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जम्मू-कश्मीर में आए तूफान से पीड़ित बासमती किसानों को मिले उचित मुआवजा, उठाई मांग
Sun, 24 Nov 2019 10:09 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Sun, 24 Nov 2019 10:09 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
जम्मू-कश्मीर में सितंबर और अक्तूबर में आए तेज तूफान से बासमती की फसल को हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार प्रभावित किसानों को केंद्र सरकार उचित मुआवजा मुहैया करवाए। तूफान से 40 से 50 फीसदी फसल बर्बाद हो गई है। इस बार किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। यह बात किसान काउंसिल एवं भारतीय कृषक समाज के संगठन सचिव एवं चेयरमैन राजेश बिट्टू ने प्रेस क्लब में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि जम्मू का बासमती देश-विदेश में प्रसिद्ध है। तूफान के कारण फसल खेतों में ही ढह गई। किसानों को इस बार काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं उन्होंने मांग की कि स्कॉस्ट (जे) का नाम बदलकर बाबा जित्तो के नाम पर रखना चाहिए। बाबा जित्तो ने भी बंजर भूमि में फसल बीज कर अच्छी पैदावार की थी। ऐसे में यूनिवर्सिटी का नाम बाबा जित्तो के नाम पर होना चाहिए।
प्रो. कृष्ण वीर चौधरी ने कहा कि स्कॉस्ट को सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दर्जा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों को नई तकनीकों से खेती करने के गुर सिखाए जाने चाहिए। कृषि से राज्य में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। खेतों को सिंचित करने के लिए कदम उठाने चाहिए। काउंसिल की ओर से भी कई बार सरकार को सुझाव दिए गए हैं। किसान बीमा योजना से हर किसान जुड़ना चाहिए।
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राज्य में पशुपालन को ज्यादा महत्व दिया जाए। पशुपालकों को योजनाओं का लाभ समय पर मिले। सीड प्रोडक्शन प्रोग्राम शुरू किया जाए। इससे किसानों को गुणवत्ता युक्त बीज मिल सकेगा। इससे राज्य में पैदावार भी ज्यादा होगी। साथ ही किसानों को मिलने वाली सब्सिडी प्रोडक्शन के हिसाब से दी जाए। इस मौके पर अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि जम्मू का बासमती देश-विदेश में प्रसिद्ध है। तूफान के कारण फसल खेतों में ही ढह गई। किसानों को इस बार काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं उन्होंने मांग की कि स्कॉस्ट (जे) का नाम बदलकर बाबा जित्तो के नाम पर रखना चाहिए। बाबा जित्तो ने भी बंजर भूमि में फसल बीज कर अच्छी पैदावार की थी। ऐसे में यूनिवर्सिटी का नाम बाबा जित्तो के नाम पर होना चाहिए।
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प्रो. कृष्ण वीर चौधरी ने कहा कि स्कॉस्ट को सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दर्जा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों को नई तकनीकों से खेती करने के गुर सिखाए जाने चाहिए। कृषि से राज्य में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। खेतों को सिंचित करने के लिए कदम उठाने चाहिए। काउंसिल की ओर से भी कई बार सरकार को सुझाव दिए गए हैं। किसान बीमा योजना से हर किसान जुड़ना चाहिए।
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राज्य में पशुपालन को ज्यादा महत्व दिया जाए। पशुपालकों को योजनाओं का लाभ समय पर मिले। सीड प्रोडक्शन प्रोग्राम शुरू किया जाए। इससे किसानों को गुणवत्ता युक्त बीज मिल सकेगा। इससे राज्य में पैदावार भी ज्यादा होगी। साथ ही किसानों को मिलने वाली सब्सिडी प्रोडक्शन के हिसाब से दी जाए। इस मौके पर अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।