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आसमानी आपदा: किश्तवाड़ के 20 गांव छह दिन, कठुआ के 60 गांव तीन दिन से अंधेरे में
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-बिजली, पानी आपूर्ति व्यवस्था ठप, नहरें और सड़कें ध्वस्त
-छह विभागों को 625 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान, टीमें सर्वें में जुटीं
सतीश वालिया
जम्मू। बादल फटने के बाद कठुआ में बिजली, पानी, नहरें और सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। किश्तवाड़ में चिशोती गांव सहित 20 गांवों में छह दिन से बिजली-पानी की आपूर्ति ठप है। कठुआ जिला में भी तीन दिन से बिजली-पानी का संकट है। दोनों जिलों में बिजली, पानी, बागवानी, सिंचाई, लोक निर्माण विभाग व शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों को करीब 625 करोड़ रुपये का नुकसान का अनुमान है।
लोक निर्माण विभाग की 75 से ज्यादा छोटी-बड़ी सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। जल शक्ति विभाग की 42 परियोजनाएं पानी में बह गईं। खेतों को भारी नुकसान हुआ है। लोग पीने के लिए पानी के लिए तरस रहे हैं। सड़कें क्षतिग्रस्त होने से पैदल सफर करना पड़ रहा है। प्रशासन ने राहत कार्य तेज किए हैं लेकिन प्रभावित इलाकों में दो से तीन दिनों में बिजली-पानी बहाली की उम्मीद है। बिजली आपूर्ति के लिए अस्थायी प्रबंध किए जा रहे हैं। वहीं, विभागों की टीमें सर्वे में जुट गई हैं। सर्वे रिपोर्ट दो से तीन दिन के अंदर सौंपने के आदेश जारी किए गए हैं।
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42 परियोजनाएं पानी में बहीं
जल शक्ति विभाग की कुल 42 से ज्यादा परियोजनाएं तेज बहाव में बह गईं। लगभग 100 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन है। प्रभावित गांवों में पानी आपूर्ति के लिए काम शुरू हो गया है। दस दिनों के बाद ही आपूर्ति हो पाएगी। जंगलोट, रतनोचक सहित गांव इलाकों में पाइपें बह गई हैं।
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लीची, सेब, अमरूद, अखरोट की फसल बर्बाद
किश्तवाड़ के 20 गांवों में सर्वाधिक सेब की पैदावार सबसे ज्यादा होती है। कुल 2 हेक्टेयर भूमि प्रभावित हुई है। कठुआ में 10 हेक्टेयर में आम, लीची, अमरूद, सेब और अखरोट की पैदावार को नुकसान हुआ है। आठ करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। कठुआ के जखोल, दिलवां, हटली, चक भगवाना और जंगलोट इलाकों में नुकसान हुआ है। मुख्य बागवानी अधिकारी कठुआ अश्वनी शर्मा के अनुसार टीमें आकलन कर रही हैं। करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।
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जंगलोट के पास एक किलोमीटर नहर ध्वस्त
सिंचाई विभाग की ओर से कठुआ के जंगलोट के पास एक किलोमीटर सिंचाई नहर बह गई है। नहर और सब नहरों के क्रेटवालों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। सिंचाई विभाग के अनुसार करीब 12 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
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800 खंभे, 50 ट्रांसफार्मर ढहे, तीन रीसिविंग स्टेशन ध्वस्त
बिजली कारपोरेशन को भारी नुकसान हुआ है। 800 खंभे बह गए हैं। 50 से ज्यादा ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हैं। तीन रीसिविंग स्टेशनों को नुकसान पहुंचा है। प्रभावित इलाकों में बिजली गुल है। पानी की निकासी के बाद ही खंभे और ट्रांसफार्मर लगाने पर काम शुरू हो पाएगा। इसी तरह किश्तवाड़ में 100 खंभों के अलावा 10 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हैं। यहां बिजली बहाली पर काम चल रहा है। विभाग के अनुसार 300 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है।
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15 स्कूलों की चाहरदीवारी, दीवारें क्षतिग्रस्त
शिक्षा विभाग के 15 से ज्यादा स्कूल भी क्षतिग्रस्त हैं। स्कूलों में मलबा जमा है। कुछ स्कूलों में दीवारों को नुकसान हुआ है। स्कूलों में भी अभी मरम्मत कार्य आरंभ होगा। पांच करोड़ रुपये के नुकसान की संभावना है। शिक्षा विभाग की टीमें नुकसान का जायजा ले रही हैं। संयुक्त निदेशक मुश्ताक अहमद ने कहा कि आकलन किया जा रहा है।
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75 से ज्यादा सड़कें टूटीं, 20 पुलों को नुकसान
लोक निर्माण विभाग की 75 से ज्यादा छोटी-बड़ी सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। 20 से ज्यादा पुलों के अलावा पुलियों को भी नुकसान पहुंचा है। औसतन 200 करोड़ रुपये से ज्यादा नुकसान हो चुका है। सड़कें ध्वस्त होने के कारण 60 से ज्यादा गांव शेष क्षेत्र से कटे हैं। इनमें जंगलोट, मुट्ठी जगीर, खोखियाल, चक गधव सहित दर्जनों गांव शामिल हैं।
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कोट
700 से ज्यादा खंभे बहे हैं। इसके अलावा ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हैं। तारें ज्यादा क्षतिग्रस्त हुई हैं। अधिकांश गांवों में बिजली बहाल करने पर काम चल रहा है।
- केके थापा, मुख्य अभियंता, बिजली कारपोरेशन
कोट
75 से ज्यादा सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। 200 करोड़ के नुकसान का अनुमान है। कई परियोजनाएं ध्वस्त हैं। टीमें सर्वे कर रही हैं।
-राजेश गुप्ता, मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग
कोट
42 से ज्यादा परियोजनाएं बह गई हैं। बहाली पर काम चल रहा है। कई जगहों में पाइपें मलबे में दब गई हैं। नहरों को भारी नुकसान पहुंचा है।
- सुनील सेठ, अधीक्षक अभियंता, जल शक्ति विभाग कठुआ
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-छह विभागों को 625 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान, टीमें सर्वें में जुटीं
सतीश वालिया
जम्मू। बादल फटने के बाद कठुआ में बिजली, पानी, नहरें और सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। किश्तवाड़ में चिशोती गांव सहित 20 गांवों में छह दिन से बिजली-पानी की आपूर्ति ठप है। कठुआ जिला में भी तीन दिन से बिजली-पानी का संकट है। दोनों जिलों में बिजली, पानी, बागवानी, सिंचाई, लोक निर्माण विभाग व शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों को करीब 625 करोड़ रुपये का नुकसान का अनुमान है।
लोक निर्माण विभाग की 75 से ज्यादा छोटी-बड़ी सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। जल शक्ति विभाग की 42 परियोजनाएं पानी में बह गईं। खेतों को भारी नुकसान हुआ है। लोग पीने के लिए पानी के लिए तरस रहे हैं। सड़कें क्षतिग्रस्त होने से पैदल सफर करना पड़ रहा है। प्रशासन ने राहत कार्य तेज किए हैं लेकिन प्रभावित इलाकों में दो से तीन दिनों में बिजली-पानी बहाली की उम्मीद है। बिजली आपूर्ति के लिए अस्थायी प्रबंध किए जा रहे हैं। वहीं, विभागों की टीमें सर्वे में जुट गई हैं। सर्वे रिपोर्ट दो से तीन दिन के अंदर सौंपने के आदेश जारी किए गए हैं।
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42 परियोजनाएं पानी में बहीं
जल शक्ति विभाग की कुल 42 से ज्यादा परियोजनाएं तेज बहाव में बह गईं। लगभग 100 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन है। प्रभावित गांवों में पानी आपूर्ति के लिए काम शुरू हो गया है। दस दिनों के बाद ही आपूर्ति हो पाएगी। जंगलोट, रतनोचक सहित गांव इलाकों में पाइपें बह गई हैं।
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लीची, सेब, अमरूद, अखरोट की फसल बर्बाद
किश्तवाड़ के 20 गांवों में सर्वाधिक सेब की पैदावार सबसे ज्यादा होती है। कुल 2 हेक्टेयर भूमि प्रभावित हुई है। कठुआ में 10 हेक्टेयर में आम, लीची, अमरूद, सेब और अखरोट की पैदावार को नुकसान हुआ है। आठ करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। कठुआ के जखोल, दिलवां, हटली, चक भगवाना और जंगलोट इलाकों में नुकसान हुआ है। मुख्य बागवानी अधिकारी कठुआ अश्वनी शर्मा के अनुसार टीमें आकलन कर रही हैं। करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।
जंगलोट के पास एक किलोमीटर नहर ध्वस्त
सिंचाई विभाग की ओर से कठुआ के जंगलोट के पास एक किलोमीटर सिंचाई नहर बह गई है। नहर और सब नहरों के क्रेटवालों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। सिंचाई विभाग के अनुसार करीब 12 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
800 खंभे, 50 ट्रांसफार्मर ढहे, तीन रीसिविंग स्टेशन ध्वस्त
बिजली कारपोरेशन को भारी नुकसान हुआ है। 800 खंभे बह गए हैं। 50 से ज्यादा ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हैं। तीन रीसिविंग स्टेशनों को नुकसान पहुंचा है। प्रभावित इलाकों में बिजली गुल है। पानी की निकासी के बाद ही खंभे और ट्रांसफार्मर लगाने पर काम शुरू हो पाएगा। इसी तरह किश्तवाड़ में 100 खंभों के अलावा 10 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हैं। यहां बिजली बहाली पर काम चल रहा है। विभाग के अनुसार 300 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है।
15 स्कूलों की चाहरदीवारी, दीवारें क्षतिग्रस्त
शिक्षा विभाग के 15 से ज्यादा स्कूल भी क्षतिग्रस्त हैं। स्कूलों में मलबा जमा है। कुछ स्कूलों में दीवारों को नुकसान हुआ है। स्कूलों में भी अभी मरम्मत कार्य आरंभ होगा। पांच करोड़ रुपये के नुकसान की संभावना है। शिक्षा विभाग की टीमें नुकसान का जायजा ले रही हैं। संयुक्त निदेशक मुश्ताक अहमद ने कहा कि आकलन किया जा रहा है।
75 से ज्यादा सड़कें टूटीं, 20 पुलों को नुकसान
लोक निर्माण विभाग की 75 से ज्यादा छोटी-बड़ी सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। 20 से ज्यादा पुलों के अलावा पुलियों को भी नुकसान पहुंचा है। औसतन 200 करोड़ रुपये से ज्यादा नुकसान हो चुका है। सड़कें ध्वस्त होने के कारण 60 से ज्यादा गांव शेष क्षेत्र से कटे हैं। इनमें जंगलोट, मुट्ठी जगीर, खोखियाल, चक गधव सहित दर्जनों गांव शामिल हैं।
कोट
700 से ज्यादा खंभे बहे हैं। इसके अलावा ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हैं। तारें ज्यादा क्षतिग्रस्त हुई हैं। अधिकांश गांवों में बिजली बहाल करने पर काम चल रहा है।
- केके थापा, मुख्य अभियंता, बिजली कारपोरेशन
कोट
75 से ज्यादा सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। 200 करोड़ के नुकसान का अनुमान है। कई परियोजनाएं ध्वस्त हैं। टीमें सर्वे कर रही हैं।
-राजेश गुप्ता, मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग
कोट
42 से ज्यादा परियोजनाएं बह गई हैं। बहाली पर काम चल रहा है। कई जगहों में पाइपें मलबे में दब गई हैं। नहरों को भारी नुकसान पहुंचा है।
- सुनील सेठ, अधीक्षक अभियंता, जल शक्ति विभाग कठुआ