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शहीद भगत अमरनाथ को 51 में बलिदान दिवस पर याद किया
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आरएस पुरा। बहुजन समाज पार्टी ने गांव सलेड में मंगलवार को कार्यक्रम कर भगत अमरनाथ को पुण्यतिथि पर याद किया। उनके द्वारा किए गए कार्यों को याद किया। बसपा नेता तिलक राज भगत कहा कि वर्ष 1970 में भगत अमरनाथ जम्मू-कश्मीर में आरक्षण के लिए धरने पर बैठे। जम्मू-कश्मीर में अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग को आरक्षण मिलना भगत अमरनाथ के बलिदान का फल है।
उन्होंने कहा कि एक समय था कि देश के हर राज्य में आरक्षण मिलना शुरू हो चुका था, लेकिन जम्मू-कश्मीर में 1970 में भी आरक्षण शुरू नहीं हो पाया था। तब भगत अमरनाथ ने सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ा और समाज के अधिकार के लिए अपनी जान दी। बाद में सरकार को जम्मू-कश्मीर में आरक्षण लागू करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि हमें अपने अधिकार के लिए लड़ने की जरूरत है। भगत अमरनाथ ने जो बलिदान दिया उसे भुलाया नहीं जा सकता और हमें ऐसे नेताओं के दिखाए मार्ग पर चलकर संघर्ष करने की जरूरत है।
इस मौके पर सरपंच प्रताप सिंह, पूर्व पंच बोधराज, मोहिंदर लाल, पंच जसपाल सहित काफी संख्या में क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने भगत अमरनाथ को श्रद्धांजलि दी।
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उन्होंने कहा कि एक समय था कि देश के हर राज्य में आरक्षण मिलना शुरू हो चुका था, लेकिन जम्मू-कश्मीर में 1970 में भी आरक्षण शुरू नहीं हो पाया था। तब भगत अमरनाथ ने सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ा और समाज के अधिकार के लिए अपनी जान दी। बाद में सरकार को जम्मू-कश्मीर में आरक्षण लागू करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि हमें अपने अधिकार के लिए लड़ने की जरूरत है। भगत अमरनाथ ने जो बलिदान दिया उसे भुलाया नहीं जा सकता और हमें ऐसे नेताओं के दिखाए मार्ग पर चलकर संघर्ष करने की जरूरत है।
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इस मौके पर सरपंच प्रताप सिंह, पूर्व पंच बोधराज, मोहिंदर लाल, पंच जसपाल सहित काफी संख्या में क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने भगत अमरनाथ को श्रद्धांजलि दी।