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Jammu News: अब बागवान खुद परख सकेंगे सेब गुणवत्ता कश्मीर से सीधे विदेश भेजा जा सकेगा फल
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- पहले दिल्ली में होती थी ग्रेडिंग, बढ़ेगा कारोबार, समग्र कृषि विकास योजना से 50 फीसदी सब्सिडी पर मिलेगी ग्रेडिंग मशीन
सतीश वालिया
जम्मू। प्रदेश के बागवान सेब की गुणवत्ता अब घर से परख सकेंगे। इसके लिए समग्र कृषि विकास योजना और कांपटेटिवनेस इंप्रूवमेंट ऑफ एग्रीकल्चर एंड अलाइड सेक्टर प्रोजेक्ट से 50 फीसदी सब्सिडी पर बागवानों को ग्रेडिंग मशीन उपलब्ध कराई जाएगी। मशीन खरीद के लिए ढाई लाख रुपये खर्च आएगा।
इससे पहले सेब दिल्ली भेजा जाता था। इसके बाद ग्रेडिंग होती थी और बागवानों को पैसा मिलता था। अब बागवान ग्रेडिंग के बाद ए ग्रेड के सेब को सीधा विदेश भेज सकेंगे। बी और सी ग्रेड के सेब को देश में ही बेचा जा सकेगा। डी ग्रेड का सेब जैम, पेय पदार्थ तैयार करने वाली कंपनियों को बेचा जाएगा।
मौजूदा समय में कश्मीर घाटी में हर साल औसतन सेब की पैदावार 21 मीट्रिक टन के आसपास रहती है। कश्मीरी सेब की विदेश के साथ देश के अन्य राज्यों में भी अच्छी खासी डिमांड रहती है। इस योजना से तीन लाख से ज्यादा बागवान लाभान्वित होंगे।
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पैकेजिंग सामग्री भी विभाग देगा
सेब को पैक करने के लिए पैकेजिंग सामग्री बागवानी योजना एवं विपणन विभाग की ओर से दी जाएगी। बागवान पेटियों में सेब को पैक करेंगे। बाद में निर्यात किया जाएगा। 50 फीसदी सब्सिडी पर ही सामग्री उपलब्ध होगी। सेब पैक करने पर आधा खर्च आएगा।
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इस साल से बागवान सेब की ग्रेडिंग खुद कर सकेंगे। ग्रेडिंग मशीन के लिए 50 फीसदी सब्सिडी दी जा रही है। पहले दिल्ली में ग्रेडिंग होती थी। साथ ही पैकेजिंग सामग्री भी उपलब्ध करवाई जाएगी।
- रंजीत सिंह, उपनिदेशक, बागवानी योजना एवं विपणन विभाग
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सतीश वालिया
जम्मू। प्रदेश के बागवान सेब की गुणवत्ता अब घर से परख सकेंगे। इसके लिए समग्र कृषि विकास योजना और कांपटेटिवनेस इंप्रूवमेंट ऑफ एग्रीकल्चर एंड अलाइड सेक्टर प्रोजेक्ट से 50 फीसदी सब्सिडी पर बागवानों को ग्रेडिंग मशीन उपलब्ध कराई जाएगी। मशीन खरीद के लिए ढाई लाख रुपये खर्च आएगा।
इससे पहले सेब दिल्ली भेजा जाता था। इसके बाद ग्रेडिंग होती थी और बागवानों को पैसा मिलता था। अब बागवान ग्रेडिंग के बाद ए ग्रेड के सेब को सीधा विदेश भेज सकेंगे। बी और सी ग्रेड के सेब को देश में ही बेचा जा सकेगा। डी ग्रेड का सेब जैम, पेय पदार्थ तैयार करने वाली कंपनियों को बेचा जाएगा।
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मौजूदा समय में कश्मीर घाटी में हर साल औसतन सेब की पैदावार 21 मीट्रिक टन के आसपास रहती है। कश्मीरी सेब की विदेश के साथ देश के अन्य राज्यों में भी अच्छी खासी डिमांड रहती है। इस योजना से तीन लाख से ज्यादा बागवान लाभान्वित होंगे।
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पैकेजिंग सामग्री भी विभाग देगा
सेब को पैक करने के लिए पैकेजिंग सामग्री बागवानी योजना एवं विपणन विभाग की ओर से दी जाएगी। बागवान पेटियों में सेब को पैक करेंगे। बाद में निर्यात किया जाएगा। 50 फीसदी सब्सिडी पर ही सामग्री उपलब्ध होगी। सेब पैक करने पर आधा खर्च आएगा।
इस साल से बागवान सेब की ग्रेडिंग खुद कर सकेंगे। ग्रेडिंग मशीन के लिए 50 फीसदी सब्सिडी दी जा रही है। पहले दिल्ली में ग्रेडिंग होती थी। साथ ही पैकेजिंग सामग्री भी उपलब्ध करवाई जाएगी।
- रंजीत सिंह, उपनिदेशक, बागवानी योजना एवं विपणन विभाग