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Jammu News: बेटियां उच्च शिक्षा की पढ़ाई करें... इग्नू पहली बार सिर्फ छात्राओं के लिए खोलेगा केंद्र
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प्रवेश कुमारी
जम्मू। इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) जम्मू-कश्मीर में पहली बार केवल छात्राओं के लिए लर्नर सेंटर खोलने जा रहा है। यह शिक्षार्थी केंद्र सरकारी महिला कॉलेज (जीसीडब्ल्यू) उधमपुर में खोला जाएगा। इसके अगली साल जनवरी सत्र से शुरू होने की उम्मीद है। प्रस्ताव प्रक्रिया में है। केंद्र के खुल जाने के बाद छात्राओं को यहां से पढ़ाई, विषय चयन, प्रवेश संबंधी तमाम तरह की गाइडेंस सुलभ होगी।
उधमपुर जिले में ऐसी बहुत सी छात्राएं हैं जो किन्हीं कारणों से 12वीं के बाद नहीं पढ़ पातीं। वे कभी आर्थिक तंगी, कभी शादी, कभी परिवार के प्रतिबंध या किसी और कारण से रेगुलर पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर होती हैं। ऐसे में इग्नू का यह केंद्र पढ़ने की इच्छा रखने वाली छात्राओं के लिए ग्रेजुएशन और उसके बाद की पढ़ाई को आगे बढ़ाने में मददगार साबित होगा।
इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट रीजनल डायरेक्टर डॉ. आशा उपाध्याय के अनुसार अभी हाल ही में जीजीएम साइंस कॉलेज में भी इग्नू का शिक्षार्थी केंद्र खोला गया है जो पूरी तरह विज्ञान की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं को समर्पित है।
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रियासी, बुद्धल, सुरनकोट में भी खुलेंगे केंद्र
इग्नू प्रदेश के दूरस्थ स्थानों पर स्थित कॉलेजों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं के लिए भी केंद्र खोलने की तैयारी है। इनमें रियासी, राजोरी के बुद्धल, पुंछ जिले के सुरनकोट जैसे स्थान शामिल हैं। यहां के छात्र-छात्राओं को आगे की पढ़ाई या मनपसंद विषय के लिए दूसरे स्थानों पर जाना पड़ता है। इन जगहों पर केंद्र खुल जाने से उनके लिए सुविधा हो जाएगी।
27 साल हो गए प्रदेश में इग्नू के रीजनल सेंटर को
प्रदेश में इग्नू के रीजनल सेंटर यानी क्षेत्रीय केंद्र को खुले हुए 27 साल हो चुके हैं। इसे जम्मू-कश्मीर प्रदेश सरकार के प्रस्ताव पर वर्ष 1998 में खोला गया था। इस वक्त प्रदेश के विभिन्न कॉलेजों में इसके करीब 35 केंद्र हैं। इसमें प्रवेश के लिए छात्र-छात्राओं को एक डिस्टेंस ब्यूरो आईडी बनानी पड़ती है।
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जम्मू। इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) जम्मू-कश्मीर में पहली बार केवल छात्राओं के लिए लर्नर सेंटर खोलने जा रहा है। यह शिक्षार्थी केंद्र सरकारी महिला कॉलेज (जीसीडब्ल्यू) उधमपुर में खोला जाएगा। इसके अगली साल जनवरी सत्र से शुरू होने की उम्मीद है। प्रस्ताव प्रक्रिया में है। केंद्र के खुल जाने के बाद छात्राओं को यहां से पढ़ाई, विषय चयन, प्रवेश संबंधी तमाम तरह की गाइडेंस सुलभ होगी।
उधमपुर जिले में ऐसी बहुत सी छात्राएं हैं जो किन्हीं कारणों से 12वीं के बाद नहीं पढ़ पातीं। वे कभी आर्थिक तंगी, कभी शादी, कभी परिवार के प्रतिबंध या किसी और कारण से रेगुलर पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर होती हैं। ऐसे में इग्नू का यह केंद्र पढ़ने की इच्छा रखने वाली छात्राओं के लिए ग्रेजुएशन और उसके बाद की पढ़ाई को आगे बढ़ाने में मददगार साबित होगा।
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इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट रीजनल डायरेक्टर डॉ. आशा उपाध्याय के अनुसार अभी हाल ही में जीजीएम साइंस कॉलेज में भी इग्नू का शिक्षार्थी केंद्र खोला गया है जो पूरी तरह विज्ञान की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं को समर्पित है।
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रियासी, बुद्धल, सुरनकोट में भी खुलेंगे केंद्र
इग्नू प्रदेश के दूरस्थ स्थानों पर स्थित कॉलेजों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं के लिए भी केंद्र खोलने की तैयारी है। इनमें रियासी, राजोरी के बुद्धल, पुंछ जिले के सुरनकोट जैसे स्थान शामिल हैं। यहां के छात्र-छात्राओं को आगे की पढ़ाई या मनपसंद विषय के लिए दूसरे स्थानों पर जाना पड़ता है। इन जगहों पर केंद्र खुल जाने से उनके लिए सुविधा हो जाएगी।
27 साल हो गए प्रदेश में इग्नू के रीजनल सेंटर को
प्रदेश में इग्नू के रीजनल सेंटर यानी क्षेत्रीय केंद्र को खुले हुए 27 साल हो चुके हैं। इसे जम्मू-कश्मीर प्रदेश सरकार के प्रस्ताव पर वर्ष 1998 में खोला गया था। इस वक्त प्रदेश के विभिन्न कॉलेजों में इसके करीब 35 केंद्र हैं। इसमें प्रवेश के लिए छात्र-छात्राओं को एक डिस्टेंस ब्यूरो आईडी बनानी पड़ती है।