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Jammu News: 2.37 करोड़ से बनेगी एक किमी सड़क, दस साल की होगी गारंटी
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- पीएमजीएसवाई के चौथे चरण में नियम तय, गारंटी पूरी न हुई तो नहीं मिलेगा टेंडर
- केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने तलब की तीसरे चरण में बनी सड़कों की रिपोर्ट
- रिपोर्ट में बताना होगा कब हुआ टेंडर, निर्माण किसने किया और अब क्या है दशा
राकेश शर्मा
जम्मू। ग्रामीण बस्तियों को पहली बार जोड़ने वाली सड़क दस साल की गारंटी पर बनेगी। इसमें पांच साल तक सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी ठेकेदार के पास रहेगी और अगले पांच साल लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) सड़क का ख्याल रखेगा। 2.37 करोड़ रुपये में एक किलोमीटर सड़क का निर्माण होगा। गुणवत्ता में कमी की वजह से सड़क दस साल टिकाऊ नहीं रहती है तो संबंधित ठेकेदार को विभाग ब्लैक लिस्ट कर सकता है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के चौथे चरण को मंजूरी के साथ ही यह शर्त तय कर दी है। पीएमजीएसवाई के चौथे चरण में एक और बड़ा बदलाव पुरानी सड़कों पर हुए काम को लेकर भी किया गया है। तीसरे चरण में जिन सड़कों का निर्माण पूरा किया गया था, उनकी हालत की रिपोर्ट भी लोक निर्माण विभाग को मंत्रालय भेजनी होगी। इन सड़कों के निर्माण के आधार पर यह तय होगा कि सड़क निर्माण का टेंडर किस फर्म को दिया जाए।
पीडब्ल्यूडी को पीएमजीएसवाई में तैयार सड़कों और उनकी मौजूदा दशा को अपलोड करना होगा। यह भी खुलासा करना होगा कि इन सड़कों को किसने और कब बनाया। साथ ही यह भी जानकारी देनी होगी कि मौजूदा स्थिति में सड़कों की हालत कैसी है। मंत्रालय ने ग्रामीण सड़कों का इलेक्ट्राॅनिक रखरखाव (ई-मार्ग) में अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने प्रदेश को इस बारे में पत्र जारी कर दिया है। पीएमजीएसवाई के चौथे चरण में प्रदेश में 316 सड़कों का निर्माण होना है। इन पर 4224 करोड़ रुपये का बजट खर्च होगा। इन सड़कों की लंबाई 1781 किलोमीटर है। केंद्र सरकार सड़क निर्माण की मंजूरी दे चुकी है और अब इसमें आगामी प्रक्रिया को शुरू किया गया है।
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केंद्र ने भेजा नियमों का पत्र
ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधीनस्थ सचिव जैकेब लालमलसान ने पीडब्ल्यूडी के प्रधान सचिव पीएमजीएसवाई की मंजूरी को लेकर पत्र भेजा है। इस पत्र में चौथे चरण को लेकर शर्तें तय की गई हैं। लोक निर्माण मंत्री सुरिंदर चौधरी ने केंद्र से मंजूर हुई सड़कों का निर्माण तय समय पर पूरा करने निर्देश दिए हैं। मौजूदा समय में विभाग के अधिकारी टेंडर की प्रक्रिया को पूरा कर रहे हैं और इनमें तय सभी नियमों की जांच की जा रही है।
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- केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने तलब की तीसरे चरण में बनी सड़कों की रिपोर्ट
- रिपोर्ट में बताना होगा कब हुआ टेंडर, निर्माण किसने किया और अब क्या है दशा
राकेश शर्मा
जम्मू। ग्रामीण बस्तियों को पहली बार जोड़ने वाली सड़क दस साल की गारंटी पर बनेगी। इसमें पांच साल तक सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी ठेकेदार के पास रहेगी और अगले पांच साल लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) सड़क का ख्याल रखेगा। 2.37 करोड़ रुपये में एक किलोमीटर सड़क का निर्माण होगा। गुणवत्ता में कमी की वजह से सड़क दस साल टिकाऊ नहीं रहती है तो संबंधित ठेकेदार को विभाग ब्लैक लिस्ट कर सकता है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के चौथे चरण को मंजूरी के साथ ही यह शर्त तय कर दी है। पीएमजीएसवाई के चौथे चरण में एक और बड़ा बदलाव पुरानी सड़कों पर हुए काम को लेकर भी किया गया है। तीसरे चरण में जिन सड़कों का निर्माण पूरा किया गया था, उनकी हालत की रिपोर्ट भी लोक निर्माण विभाग को मंत्रालय भेजनी होगी। इन सड़कों के निर्माण के आधार पर यह तय होगा कि सड़क निर्माण का टेंडर किस फर्म को दिया जाए।
पीडब्ल्यूडी को पीएमजीएसवाई में तैयार सड़कों और उनकी मौजूदा दशा को अपलोड करना होगा। यह भी खुलासा करना होगा कि इन सड़कों को किसने और कब बनाया। साथ ही यह भी जानकारी देनी होगी कि मौजूदा स्थिति में सड़कों की हालत कैसी है। मंत्रालय ने ग्रामीण सड़कों का इलेक्ट्राॅनिक रखरखाव (ई-मार्ग) में अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने प्रदेश को इस बारे में पत्र जारी कर दिया है। पीएमजीएसवाई के चौथे चरण में प्रदेश में 316 सड़कों का निर्माण होना है। इन पर 4224 करोड़ रुपये का बजट खर्च होगा। इन सड़कों की लंबाई 1781 किलोमीटर है। केंद्र सरकार सड़क निर्माण की मंजूरी दे चुकी है और अब इसमें आगामी प्रक्रिया को शुरू किया गया है।
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केंद्र ने भेजा नियमों का पत्र
ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधीनस्थ सचिव जैकेब लालमलसान ने पीडब्ल्यूडी के प्रधान सचिव पीएमजीएसवाई की मंजूरी को लेकर पत्र भेजा है। इस पत्र में चौथे चरण को लेकर शर्तें तय की गई हैं। लोक निर्माण मंत्री सुरिंदर चौधरी ने केंद्र से मंजूर हुई सड़कों का निर्माण तय समय पर पूरा करने निर्देश दिए हैं। मौजूदा समय में विभाग के अधिकारी टेंडर की प्रक्रिया को पूरा कर रहे हैं और इनमें तय सभी नियमों की जांच की जा रही है।
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