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Jammu News: दूसरों को अक्ल, स्वास्थ्य विभाग खुद नहीं कर रहा अपनी हिदायतों पर अमल
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अरनिया के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मच्छरों के पनपने का पूरा इंतजाम
प्लास्टिक के बर्तनों में जमा हो रहा पानी, वाटर कूलर के पास बना छोटा तालाब
सामुदायिक बंकर में भी रखे कबाड़ के बीच जमा बारिश का पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। बरसात का मौसम चल रहा है, और साथ में आई फ्लू व हेपेटाइटिस जैसी बीमारियां भी परेशान कर रही हैं। इनके खिलाफ स्वास्थ्य विभाग लोगों को तो जागरूक कर रहा है, लेकिन खुद अमल नहीं कर रहा। अरनिया का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इस समय डेंगू और मलेरिया के मच्छरों को अपने यहां पनपने देने का मौका दे रहा है। यहां खुले में प्लास्टिक के पुराने बर्तन पड़े हैं, जिनमें पानी जमा है। वाटर कूलर के पास छोटा तालाब हर समय भरा रहता है। लेकिन, इस ओर पीएचसी के कर्मचारियों या चिकित्सकों का कोई ध्यान नहीं।
अरनिया पीएचसी पर करीब 40 हजार की आबादी निर्भर है। यह मौसम भी बीमारियों का है, इसलिए यहां हर रोज सैकड़ों लोग उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। मरीज और उनके साथ आए तीमारदार उपचार के लिए लाइन लगाते हैं और पीएचसी में कभी-कभी घंटों बिताते हैं। ये लोग यहीं बैठते हैं, पानी पीते हैं, शौचालय का इस्तेमाल भी करते हैं। इस दौरान इन्हें मच्छर अपना शिकार बना सकते हैं, और डेंगू व मलेरिया जैसी आम बीमारियां फैला सकते हैं। गनीमत है कि अब तक अरनिया तहसील में इस साल डेंगू का कोई मामला अब तक नहीं आया है। लेकिन, पीएचसी का ही अगर यह हाल रहा तो शुरूआत यहीं से हो सकती है।
पीएचसी में जाने वाले ग्रामीण कुलदीप राज ने बताया कि अस्पताल में बने सामुदायिक बंकर को स्टोर रूम की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। इस बंकर में बारिश के पानी का रिसाव होता है, और इसमें लगातार पानी जमा होता रहता है। यहां से पानी की निकासी का भी कोई प्रबंध नहीं है। बंकर में सामान भरा हुआ है, इसलिए यहां की कभी सफाई भी नहीं होती। लेकिन, इसके आसपास लोगों का आना जाना होता है, जो यहां पनपे मच्छरों से बीमारी का शिकार हो सकते हैं। पीएचसी प्रबंधन को इस ओर ध्यान देना चाहिए, और पूरे अस्पताल की कम से कम इस बीमारियों के मौसम में सफाई करवानी चाहिए।
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बताया कि अस्पताल में शौचालय का मेनहोल क्षतिग्रस्त हो गया है। उसमें पानी जमा हो रहा है, और मच्छर पनप रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग खुद के अस्पताल परिसर में डेंगू फैलाने वाली चीजों पर ध्यान नहीं दे रहा, जिससे उसकी बीमारी निवारक व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं। लोग अस्पताल में बीमारी का उपचार कराने जाते हैं, वहां तो पहले से ही अस्पताल प्रबंधन ने बीमारियां फैलाने की व्यवस्था कर रखी है। वहीं, पार्षद नरेश कुमार ने कहा कि अस्पताल परिसर में डेंगू के प्रति लापरवाही कई मरीजों को और भी गंभीर रूप से बीमार कर सकती है।
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डेंगू से बचाएंगी ये सावधानियां
डेंगू से बचाव के लिए चिकित्सा अधिकारी डॉ. रोहित कुमार ने बताया कि अपने आसपास कहीं साफ पानी जमा न होने दें। डेंगू का वायरस हमेशा साफ पानी में पनपता है। अपने घर में जमा कबाड़, प्लास्टिक की बोतल, जानवरों व पक्षियों को पानी पिलाने के लिए रखे प्याले, बाथरूम की टंकी का ढक्कन खुला न हो, बारिश का पानी टायर या पुराने कूलर में जमा न होने पाए और फ्रिज से निकलने वाला पानी जो फ्रिज के पीछे ट्रे में जमा होता है, उसे भी साफ करते रहें। इन सब चीजों को मद्देनजर रखते हुए डेंगू से बचाव किया जा सकता है।
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डेंगू के लक्षण दिखने पर करें चिकित्सक से संपर्क
डॉ. रोहित ने बताया कि डेंगू की शिकायत होने पर मरीज को बुखार के साथ ठंड महसूस होगी। आंखों की पुतलियां के पीछे दर्द होगा, शरीर के किसी भी हिस्से से जैसे - दांत, नाक, कान से खून का बहना, शरीर पर लाल चकत्ते बनना और खांसी-जुकाम रहना डेंगू के आम लक्षण हैं। ऐसी कोई भी शिकायत होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। उन्होंने बताया कि डेंगू की टेस्टिंग के लिए जम्मू में ही मरीज को जाना पड़ता है। अरनिया पीएचसी और अन्य स्वास्थ्य केंद्र में डेंगू की जांच नहीं होती। बरसात के मौसम में बुखार होने को हल्के में न लें। घर में साधारण दवाइयां लेने की बजाय चिकित्सक से जांच करवाएं।
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खाली बर्तनों में से पानी को हटा दिया जाएगा। सामुदायिक बंकर का भी निरीक्षण किया जाएगा। अगर, उसमें पानी का रिसाव हो रहा है, तो तुरंत इसकी मरम्मत करवाई जाएगी।
- डॉ. प्रेम पाल, इंचार्ज, पीएचसी अरनिया (जोनल मेडिकल ऑफिसर)
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बरसात के मौसम में नगरपालिका की तरफ से फॉगिंग और नालों की सफाई करवाई जा रही है। हर गली-मोहल्ले में दवाइयों का छिड़काव किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के दिशा निर्देश पर सारे काम तय समय पर किए जा रहे हैं।
- रवि सैनी, कार्यकारी अधिकारी, अरनिया नगरपालिका
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प्लास्टिक के बर्तनों में जमा हो रहा पानी, वाटर कूलर के पास बना छोटा तालाब
सामुदायिक बंकर में भी रखे कबाड़ के बीच जमा बारिश का पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। बरसात का मौसम चल रहा है, और साथ में आई फ्लू व हेपेटाइटिस जैसी बीमारियां भी परेशान कर रही हैं। इनके खिलाफ स्वास्थ्य विभाग लोगों को तो जागरूक कर रहा है, लेकिन खुद अमल नहीं कर रहा। अरनिया का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इस समय डेंगू और मलेरिया के मच्छरों को अपने यहां पनपने देने का मौका दे रहा है। यहां खुले में प्लास्टिक के पुराने बर्तन पड़े हैं, जिनमें पानी जमा है। वाटर कूलर के पास छोटा तालाब हर समय भरा रहता है। लेकिन, इस ओर पीएचसी के कर्मचारियों या चिकित्सकों का कोई ध्यान नहीं।
अरनिया पीएचसी पर करीब 40 हजार की आबादी निर्भर है। यह मौसम भी बीमारियों का है, इसलिए यहां हर रोज सैकड़ों लोग उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। मरीज और उनके साथ आए तीमारदार उपचार के लिए लाइन लगाते हैं और पीएचसी में कभी-कभी घंटों बिताते हैं। ये लोग यहीं बैठते हैं, पानी पीते हैं, शौचालय का इस्तेमाल भी करते हैं। इस दौरान इन्हें मच्छर अपना शिकार बना सकते हैं, और डेंगू व मलेरिया जैसी आम बीमारियां फैला सकते हैं। गनीमत है कि अब तक अरनिया तहसील में इस साल डेंगू का कोई मामला अब तक नहीं आया है। लेकिन, पीएचसी का ही अगर यह हाल रहा तो शुरूआत यहीं से हो सकती है।
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पीएचसी में जाने वाले ग्रामीण कुलदीप राज ने बताया कि अस्पताल में बने सामुदायिक बंकर को स्टोर रूम की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। इस बंकर में बारिश के पानी का रिसाव होता है, और इसमें लगातार पानी जमा होता रहता है। यहां से पानी की निकासी का भी कोई प्रबंध नहीं है। बंकर में सामान भरा हुआ है, इसलिए यहां की कभी सफाई भी नहीं होती। लेकिन, इसके आसपास लोगों का आना जाना होता है, जो यहां पनपे मच्छरों से बीमारी का शिकार हो सकते हैं। पीएचसी प्रबंधन को इस ओर ध्यान देना चाहिए, और पूरे अस्पताल की कम से कम इस बीमारियों के मौसम में सफाई करवानी चाहिए।
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बताया कि अस्पताल में शौचालय का मेनहोल क्षतिग्रस्त हो गया है। उसमें पानी जमा हो रहा है, और मच्छर पनप रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग खुद के अस्पताल परिसर में डेंगू फैलाने वाली चीजों पर ध्यान नहीं दे रहा, जिससे उसकी बीमारी निवारक व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं। लोग अस्पताल में बीमारी का उपचार कराने जाते हैं, वहां तो पहले से ही अस्पताल प्रबंधन ने बीमारियां फैलाने की व्यवस्था कर रखी है। वहीं, पार्षद नरेश कुमार ने कहा कि अस्पताल परिसर में डेंगू के प्रति लापरवाही कई मरीजों को और भी गंभीर रूप से बीमार कर सकती है।
डेंगू से बचाएंगी ये सावधानियां
डेंगू से बचाव के लिए चिकित्सा अधिकारी डॉ. रोहित कुमार ने बताया कि अपने आसपास कहीं साफ पानी जमा न होने दें। डेंगू का वायरस हमेशा साफ पानी में पनपता है। अपने घर में जमा कबाड़, प्लास्टिक की बोतल, जानवरों व पक्षियों को पानी पिलाने के लिए रखे प्याले, बाथरूम की टंकी का ढक्कन खुला न हो, बारिश का पानी टायर या पुराने कूलर में जमा न होने पाए और फ्रिज से निकलने वाला पानी जो फ्रिज के पीछे ट्रे में जमा होता है, उसे भी साफ करते रहें। इन सब चीजों को मद्देनजर रखते हुए डेंगू से बचाव किया जा सकता है।
डेंगू के लक्षण दिखने पर करें चिकित्सक से संपर्क
डॉ. रोहित ने बताया कि डेंगू की शिकायत होने पर मरीज को बुखार के साथ ठंड महसूस होगी। आंखों की पुतलियां के पीछे दर्द होगा, शरीर के किसी भी हिस्से से जैसे - दांत, नाक, कान से खून का बहना, शरीर पर लाल चकत्ते बनना और खांसी-जुकाम रहना डेंगू के आम लक्षण हैं। ऐसी कोई भी शिकायत होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। उन्होंने बताया कि डेंगू की टेस्टिंग के लिए जम्मू में ही मरीज को जाना पड़ता है। अरनिया पीएचसी और अन्य स्वास्थ्य केंद्र में डेंगू की जांच नहीं होती। बरसात के मौसम में बुखार होने को हल्के में न लें। घर में साधारण दवाइयां लेने की बजाय चिकित्सक से जांच करवाएं।
खाली बर्तनों में से पानी को हटा दिया जाएगा। सामुदायिक बंकर का भी निरीक्षण किया जाएगा। अगर, उसमें पानी का रिसाव हो रहा है, तो तुरंत इसकी मरम्मत करवाई जाएगी।
- डॉ. प्रेम पाल, इंचार्ज, पीएचसी अरनिया (जोनल मेडिकल ऑफिसर)
बरसात के मौसम में नगरपालिका की तरफ से फॉगिंग और नालों की सफाई करवाई जा रही है। हर गली-मोहल्ले में दवाइयों का छिड़काव किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के दिशा निर्देश पर सारे काम तय समय पर किए जा रहे हैं।
- रवि सैनी, कार्यकारी अधिकारी, अरनिया नगरपालिका