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शहर में पहली बार रामलीला और दशहरा समारोह नहीं होगा
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जम्मू। कोरोना काल के चलते मंदिरों के शहर में पहली बार नवरात्र पर रामलीला और दशहरा समारोह का आयोजन नहीं होगा। शहर में रामलीला के आयोजकों में शामिल सनातन धर्म ड्रामाटिक क्लब दीवान मंदिर ने इस बार रामलीला नहीं करने का फैसला लिया है। श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर ने भी दशहरा समारोह के आयोजन से हाथ पीछे खींच लिए हैं। दूसरी तरफ अभी तक रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले बनाने वाले कारीगर भी नहीं पहुंचे हैं। नहीं तो पुतले बनाने वाले कारीगर नवरात्र से काफी पहले पहुंच जाते थे और काम शुरू कर देते थे। दूसरी तरफ अभी रामलीला कमेटियों ने रिहर्सल भी नहीं शुरू की है, यह काम भी नवरात्र से काफी दिनों पहले शुरू कर दिया जाता था।
17 अक्तूबर से नवरात्र शुरू हो रहे हैं। नौ दिन तक चलने वाले इस पर्व में रामलीला का मंचन किया जाता रहा है। लोगों को इस दिन का बेसब्री से इंतजार रहता है, लेकिन इस बार कोरोना का असर इन दोनों आयोजनों पर भी पड़ गया है।
सनातन धर्म ड्रामाटिक क्लब दीवान मंदिर के अध्यक्ष चेयरमैन युद्धवीर सेठी ने कहा कि इस बार रामलीला का आयोजन नहीं किया जाएगा। कोरोना संक्रमण को देखते हुए क्लब ने यह फैसला लिया है। इस संबंध में 15 अक्तूबर को प्रेस वार्ता भी की जाएगी। वहीं श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर की ओर से नवरात्र पर हर वर्ष दशहरा समारोह का आयोजन किया जाता है, लेकिन इस वर्ष नहीं किया जा रहा है। दशहरा पर पुतले बनने वाले कारीगर भी इस बार नहीं आए हैं। शहर में यह पहला मौका होगा जब दशहरा समारोह का आयोजन नहीं किया जा रहा है।
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प्रशासन का रवैया निराशाजनक
लक्ष्मी नारायण मंदिर मैनेजमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन गुलचैन सिंह चाढ़क ने कहा कि प्रशासन का रवैया निराशाजनक है। ऐसे में हमें इस बार दशहरा समारोह का आयोजन नहीं करने का फैसला लिया है।
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17 अक्तूबर से नवरात्र शुरू हो रहे हैं। नौ दिन तक चलने वाले इस पर्व में रामलीला का मंचन किया जाता रहा है। लोगों को इस दिन का बेसब्री से इंतजार रहता है, लेकिन इस बार कोरोना का असर इन दोनों आयोजनों पर भी पड़ गया है।
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सनातन धर्म ड्रामाटिक क्लब दीवान मंदिर के अध्यक्ष चेयरमैन युद्धवीर सेठी ने कहा कि इस बार रामलीला का आयोजन नहीं किया जाएगा। कोरोना संक्रमण को देखते हुए क्लब ने यह फैसला लिया है। इस संबंध में 15 अक्तूबर को प्रेस वार्ता भी की जाएगी। वहीं श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर की ओर से नवरात्र पर हर वर्ष दशहरा समारोह का आयोजन किया जाता है, लेकिन इस वर्ष नहीं किया जा रहा है। दशहरा पर पुतले बनने वाले कारीगर भी इस बार नहीं आए हैं। शहर में यह पहला मौका होगा जब दशहरा समारोह का आयोजन नहीं किया जा रहा है।
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प्रशासन का रवैया निराशाजनक
लक्ष्मी नारायण मंदिर मैनेजमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन गुलचैन सिंह चाढ़क ने कहा कि प्रशासन का रवैया निराशाजनक है। ऐसे में हमें इस बार दशहरा समारोह का आयोजन नहीं करने का फैसला लिया है।