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कश्मीरः जल्द ही संवेदनशील क्षेत्र घोषित होगी डल झील, इस वजह से लिया जा रहा यह फैसला
Fri, 14 Feb 2020 05:59 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Fri, 14 Feb 2020 05:59 PM IST
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डल झील
- फोटो : अमर उजाला
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जम्मू कश्मीर में श्रीनगर स्थित डल झील और इसके आसपास का इलाका जल्द ही संवेदशील क्षेत्र घोषित किया जाएगा। पर्यवारण के लिहाज से ऐसा कदम उठाया जा रहा है। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि डल झील और आसपास के इलाके में प्रदूषण और अतिक्रमण के चलते झील अपने मूल आकार के आधे से भी कम रह गया है। अधिकारियों के मुताबिक इसकी क्षमता में चालीस फीसदी की कमी आई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि डल झील के साथ ही अन्य झीलों पर विशेषज्ञों की एक टीम 20 फरवरी तक अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।
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यह रिपोर्ट आवास एवं शहरी विकास विभाग को सौंपी जाएगी। उन्होंने बताया कि समिति की सिफारिश 29 फरवरी तक केंद्र सरकार को भेज दी जाएगी। कहा कि उम्मीद है कि डल झील और इसके आसपास का इलाका मार्च के पहले हफ्ते में पर्यावरण के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र घोषित हो जाएगा।
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नवंबर में जम्मू कश्मीर प्रशासन ने झील के सिकुड़ते आकार पर चिंताओं के बाद डल झील और उसके आसपास के क्षेत्रों को पर्यावरण के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र घोषित करने के लिए एक 10 सदस्यीय समिति का गठन किया था।अधिकारियों की समिति ने बुधवार को झील और उसके आसपास के क्षेत्र को ईएसजेड घोषित करने के लिए मसौदा अधिसूचना की समीक्षा की।
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ड्रेजिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के 2017 के आकलन के अनुसार प्रदूषण और अतिक्रमण के परिणामस्वरूप डल झील 22 वर्ग किलोमीटर के अपने मूल क्षेत्र से सिकुड़कर लगभग 10 वर्ग किलोमीटर हो गई है। डीसीआई के आकलन में यह भी पाया गया है कि अनुपचारित सीवेज और झील में बहने वाले ठोस अपशिष्ट पदार्थों, जल चैनलों और अतिक्रमणों के अतिक्रमण से तीव्र प्रदूषण ने झील में परिसंचरण और प्रवाह को कम कर दिया है, जिससे जल जलकुंभी का व्यापक विकास हुआ है।