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Jammu News: आपदा झेल चुके बाजारों में अब दरबार मूव से बंधी आस

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darbar move
पुरानी मंडी बाजार। संवाद
फोटो सहित
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दरबार मूव से जम्मू के बाजारों में उम्मीदें जाग उठी हैं। रेजिडेंसी रोड बाजार और पुरानी मंडी बाजार में अब आपदा से प्रभावित कारोबार को राहत की उम्मीद है। व्यापारी वर्ग मानता है कि सचिवालय के साथ आने वाले कर्मचारियों, अधिकारियों और उनके परिवारों से शहर में रौनक लौटेगी। खरीदारी बढ़ेगी और कारोबार में तेजी आएगी। लंबे समय तक सुस्त पड़े व्यापार को दरबार मूव एक नई ऊर्जा दे सकता है। जम्मू के प्रमुख बाजारों में तैयारी जोरों पर हैं। व्यापारी सजावट, डिस्काउंट ऑफर और नए स्टॉक लाकर ग्राहकों को आकर्षित करने में जुटे हैं।

संवाद न्यूज एजेंसी

रेजिडेंसी रोड बाजार
बाजार में हैं फर्नीचर की 50 दुकानें है
चार साल से इस पल का इंतजार
जम्मू। रेजिडेंसी रोड ट्रेडर्स एसोसिएशन की प्रधान पूजा कपूर के अनुसार चार सालों से इस पल का इंतजार था। दरबार मूव की परंपरा काफी पुरानी है। इसे अचानक से बंद कर देने से व्यापार को काफी नुकसान पहुंचा है। उम्मीद है कि इस साल से दरबार वापसी पिछले चार साल से हो रहे नुकसान को धीरे-धीरे पूरा कर देगी। बाजार में मुख्यता फर्नीचर की दुकानें हैं। जब कर्मचारी परिवार से साथ आएंगे तो खरीदारी भी करेंगे।
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दुकानदार गोकुल गुप्ता का कहना है कि जब से दरबार का जम्मू आना बंद हुआ है तब से बाजारों में इन महीनों में खरीदारी में काफी कमी आ गई थी। पुराने समय से इन दिनों में बाजारों में कश्मीर से आने वाले ग्राहकों का प्रवाह अधिक रहता था। दरबार वापसी का फैसला काफी अहम भूमिका निभाता है स्थानीय व्यापार में बिक्री बढ़ जाती है।
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तरुण दत्ता का कहना है कि दरबार वापसी का फैसला सुनते ही बाजार में लोगों ने पहले की तरह कश्मीरी खरीदारों को मद्देनजर रखते हुए तैयारियां शुरू कर दी हैं। न केवल इस एक बाजार में बल्कि शहर के हर बाजार में रौनक बड़ जाती है। पर इन चार सालों में काफी परिस्थितियां बदल चुकी है। दरबार आने के बाद के महीनों में ही सही पता लग पाएगा।
फर्नीचर कारोबारी अनिल गुप्ता के अनुसार लगभग 43 साल से दुकान कर रहे हैं। कई सालों से दरबार मूव को देख रहे हैं। स्थानीय बाजारों को इन महीनों से काफी उम्मीद रहती है। चार साल तक काफी नुकसान झेला है। उम्मीद है कि इस साल से दोबारा शुरू हुई दरबार मूव की परंपरा कामकाज में तेजी लाएगी। संवाद

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पुरानी मंड़ी बाजार
बाजार में हैं 110 दुकानें
कपडा, घड़ी, जूतों की दुकानें हैं बाजार में
पार्किंग की व्यवस्था दुरुस्त करे सरकार


जम्मू। पुरानी मंडी बिजनेसमैन एसोसिएशन के प्रधान जंग बहादुर का कहना है दरबार मूव से न केवल कर्मचारी आते हैं बल्कि उनके साथ परिवार वाले और रिश्तेदार भी आते हैं। लगभग चार-पांच लाख आबादी बढ़ जाती है। इससे बाजारों में खरीदारी भी बढ़ जाती है। छोटे से लेकर बड़ा हर सामान खरीदा जाता है। इससे कामकाज में काफी तेजी आ जाती है। इन दिनों त्योहारों के साथ दरबार मूव में आए लोगों की वजह से बाजार के काम में काफी उछाल आता है। कपड़ा व्यापारी अशोक वर्मा के अनुसार दरबार के साथ लाखों की संख्या में शहर की आबादी कुछ महीनों के लिए बढ़ जाएगी। बाजारों में भी खूब रौनक रहेगी लेकिन कहीं न कहीं पुराने शहर के बाजारों में पर्याप्त पार्किंग की सुविधा न होने की वजह से कुछ कमी रह जाती है। सरकार को इस तरफ भी ध्यान देना चाहिए। बारिश, बाढ़ जैसी आपदाओं का नुकसान शहर पहले झेल चुका है। कम से कम दरबार मूव से कामकाज में तेजी आने की उम्मीद है। इस दौरान व्यापार करने में किसी तरह की कोई बाधा न हो।

दुकानदार हनी शर्मा का कहना है कि सरकार ने खुद का खर्चा तो इन चार सालों में बचा लिया पर व्यापार को दस गुना ज्यादा नुकसान पहुंचा दिया। अब फिर से दरबार मूव शुरू करना स्थानीय लोगों और व्यापार के हित में है। राजनाथ रैना के अनुसार शहर की हर गली में रौनक लौटती है। ग्राहक हर बाजार में आता है। काफी सारे लोग जब एक शहर में रहने आएंगे तो व्यापार तो बढ़ेगा। चार साल पहले भी ऐसा ही होता था। फिर से उम्मीद है कि पहले की तरह कामकाज फिर से तेजी पकड़ेगा। संवाद
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