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राजस्व दस्तावेज रिकार्ड गायब मामेल में संलिप्त दोषियों को मिले सजा
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जम्मू। जम्मू जिले की बाहु तहसील के अंतर्गत सुंजवां और चौआदी गांवों के कई राजस्व दस्तावेज रिकार्ड से गायब होने का मामला चिंताजनक है। इकजुट जम्मू के अध्यक्ष एडवोकेट अंकुर शर्मा ने इसे जमीन जिहाद बताते हुए सरकार से जांच कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
जम्मू में रविवार को पत्रकार वार्ता में अंकुर शर्मा ने कहा जम्मू में 1990 से ही जमीन जेहाद चल रहा है। हिंदू क्षेत्रों में मुस्लिमों को बसाने के षड्यंत्र के तहत वन भूमि पर अतिक्रमण कर अवैध बस्तियां बसाकर राजस्व दस्तावेज मिलीभगत से गायब किए गए हैं।
रोशनी एक्ट के अंतर्गत जिस वन भूमि पर अतिक्रमण किया गया था। वह दस्तावेज भी गायब बताए जा रहे हैं। यदि ऐसा है तो प्रशासनिक स्तर पर बहुत बड़ी लापरवाही हैं, जो कि आतंकी गतिविधि से कम नहीं है। चौआदी और सुंजवां गांव के भूमि अभिलेख कागजात जिसे भूखंडों के स्वामित्व और नक्शे रहते हैं का गायब होना बहुत बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है।
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उन्होंने कहा यह दोनों गांव मुस्लिम बहुल हैं। सुंजवा के वन क्षेत्र में बठिंडी जैसा शहर बसा दिया गया हैं। इस गांव में मात्र पावर आफ अटार्नी के जरिये संपत्तियों की खरीद-फरोख्त की जाती है। सरकार से मामले में सक्रियता से काम करने की अपील की है, ताकि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके। सनद रहे कि मंडलायुक्त डॉ. राघव लंगर कह चुके हैं कि जिस किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के समय में राजस्व दस्तावेज गायब हुए हैं उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
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जम्मू में रविवार को पत्रकार वार्ता में अंकुर शर्मा ने कहा जम्मू में 1990 से ही जमीन जेहाद चल रहा है। हिंदू क्षेत्रों में मुस्लिमों को बसाने के षड्यंत्र के तहत वन भूमि पर अतिक्रमण कर अवैध बस्तियां बसाकर राजस्व दस्तावेज मिलीभगत से गायब किए गए हैं।
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रोशनी एक्ट के अंतर्गत जिस वन भूमि पर अतिक्रमण किया गया था। वह दस्तावेज भी गायब बताए जा रहे हैं। यदि ऐसा है तो प्रशासनिक स्तर पर बहुत बड़ी लापरवाही हैं, जो कि आतंकी गतिविधि से कम नहीं है। चौआदी और सुंजवां गांव के भूमि अभिलेख कागजात जिसे भूखंडों के स्वामित्व और नक्शे रहते हैं का गायब होना बहुत बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है।
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उन्होंने कहा यह दोनों गांव मुस्लिम बहुल हैं। सुंजवा के वन क्षेत्र में बठिंडी जैसा शहर बसा दिया गया हैं। इस गांव में मात्र पावर आफ अटार्नी के जरिये संपत्तियों की खरीद-फरोख्त की जाती है। सरकार से मामले में सक्रियता से काम करने की अपील की है, ताकि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके। सनद रहे कि मंडलायुक्त डॉ. राघव लंगर कह चुके हैं कि जिस किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के समय में राजस्व दस्तावेज गायब हुए हैं उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।