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जलशक्ति विभाग का अस्थायी कर्मी बच्चों को दे रहा तैराकी के टिप्स
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सांबा की मंडी थलोरा के तालाब में बच्चे तैराकी सीखते हुए
- फोटो : SAMBA
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सांबा। मंडी थलोरा के जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारी राजीव सिंह छोटे बच्चों को तैराकी के गुण सिखाने में जुटे हैं। वह अब तक 50 बच्चों को तैराक बना चुके हैं। उनकी इस लगन और सेवा की हर तरफ से प्रशंसा की जा रही है।
राजीव सिंह ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान मंडी थलोरा के तालाब में नहाने के लिए आते थे। वह अपने बच्चों को भी साथ लाते थे। बच्चे पानी में तैरने के उत्सुक थे। उन्होंने पहले बच्चों को तैराकी सिखानी शुरू की। उनको देख कर आहिस्ता-आहिस्ता मंडियों के बच्चे भी उनके पास आने लगे। उन्होंने तालाब में बच्चों को तैराकी के टिप्स देने शुरू किए। बच्चों का उत्साह देख कर उन्हें भी लगा कि बच्चों को तैराक बना कर ही रहेंगे। इसको लेकर उन्होंने मंडी के साथ संगवाली मंडी के बच्चों को तालाब में तैरना सिखाना शुरू किया। इससे बच्चे भी तैराक बन गए। आज एक दर्जन बच्चे हर रोज उनके पास आकर तैरना सीख रहे हैं। राजीव ने कहा कि तालाब में चार फुट तक पानी में ही बच्चों को तैरने की कला सिखाई जा रही है। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों को तैरते देख अन्य युवक भी पानी में तैरना सीखने पहुंच रहे हैं।
राजीव के अनुसार इसी तालाब में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर पानी में बड़ी-बड़ी झांकियां निकाली जाती हैं, जबकि इसी तालाब में आधा दर्जन युवकों ने तैराकी के गुर सीखे हैं। जो अब कुशल तैराक बन चुके हैं। राजीव सिंह ने कहा कि जलशक्ति विभाग में अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल चल रही है। इसका फायदा बच्चों को तैराकी सिखाने में दिया जा रहा है।
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राजीव सिंह ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान मंडी थलोरा के तालाब में नहाने के लिए आते थे। वह अपने बच्चों को भी साथ लाते थे। बच्चे पानी में तैरने के उत्सुक थे। उन्होंने पहले बच्चों को तैराकी सिखानी शुरू की। उनको देख कर आहिस्ता-आहिस्ता मंडियों के बच्चे भी उनके पास आने लगे। उन्होंने तालाब में बच्चों को तैराकी के टिप्स देने शुरू किए। बच्चों का उत्साह देख कर उन्हें भी लगा कि बच्चों को तैराक बना कर ही रहेंगे। इसको लेकर उन्होंने मंडी के साथ संगवाली मंडी के बच्चों को तालाब में तैरना सिखाना शुरू किया। इससे बच्चे भी तैराक बन गए। आज एक दर्जन बच्चे हर रोज उनके पास आकर तैरना सीख रहे हैं। राजीव ने कहा कि तालाब में चार फुट तक पानी में ही बच्चों को तैरने की कला सिखाई जा रही है। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों को तैरते देख अन्य युवक भी पानी में तैरना सीखने पहुंच रहे हैं।
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राजीव के अनुसार इसी तालाब में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर पानी में बड़ी-बड़ी झांकियां निकाली जाती हैं, जबकि इसी तालाब में आधा दर्जन युवकों ने तैराकी के गुर सीखे हैं। जो अब कुशल तैराक बन चुके हैं। राजीव सिंह ने कहा कि जलशक्ति विभाग में अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल चल रही है। इसका फायदा बच्चों को तैराकी सिखाने में दिया जा रहा है।
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