जम्मू संभाग के 279 गांवों से गुजरेगा दिल्ली-कटरा एक्सप्रेस-वे, भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी
केंद्रीय सड़क परिहवन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने दिल्ली-कटरा एक्सप्रेस-वे के नए प्रस्ताव के अनुरूप भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी कर दी है। यह एक्सप्रेस-वे प्रदेश के 279 गांवों से होकर गुजरेगा। जम्मू-कश्मीर में दाखिल होने पर 432.3 किलोमीटर मार्ग से 588.5 किलोमीटर तक इस विस्तारीकरण या फोरलेन के विस्तार से जुड़ी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में अब तेजी आएगी।
कठुआ जिले में कीड़ियां गंडियाल से प्रस्तावित इस एक्सप्रेस-वे के लिए डीपीआर और सर्वे का काम बीते माह ही शुरू हो चुका है। अधिसूचना जारी होने के बाद इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी साथ-साथ पूरी करने की तैयारी है। केंद्रीय राजमार्ग और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में इस महत्वाकांक्षी परियोजना का काम इसी साल से शुरू करने की बात की थी।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, कठुआ जिले से प्रदेश में दाखिल होने वाले इस एक्सप्रेस-वे की जद में कठुआ तहसील के 37 गांव, हीरानगर के 20 गांव और नगरी परोल के छह गांव के साथ-साथ मढ़ीन तहसील के 13 गांवों की जमीन आंशिक रूप से शामिल है। वहीं सांबा जिले में सांबा तहसील के 28, घगवाल तहसील के 14, विजयपुर के 21, बाड़ी ब्राह्मणा के पांच, रामगढ़ का एक और राजपुरा एक गांव शामिल है।
यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीरः क्वारंटीन केंद्र से भाग गए पांच सौ लोग, फिर भागने वालों ने ही लगाए आरोप
प्रदेश में होगी एक्सप्रेस-वे की 157 किलोमीट लंबाई
कठुआ जिले में एक्सप्रेस-वे की लंबाई 43.4 किलोमीटर, सांबा जिले में लगभग 25 किलोमीटर, जम्मू जिले में 72 किलोमीटर तो वहीं रियासी जिले में 16.5 किलोमीटर होगी। साफ है कि प्रदेश में एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई 157 किलोमीटर होगी।
जम्मू जिले में यह एक्सप्रेस-वे अखनूर के एक गांव, आरएस पुरा के आठ, बिश्नाह के 14, दक्षिणी जम्मू के छह, मंडल के 13, खौड़ के दो, पश्चिमी जम्मू के चार, मढ़ के 28, उत्तरी जम्मू के दो, नगरोटा के 11, डंसाल के 11, मैरा मंदड़ियां के एक और भलवाल के छह गांव से होकर गुजरेगा।
यह भी पढ़ेंः जम्मू-कश्मीर में पांच अगस्त से पहले हो सकता है बड़ा हमला, पाकिस्तान ने रची साजिश, निशाने पर ये लोग
उधर, रियासी जिले में कटरा के 26 गांव से होकर देश की राजधानी दिल्ली को माता वैष्णो देवी के आधार शिविर कटरा से जोड़ेगा। जिन जिलों में भूमि अधिग्रहण होना है वहां के उपायुक्तों को पहले ही कलेक्टर भूमि अधिग्रहण नियुक्त किया जा चुका है।
श्री माता वैष्णो देवी के आधार शिविर कटरा को देश की राजधानी दिल्ली से सीधा और काफी कम समय का संपर्क उपलब्ध करवाने वाला यह एक्सप्रेस-वे, जम्मू-कश्मीर के विकास का भी अहम पड़ाव है। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल के साथ ही इस सपने को साकार करने के लिए प्रयास शुरू कर दिए गए थे, जो अब जमीनी हकीकत बनकर लोगों के लिए विकास के द्वार खोलने जा रहे हैं। - डॉ. जितेंद्र सिंह, केंद्रीय राज्यमंत्री