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जम्मू कश्मीर: इसे 15-20 साल पहले आना चाहिए था... महिला आरक्षण विधेयक पर बोले गुलाम नबी आजाद
Mon, 02 Oct 2023 06:13 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Mon, 02 Oct 2023 06:13 PM IST
सार
डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी के प्रमुख गुलाम नबी आजाद ने महिला आरक्षण विधेयक पर कहा कि इस विधेयक को 15-20 साल पहले आना चाहिए था।
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Ghulam Nabi Azad (File)
- फोटो : संवाद
विस्तार
महिला आरक्षण विधेयक पर डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी के प्रमुख गुलाम नबी आजाद ने प्रतिक्रिया दी है। गुलाम नबी आजाद ने कहा कि इस विधेयक को 15-20 साल पहले आना चाहिए था। यूपीए सरकार के दौरान जब इस बिल को लाने की कोशिश की गई तो अपने लोग इसके खिलाफ हो गए थे।
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गुलाम नबी ने आगे कहा, 'यूपीए के दौरान भी हमारे अपनी पार्टी के सदस्य इसके खिलाफ थे। इसलिए कोई सर्वसम्मति नहीं बन पाई थी। अब इसे सर्वसम्मति से पारित किया गया है। इसलिए सरकार और उन सभी राजनीतिक दलों को बधाई जिन्होंने इस पर अपनी सहमति जताई है।
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#WATCH | On Women's Reservation Bill, Democratic Progressive Azad Party chief Ghulam Nabi Azad says, "Indeed, it was delayed. It should have come 15-20 years back, in fact, 30 years back. When efforts were made earlier, even during UPA our own party members were against it. So,… pic.twitter.com/XAbdGYzyGE
— ANI (@ANI) October 2, 2023
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गौरतलब है कि महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 29 सितंबर को मंजूरी दे दी। यह विधेयक 20 सितंबर को लोकसभा और 21 सितंबर को राज्यसभा में पारित हुआ। किसी भी विधेयक के संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद उसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाता है, ताकि वो कानून बन सके।
इस कानून के लागू होने पर लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण मिलेगा। लेकिन 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनावों में महिला आरक्षण लागू होना संभव नहीं है। क्योंकि सरकार ने संसद में कहा कि कानून बनने के बाद पहली जनगणना और फिर परिसीमन में महिला आरक्षित सीटें तय होगी। इसके बाद ही इसे लागू किया जा सकेगा। 2021 में होने वाली जनगणना अब तक नहीं हो सकी है। ऐसे में महिला आरक्षण 2026 से पहले लागू होने की संभावना कम है।
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