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सावन माह की संक्रांति का दिन शुरू
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सांबा/ घगवाल। सावन माह की संक्रांति का दिन शुक्रवार से शुरू हो गया। इसके चलते श्रद्धालुओं ने जिले के धार्मिक स्थलों पर पहुंच कर पूजा अर्चना की और सरोवर में स्नान किया। जिले के तरेली के बब्बर नदी में श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई और गंगा माई के मंदिर में पूजा अर्चना की।
सुंब के बाबा गोरण में बाबा शिवो के दरबार में भी श्रद्धालुओं ने हाजिरी लगाई। उधर घगवाल में स्थित श्री नृसिंह मंदिर में माथा टेक कर विश्व कल्याण की कामना की। पंडित सोनू ने बताया कि जिस दिन सूरज कर्क राशि में प्रवेश करता है, उसी दिन से सावन माह आरंभ हो जाता है। पंडित दीपक मिश्रा ने बताया कि यूं तो शिव भोले हैं, इसलिए भक्तों की थोड़ी सी भक्ति से ही प्रसन्न हो जाते हैं, लेकिन भोले शिव की आराधना का विशेष माह सावन होता है। इसमें भोले के रूद्राभिषेक का विशेष महत्व है। सावन माह का पहला सोमवार 19 जुलाई को है। इस माह में पांच सोमवार आते हैं कहते हैं कि जो मनुष्य सच्चे हृदय से सावन माह में शिव पूजा व शिव व्रत करता है उसे मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। इसके चलते शुक्रवार को शिव भक्तों ने मंदिरों में जाकर माथा टेका।
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सुंब के बाबा गोरण में बाबा शिवो के दरबार में भी श्रद्धालुओं ने हाजिरी लगाई। उधर घगवाल में स्थित श्री नृसिंह मंदिर में माथा टेक कर विश्व कल्याण की कामना की। पंडित सोनू ने बताया कि जिस दिन सूरज कर्क राशि में प्रवेश करता है, उसी दिन से सावन माह आरंभ हो जाता है। पंडित दीपक मिश्रा ने बताया कि यूं तो शिव भोले हैं, इसलिए भक्तों की थोड़ी सी भक्ति से ही प्रसन्न हो जाते हैं, लेकिन भोले शिव की आराधना का विशेष माह सावन होता है। इसमें भोले के रूद्राभिषेक का विशेष महत्व है। सावन माह का पहला सोमवार 19 जुलाई को है। इस माह में पांच सोमवार आते हैं कहते हैं कि जो मनुष्य सच्चे हृदय से सावन माह में शिव पूजा व शिव व्रत करता है उसे मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। इसके चलते शुक्रवार को शिव भक्तों ने मंदिरों में जाकर माथा टेका।
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