ने सफर किया।