जम्मू-कश्मीर: हताश आतंकी संगठन महिला ओजीडब्ल्यू का कर रहे इस्तेमाल, महिला पेट्रोल बम हमलावर गिरफ्तार
सोपोर में सुरक्षाबलों के बंकर पर पेट्रोल बम हमला करने वाली महिला बारामुला की हसीना अख्तर की गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर दबिश दी गई। इसके बाद उसे पकड़ लिया गया है। 2008 में वह आसिया अंद्राबी के संपर्क में आई थी।
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जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों की सख्ती से हताश आतंकी संगठनों ने अब महिला ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। सोपोर में सुरक्षा बलों के बंकर पर पेट्रोल बम से हमला करने वाली महिला की शिनाख्त बारामुला की हसीना अख्तर के रूप में हुई है।
हसीना की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कई स्थानों पर दबिश दी
हसीना की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कई स्थानों पर दबिश दी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। वह 2008 में पाकिस्तान समर्थक अलगाववादी एवं दुख्तरान-ए-मिल्लत प्रमुख आसिया अंद्राबी के संपर्क में आई थी। आसिया फिलहाल जेल में बंद है।
विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे में महिला की तस्वीर कैद हो गई
पेट्रोल बम हमले के बाद विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे में महिला की तस्वीर कैद हो गई। सोपोर तथा हंदवाड़ा में उसके बारे में छानबीन करने पर सुरक्षा बलों को उसकी शिनाख्त करने में कामयाबी मिली। पेट्रोल बम फेंकने वाली हसीना अख्तर (38) के खिलाफ दो मामले दर्ज हैं।
महिलाओं का नापाक इरादों के लिए इस्तेमाल किया जाने लगा
इनमें से एक 2021 में उत्तरी कश्मीर के हंदवाड़ा में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा के पोस्टर चिपकाने से संबंधित है। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों की सख्ती का सामना कर रहे आतंकी संगठनों की ओर से अब महिलाओं का नापाक इरादों के लिए इस्तेमाल किया जाने लगा है।
पिछले साल दिसंबर से जमानत पर बाहर
इनमें ग्रेनेड हमले करने के साथ ही कुरियर के रूप में इस्तेमाल शामिल है। हनाफि या स्कूल से दसवीं कक्षा पास करने वाली अख्तर को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 2021 में गिरफ्तार किया था। वह पिछले साल दिसंबर से जमानत पर बाहर है।
कई महिलाएं पुलिस रडार पर
आईजी विजय कुमार ने बताया कि हसीना लश्कर-ए-ताइबा के ओवर ग्राउंड वर्कर के रूप में काम कर रही थी। अब हताश आतंकी तंजीमों ने इनका सहारा लेना शुरू कर दिया है। पिछले साल श्रीनगर शहर के बाहरी इलाके नौगाम में एक भाजपा कार्यकर्ता के आवास पर हमला हुआ था।
इसमें दो महिलाओं ने आतंकवादियों की मदद की थी। हमले में एक पुलिसकर्मी शहीद हो गया था। ऐसी कुछ और महिलाएं पुलिस के रडार पर हैं और हम उनसे पेशेवर तरीके से निपट रहे हैं।