फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Delimitation in Jammu and Kashmir Lieutenant Governor Manoj Sinha said Those who raised objections put your side in writing before commission

जम्मू-कश्मीर में परिसीमन: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा बोले- आपत्ति जताने वाले आयोग के समक्ष लिखित तौर से रखें अपना पक्ष

Tue, 15 Feb 2022 04:45 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Tue, 15 Feb 2022 04:45 PM IST
सार

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को कहा कि आयोग की अंतरिम रिपाेर्ट पर जिन्हें आपत्ति है, वे लिखित तौर पर अपना पक्ष आयोग के समक्ष रखें। नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) सांसद हसनैन मसूदी ने बताया कि पार्टी ने परिसीमन आयोग के ड्राफ्ट पर अपनी आपत्तियां दर्ज करवा दी हैं।

विज्ञापन
Delimitation in Jammu and Kashmir Lieutenant Governor Manoj Sinha said Those who raised objections put your side in writing before commission
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

परिसीमन आयोग की मसौदा रिपोर्ट पर नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) ने आपत्तियां दर्ज करा दी हैं। भाजपा ने आयोग की रिपोर्ट पर अपने सुझाव दिए हैं। आयोग ने मसौदा रिपोर्ट पर एसोसिएट सदस्यों को 14 फरवरी तक अपने सुझाव व आपत्तियां दर्ज करवाने का समय दिया था।

विज्ञापन


उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को कहा कि आयोग की अंतरिम रिपाेर्ट पर जिन्हें आपत्ति है, वे लिखित तौर पर अपना पक्ष आयोग के समक्ष रखें। आयोग का गठन संसद द्वारा पारित कानून के तहत हुआ है। सिन्हा ने कहा कि चुनाव आयोग स्वायत्त संस्था है। परिसीमन आयोग इसके अधीन काम करता है। किसी को आयोग की सिफारिशों पर आपत्ति है तो वह लिखित तौर पर आपत्तियां और सुझाव आयोग को सीधे भेजें।
विज्ञापन


रिपोर्ट की प्रक्रिया में मूलमंत्रों का उल्लंघन किया : नेकां
नेकां सांसद हसनैन मसूदी ने बताया कि पार्टी ने परिसीमन आयोग के ड्राफ्ट पर अपनी आपत्तियां दर्ज करवा दी हैं। दिल्ली में सोमवार को आयोग के समक्ष 15 पेज की रिपोर्ट में ड्राफ्ट का विरोध किया गया है। इसमें सर्वोच्च न्यायालय में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के मामले के विचाराधीन होने के साथ रिपोर्ट की प्रक्रिया में मूलमंत्रों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हसनैन मसूदी ने बताया कि आयोग के समक्ष रखा गया है कि परिसीमन आयोग की प्रक्रिया जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के तहत की गई है, जबकि जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है और यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसलिए जब न्यायालय से मामले पर कोई फैसला नहीं सुनाया गया है तो परिसीमन आयोग की प्रक्रिया कैसे हो सकती है। इसके साथ परिसीमन प्रक्रिया में आबादी को प्रमुख रूप से आधार बनाया जाता है, लेकिन आयोग की ड्राफ्ट रिपोर्ट में इसका उल्लंघन किया गया है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed