कश्मीर मसले को दिल्ली एकतरफा हल नहीं कर सकता : फारूक अब्दुल्ला
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नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डा. फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि कश्मीर के मुद्दे को नई दिल्ली एकतरफा हल नहीं कर सकता है। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को याद दिलाते हुए कहा कि इस मसले को हल करने के लिए घाटी के सभी वर्गों को साथ लेकर चलना होगा।
हुर्रियत नेताओं को घरों में नजरबंद रखने या गिरफ्तारी करने से हालात और खराब होंगे। इससे कश्मीर का कोई मसला हल नहीं होगा। वह गांदरबल में नेकां-कांग्रेस के संयुक्त चुनाव रैली को संबोधित कर रहे थे। पीडीपी पर निशाना साधते हुए कहा कि नई दिल्ली में बैठे उनके आकाओं के कहने पर अलगाववादियों पर शिकंजा कसना सही निर्णय नहीं है।
अलगाववादी हमेशा की तरह पाकिस्तान उच्चायुक्त के न्योते पर पाकिस्तान दूतावास में आयोजित पाक-डे कार्यक्रम में शामिल होते रहे हैं। सरकार के इस रवैये से मौजूदा गतिरोध और भड़केगा। उन्होंने केंद्र को चेतावनी दी कि वह कश्मीरियों को गुलाम नहीं बना सकते हैं, जिन्होंने कभी दबाव नहीं सहा है।
पीडीपी पर लगाया विश्वासघात का आरोप
कश्मीर के लोग हमेशा अपने सम्मान और गरिमा के लिए संघर्ष करते रहे हैं और दमन के बावजूद भी ऐसा करते रहेंगे। उन्होंने लोगों से एकजुट होकर कश्मीर विरोधी बलों के मंसूबों को विफल बनाने की अपील की।
पीडीपी पर विश्वासघात करने के आरोप लगाते हुए कहा कि पीडीपी 2002 में सत्ता में आई तो उन्होंने उन लोगों से जो बंदूक को बढ़ावा देते थे से वादा किया कि पीडीपी विधानसभा में उनकी आवाज बनेगी।
लेकिन सत्ता में आते ही पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने गांदरबल में सार्वजनिक बैठक में आतंकवादी कमांडरों को खुला संदेश भेजा था कि पीडीपी के सत्ता में आने के बाद उनकी भूमिका समाप्त हो गई है। उन्होंने आतंकवादी कमांडरों और उनके कैडर को पहला निशाना बनाया। पीडीपी ने कश्मीर की जनता को पीछे धकेल दिया है। अपनी गरिमा और सम्मान को पुन: प्राप्त करना लोगों के हाथ में है।
'पीडीपी एक बार फिर लोगों को बेवकूफ बना रही है'
कहा कि 2014 में प्रचार के दौरान पीडीपी ने भाजपा जैसी बाहरी ताकतों को राज्य से बाहर रखने के वादे को लेकर वोट मांगा, लेकिन बाद में उसके साथ ही गठजोड़ कर लिया। अफस्पा को हटाने, पावर प्रोजेक्ट राज्य को लौटाने, युवाओं को नौकरियां और कश्मीरी पंडितों की वापसी को लेकर पीडीपी ने अब तक क्या किया। आगाह किया कि पीडीपी एक बार फिर लोगों को बेवकूफ बना रही है।
उन्हें इस झांसे में नहीं आना चाहिए। पीडीपी के गोली से नहीं बोली से के नारे का मजाक बनाते हुए कहा कि उनके द्वारा युवाओं को गोलियों से निशाना बनाया गया।वरिष्ठ कांग्रेस नेता तारिक हमीद कर्रा ने कहा कि वे लगभग एक साल तक भाजपा से हाथ न मिलाने के लिए मुफ्ती मोहम्मद सईद से कहते रहे, लेकिन वह नहीं मानें। सत्ता के लिए उन्होंने इसे नजरअंदाज किया।
मुफ्ती ने भाजपा को कश्मीर में प्रवेश करने में मदद की और आरएसएस के कार्यकर्ता घाटी में अपना जहर फैलाने के लक्ष्य की सफलता पर उत्साहित महसूस कर रहे हैं। पूर्व सांसद ने मौजूदा खतरे के खिलाफ लोगों को आगाह करते हुए कहा कि चुनाव में श्रीनगर से डा. फारूक अब्दुल्ला और अनंतनाग से गुलाम अहमद मीर को निर्णायक जनादेश देना होगा ताकि आरएसएस को प्रतिरोध का मजबूत संदेश भेजा जाए।