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Jammu News: महिलाएं होंगी सशक्त, वार्ड स्तर पर मिलेगा स्वरोजगार
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अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस
- सहकारिता विभाग देगा वित्तीय मदद, 80 हजार को मिलेगा लाभ
- खुलेंगे सिलाई सेंटर, डेयरी फार्म, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, सहकारी सभाओं के माध्यम से मिलेगा लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में पंचायत से लेकर वार्ड स्तर तक महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी। सहकारिता विभाग स्वरोजगार देने के लिए महिलाओं को वित्तीय मदद देगा। इससे करीब 80 हजार महिलाओं को लाभ मिलेगा।
हर पंचायत में सिलाई सेंटर, डेयरी फार्म और फूड प्रोसेसिंग यूनिट खोलीं जा रही हैं। विभाग महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रहा है। इनमें कृषि, पशुपालन, मत्स्य, भेड़ पालन, बागवानी सहित कई सेक्टर में महिलाओं को रोजगार मिल चुका है। प्रदेश में तीन लाख से ज्यादा महिलाएं स्वरोजगार से जुड़ चुकी हैं।
यूनिट स्थापित करने को लेकर सहकारिता विभाग की ओर से सब्सिडी दी जा रही है। 10 हजार से लेकर एक लाख तक लोन सुविधा भी है। योजना से पुरुष भी ग्रामीण स्तर पर लाभान्वित हो रहे हैं। विभाग की ओर से सहकारी सभाओं के माध्यम से लोन जारी किया जा रहा है। इससे यूनिट स्थापित करने में आसानी हो रही है।
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गांवों में खुलेंगे कॉमन सर्विस सेंटर
सरकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीण स्तर पर ही मिल जाएगा। गांवों में काॅमन सर्विस सेंटर खोले जाएंगे। यहां पर डिजिटल इंडिया के माध्यम से ऑनलाइन लाभ लिया जा सकेगा। यहां पर प्रमाणपत्र भी ऑनलाइन बनाए जा सकेंगे। कुल 4291 पंचायतों में लोगों को ग्रामीण स्तर पर सुविधा मिलेगी। मौजूदा समय में ग्रामीणों को लाभ लेने के लिए शहर में आना पड़ता है।
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बैंकिंग सेवाओं में सुधार होगा
प्रदेशभर में सहकारिता विभाग के 200 से ज्यादा बैंक काम कर रहे हैं। इन बैंकों को ऑनलाइन किया जा रहा है। बैंकों को काेर बैंकिंग से जोड़ा जाएगा। इससे अन्य बैंकों की तर्ज पर लेने देन किया जा सकेगा। मौजूदा समय में बैंकों में ऑफलाइन काम हो रहा है।
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सहकारिता सभाओं का बढ़ेगा दायरा
जम्मू-कश्मीर में 500 से ज्यादा सहकारिता सभाएं चल रही हैं। इनमें काम न करने वाली सभाओं को समाप्त किया जाएगा और नई समितियों का गठन होगा। इन्हीं समितियों के माध्यम से लाभार्थियों को वित्तीय सहायता दी जाती है। इस साल इनकी संख्या बढ़कर 550 हो जाएगी।
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क्या-क्या काम होते सहकारी सभाओं में
- सोसायटी से जुड़े लोगों को लोन सुविधा देना
- सोसायटी के माध्यम से कृषि सुधार उपकरण
- कृषि लोन, रोजगार लोन
- महिला सशक्तीकरण पर काम
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सोसायटी भी होगी ऑनलाइन
सोसायटियों को भी ऑनलाइन किया जाएगा। इसका फायदा यह होगा कि रिकाॅर्ड ऑनलाइन रहेगा। रिकाॅर्ड के साथ छेड़छाड़ नहीं हो सकेगी। मौजूदा समय में 50 से ज्यादा सोसायटी शक के घेरे में है। इनके खिलाफ जांच चल रही है।
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सहकारिता क्षेत्र में इस साल बड़ा बदलाव लाया जाएगा। महिलाओं को सीधा रोजगार से जोड़ा जाएगा। बैंकिंग क्षेत्र को ऑनलाइन किया जाएगा। सहकारिता सभाएं भी ऑनलाइन होंगी। सीधा लाभ लोगों को मिल सकेगा।
- बाल कृष्ण, प्रशासनिक अधिकारी, सहकारिता विभाग
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कई योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत किया जा रहा है। बैंकिंग क्षेत्र में भी सुधार जारी है। अन्य बैंकों की तर्ज पर सुविधाएं लोगों को मिलेंगी। कई नए प्रोजेक्टों का अगले माह से लाभ मिलेगा।
- बबीला रकवाल, सचिव, सहकारिता विभाग
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- सहकारिता विभाग देगा वित्तीय मदद, 80 हजार को मिलेगा लाभ
- खुलेंगे सिलाई सेंटर, डेयरी फार्म, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, सहकारी सभाओं के माध्यम से मिलेगा लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में पंचायत से लेकर वार्ड स्तर तक महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी। सहकारिता विभाग स्वरोजगार देने के लिए महिलाओं को वित्तीय मदद देगा। इससे करीब 80 हजार महिलाओं को लाभ मिलेगा।
हर पंचायत में सिलाई सेंटर, डेयरी फार्म और फूड प्रोसेसिंग यूनिट खोलीं जा रही हैं। विभाग महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रहा है। इनमें कृषि, पशुपालन, मत्स्य, भेड़ पालन, बागवानी सहित कई सेक्टर में महिलाओं को रोजगार मिल चुका है। प्रदेश में तीन लाख से ज्यादा महिलाएं स्वरोजगार से जुड़ चुकी हैं।
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यूनिट स्थापित करने को लेकर सहकारिता विभाग की ओर से सब्सिडी दी जा रही है। 10 हजार से लेकर एक लाख तक लोन सुविधा भी है। योजना से पुरुष भी ग्रामीण स्तर पर लाभान्वित हो रहे हैं। विभाग की ओर से सहकारी सभाओं के माध्यम से लोन जारी किया जा रहा है। इससे यूनिट स्थापित करने में आसानी हो रही है।
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गांवों में खुलेंगे कॉमन सर्विस सेंटर
सरकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीण स्तर पर ही मिल जाएगा। गांवों में काॅमन सर्विस सेंटर खोले जाएंगे। यहां पर डिजिटल इंडिया के माध्यम से ऑनलाइन लाभ लिया जा सकेगा। यहां पर प्रमाणपत्र भी ऑनलाइन बनाए जा सकेंगे। कुल 4291 पंचायतों में लोगों को ग्रामीण स्तर पर सुविधा मिलेगी। मौजूदा समय में ग्रामीणों को लाभ लेने के लिए शहर में आना पड़ता है।
बैंकिंग सेवाओं में सुधार होगा
प्रदेशभर में सहकारिता विभाग के 200 से ज्यादा बैंक काम कर रहे हैं। इन बैंकों को ऑनलाइन किया जा रहा है। बैंकों को काेर बैंकिंग से जोड़ा जाएगा। इससे अन्य बैंकों की तर्ज पर लेने देन किया जा सकेगा। मौजूदा समय में बैंकों में ऑफलाइन काम हो रहा है।
सहकारिता सभाओं का बढ़ेगा दायरा
जम्मू-कश्मीर में 500 से ज्यादा सहकारिता सभाएं चल रही हैं। इनमें काम न करने वाली सभाओं को समाप्त किया जाएगा और नई समितियों का गठन होगा। इन्हीं समितियों के माध्यम से लाभार्थियों को वित्तीय सहायता दी जाती है। इस साल इनकी संख्या बढ़कर 550 हो जाएगी।
क्या-क्या काम होते सहकारी सभाओं में
- सोसायटी से जुड़े लोगों को लोन सुविधा देना
- सोसायटी के माध्यम से कृषि सुधार उपकरण
- कृषि लोन, रोजगार लोन
- महिला सशक्तीकरण पर काम
सोसायटी भी होगी ऑनलाइन
सोसायटियों को भी ऑनलाइन किया जाएगा। इसका फायदा यह होगा कि रिकाॅर्ड ऑनलाइन रहेगा। रिकाॅर्ड के साथ छेड़छाड़ नहीं हो सकेगी। मौजूदा समय में 50 से ज्यादा सोसायटी शक के घेरे में है। इनके खिलाफ जांच चल रही है।
सहकारिता क्षेत्र में इस साल बड़ा बदलाव लाया जाएगा। महिलाओं को सीधा रोजगार से जोड़ा जाएगा। बैंकिंग क्षेत्र को ऑनलाइन किया जाएगा। सहकारिता सभाएं भी ऑनलाइन होंगी। सीधा लाभ लोगों को मिल सकेगा।
- बाल कृष्ण, प्रशासनिक अधिकारी, सहकारिता विभाग
कई योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत किया जा रहा है। बैंकिंग क्षेत्र में भी सुधार जारी है। अन्य बैंकों की तर्ज पर सुविधाएं लोगों को मिलेंगी। कई नए प्रोजेक्टों का अगले माह से लाभ मिलेगा।
- बबीला रकवाल, सचिव, सहकारिता विभाग