परिसीमन आयोग ने जम्मू-कश्मीर समेत पांच राज्यों से मांगा ब्योरा, बढ़ेंगी सात विधानसभा सीटें
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केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर समेत पांच राज्यों में परिसीमन की तैयारियां तेज हो गई हैं। चुनाव आयोग ने इन राज्यों से 2011 की जनसंख्या व तहसील एवं गांवों की संख्या का विस्तृत ब्योरा 30 जून तक तलब किया है। माना जा रहा है कि आयोग की पहली बैठक जुलाई महीने में हो सकती है। जम्मू-कश्मीर में मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से प्रदेश के सभी जिलों के डीसी को पत्र भेजकर ब्योरा उपलब्ध कराने को कहा गया है।
उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि सभी राज्यों को एक प्रोफार्मा भेजा गया है जिस पर पूरा ब्योरा भरकर भेजना है। इस प्रोफार्मा पर संबंधित तहसीलदारों को सूचनाएं भेजने को कहा गया है। इसमें तहसील, पटवार सर्किल, नगर निगम, गांव का जिक्र करने के साथ ही 2011 की जनसंख्या के हिसाब से अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति की संख्या और उनके प्रतिशत का ब्योरा भी देने को कहा गया है। संबंधित इलाके में जंगल क्षेत्र का उल्लेख करने को भी कहा गया है।
राज्यों को भेजे गए प्रोफार्मा में कहा गया है कि यदि किसी शहर, गांव या इलाके में एससी और एसटी की जनसंख्या शून्य होगी तो उसका भी जिक्र किया जाना है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के एक अधिकारी ने पुष्टि करते हुए बताया कि सभी जिलों से 15 जून तक ब्योरा मांगा गया है। इसके बाद इसे 30 जून तक दिल्ली भेजना है।
जम्मू-कश्मीर में विधानसभा की सात सीटें बढ़ेंगी
जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 के तहत जम्मू-कश्मीर में विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन के बाद सात विधानसभा सीटों की बढ़ोतरी होगी। अब कुल 114 सीटें हो जाएंगी जिसमें 24 सीटें पाक अधिकृत कश्मीर के लिए आरक्षित होंगी।
कुछ दिनों पहले लोकसभा अध्यक्ष ने भाजपा सांसद डॉ. जितेंद्र सिंह व जुगल किशोर शर्मा और नेशनल कांफ्रेंस सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला, मोहम्मद अकबर लोन व जस्टिस हसनैन मसूदी को आयोग का सदस्य नामित किया था। बाद में नेशनल कांफ्रेंस ने आयोग का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया था।